Cointelegraph
XMR$390.38 3.63%
LINK$9.52 3.09%
DOGE$0.1032 2.89%
ADA$0.2444 1.73%
BTC$76,915 2.55%
ZEC$659.43 11.78%
SOL$86.21 3.69%
XRP$1.36 2.17%
BCH$352.08 1.66%
ETH$2,118 3.71%
HYPE$64.03 13.81%
TRX$0.3656 1.80%
BNB$659.49 2.73%
द्वारा लिखित Pratik Bhuyan⁠, Staff Editor. द्वारा समीक्षित Pratik Bhuyan⁠, Staff Editor.

₹43 लाख की नौकरी ठगी से ₹3,200 करोड़ नेटवर्क तक

ताजा खबरप्रकाशितMay 19, 2026

भारत में क्रिप्टो धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बेंगलुरु में ₹43 लाख की नौकरी ठगी और देहरादून के कथित ₹3,200 करोड़ नेटवर्क ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

india-crypto-fraud-crisis-job-scam-botbro-network

भारत में डिजिटल निवेश और क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ऑनलाइन ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 48 घंटों में सामने आए दो बड़े मामलों ने यह दिखा दिया है कि देश में क्रिप्टो धोखाधड़ी अब छोटे स्तर की ठगी से निकलकर संगठित नेटवर्क का रूप ले चुकी है।

एक तरफ बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से फर्जी पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर ₹43.48 लाख की ठगी हुई, वहीं दूसरी तरफ देहरादून में सामने आए ₹25 करोड़ के निवेश घोटाले की जांच कथित ₹3,200 करोड़ के Botbro नेटवर्क से जुड़ती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों मामलों में इस्तेमाल किया गया तरीका लगभग एक जैसा था।

नौकरी के ऑफर से शुरू हुई ₹43 लाख की ठगी

बेंगलुरु का मामला दिखाता है कि साइबर अपराधी अब सीधे निवेश का लालच देने के बजाय नौकरी के बहाने लोगों को फंसाने लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित इंजीनियर को WhatsApp पर पार्ट टाइम काम का संदेश मिला, जिसमें Amazon products को rating देने जैसे छोटे ऑनलाइन काम करने के बदले पैसे देने का वादा किया गया।

शुरुआत में पीड़ित को छोटे भुगतान भी किए गए ताकि भरोसा बन सके। बाद में उसे Telegram समूह में जोड़ा गया और कथित क्रिप्टो ट्रेडिंग से बड़े मुनाफे दिखाए गए। इसके बाद उसे एक नकली Coinbase लिंक के जरिए निवेश करने के लिए कहा गया।

जैसे जैसे रकम बढ़ती गई, ऐप पर नकली मुनाफा दिखाया जाता रहा। लेकिन जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो processing fee, tax और verification charge के नाम पर लगातार नई रकम मांगी गई। आखिरकार इंजीनियर को समझ आया कि उसके साथ ठगी हो चुकी है और तब तक ₹43.48 लाख जा चुके थे।

देहरादून से खुला बड़े नेटवर्क का सुराग

दूसरा मामला उत्तराखंड के देहरादून से सामने आया, जहां निवेशकों से ₹20 से ₹25 करोड़ तक की ठगी का आरोप लगा है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह मामला कथित Botbro नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिस पर कई राज्यों में जांच चल रही है।

शिकायत के अनुसार निवेशकों को Botbro, Cross Market और Mine Crypto जैसे प्लेटफॉर्म्स में पैसा लगाने के लिए कहा गया। लोगों को हर महीने 5 से 10 प्रतिशत तक रिटर्न का वादा किया गया। शुरुआत में ₹10,000 का लाइसेंस शुल्क लिया गया और फिर बड़े निवेश के लिए दबाव बनाया गया।

क्या आप जानते हैं: भूटान ने Bitcoin बिक्री की खबरों को बताया गलत, सरकारी रिजर्व अब भी सुरक्षित

कुछ समय तक लोगों को भरोसा दिलाया गया कि उनका पैसा सुरक्षित है और छह महीने बाद मूल रकम निकाली जा सकती है। लेकिन अक्टूबर 2025 में प्लेटफॉर्म अचानक बंद हो गया और निवेशकों का पैसा फंस गया। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में क्रिप्टो धोखाधड़ी अब तेजी से संगठित रूप ले रही है। फर्जी निवेश ऐप, deepfake वीडियो, नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और Telegram समूहों के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

हाल ही में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दूसरे राज्यों में भी करोड़ों रुपये की ऐसी ठगी सामने आई है। कई मामलों में अपराधियों ने शुरुआती निवेश पर छोटा मुनाफा देकर लोगों का भरोसा जीता और बाद में बड़ी रकम निकलवा ली।

विश्लेषकों का कहना है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स ने ऐसे नेटवर्क के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। अब ठग सीधे लोगों के फोन तक पहुंच रहे हैं और निजी बातचीत के जरिए विश्वास बना रहे हैं।

क्यों फंस रहे हैं लोग

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे मामलों में सबसे पहले भरोसा बनाया जाता है। शुरुआत में छोटे भुगतान किए जाते हैं ताकि पीड़ित को लगे कि प्लेटफॉर्म असली है। इसके बाद धीरे धीरे निवेश बढ़वाया जाता है।

कई बार ऐप या वेबसाइट पर नकली profit dashboard दिखाया जाता है, जिससे लोगों को लगता है कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन जैसे ही निकासी की कोशिश होती है, नए शुल्क और टैक्स के नाम पर रकम मांगी जाती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की बातचीत आधारित ठगी तेजी से बढ़ रही है और अपराधी लोगों की मानसिकता को समझकर उन्हें धीरे धीरे जाल में फंसाते हैं।

निवेशकों के लिए क्या चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान WhatsApp नौकरी ऑफर, guaranteed return या Telegram निवेश समूह से सावधान रहना बेहद जरूरी है।

निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की आधिकारिक वेबसाइट, पंजीकरण और नियामकीय स्थिति की जांच करनी चाहिए। किसी भी लिंक पर सीधे क्लिक करने के बजाय वेबसाइट का पता खुद टाइप करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

भारत में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल निवेश के साथ सतर्कता भी उतनी ही जरूरी हो चुकी है।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://cointelegraph.in/editorial-policy

इस विषय पर अधिक