Cointelegraph
DOGE$0.09954 2.09%
TRX$0.3507 3.92%
LINK$8.98 1.78%
ZEC$535.72 1.57%
ADA$0.235 2.37%
BCH$304.82 6.58%
XRP$1.31 2.37%
ETH$2,013 1.83%
BTC$73,645 0.99%
XMR$359.56 5.82%
BNB$638.16 0.60%
XLM$0.2096 19.45%
SOL$82.01 1.69%
HYPE$61.37 7.04%
Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखित ⁠, Staff Writer.Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षित ⁠, Staff Editor.

फरवरी में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 3.2%, जानिए क्यों बढ़ी

ताजा खबरेंप्रकाशितMar 13, 2026

फरवरी में देश की खुदरा महंगाई बढ़कर 3.21% हो गई। खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि इसका मुख्य कारण रही।

india-retail-inflation-rises-february-2026

देश में महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21% हो गई, जो जनवरी में 2.74% थी। यह आंकड़ा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर जारी किया गया है, जिसके माध्यम से रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को मापा जाता है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई में यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई है। फरवरी में खाद्य महंगाई दर बढ़कर लगभग 3.47% तक पहुंच गई, जबकि जनवरी में यह लगभग 2.13% थी। खाद्य वस्तुओं का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बड़ा हिस्सा होने के कारण इनके दामों में बदलाव का समग्र महंगाई पर सीधा असर पड़ता है।

राहत की बात

हालांकि राहत की बात यह है कि महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित दायरे के भीतर बनी हुई है। भारतीय रिज़र्व बैंक का मध्यम अवधि का लक्ष्य महंगाई को 4% के आसपास रखना है, जिसमें 2% की ऊपर-नीचे की सीमा निर्धारित की गई है। वर्तमान दर इस लक्ष्य से नीचे है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कीमतों पर कुल दबाव अभी नियंत्रित स्थिति में है।

सरकारी आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महंगाई में बढ़ोतरी देखी गई है। फरवरी में ग्रामीण महंगाई दर लगभग 3.37% और शहरी महंगाई दर लगभग 3.02% दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि कीमतों का असर देश के लगभग सभी हिस्सों में महसूस किया जा रहा है।

आवास की लागत में हल्की वृद्धि

विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के विश्लेषण से पता चलता है कि खाद्य और पेय पदार्थों के अलावा व्यक्तिगत देखभाल की वस्तुओं और कीमती धातुओं के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा आवास और कुछ सेवाओं की लागत में भी हल्की वृद्धि देखी गई, जबकि ईंधन से जुड़ी श्रेणी में महंगाई अपेक्षाकृत कम रही।

क्या आप जानते हैं: बिटकॉइन नेटवर्क ने बनाया 2 करोड़वां कॉइन, अब सिर्फ 10 लाख माइनिंग बाकी

विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत में महंगाई की दिशा तय करने वाला प्रमुख कारक बना रहता है। सब्जियों, अनाज और दालों के दामों में बदलाव का सीधा असर महंगाई के आंकड़ों पर पड़ता है। वहीं कुछ खाद्य वस्तुओं जैसे लहसुन, प्याज और आलू की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई, जिससे महंगाई पर दबाव कुछ हद तक कम हुआ।

वैश्विक परिस्थितियों का महंगाई पर असर

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले महीनों में वैश्विक परिस्थितियों का असर भी महंगाई पर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव से आयात लागत बढ़ सकती है, जिसका असर भारत जैसे ऊर्जा आयातक देश की महंगाई पर भी पड़ने की आशंका है।

इसके अलावा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा लागत और घरेलू मांग जैसे कारक भी महंगाई की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए नीति निर्माताओं और केंद्रीय बैंक की नजर आने वाले महीनों के आर्थिक संकेतकों पर बनी हुई है।

निष्कर्ष

फरवरी में खुदरा महंगाई दर में मामूली वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन यह अभी भी केंद्रीय बैंक के लक्ष्य दायरे में बनी हुई है। खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव महंगाई का प्रमुख कारण बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति स्थितियों में अस्थिरता बढ़ती है तो आने वाले महीनों में महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए आर्थिक नीति निर्माताओं के लिए सतर्कता बनाए रखना आवश्यक होगा।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://cointelegraph.in/editorial-policy

इस विषय पर अधिक