क्रिप्टो आधारित प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म Polymarket ने अगस्त 2025 के बाद पहली बार मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट दर्ज की है। हालांकि गिरावट के बावजूद प्लेटफॉर्म पर अरबों डॉलर की गतिविधि जारी रही, जिससे साफ है कि प्रेडिक्शन मार्केट सेक्टर अभी भी तेजी से बढ़ रहा है।
फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रेडिक्शन मार्केट सेक्टर का कुल वॉल्यूम लगभग 23.4 अरब डॉलर रहा। यह पिछले महीनों की तुलना में कम जरूर है, लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट इसे बाजार की कमजोरी नहीं बल्कि एक सामान्य ठहराव मान रहे हैं।
Super Bowl के बाद कम हुई गतिविधि
रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी की सबसे बड़ी वजह Super Bowl जैसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स का खत्म होना रहा। पिछले कुछ महीनों में स्पोर्ट्स और चुनाव से जुड़े बाजारों में भारी ट्रेडिंग देखने को मिली थी, जिसने Polymarket समेत कई प्लेटफॉर्म की गतिविधि को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेडिक्शन मार्केट्स में बड़े इवेंट्स का सीधा असर ट्रेडिंग पर पड़ता है। जब कोई बड़ा राजनीतिक, खेल या आर्थिक इवेंट होता है, तब यूजर्स की भागीदारी तेजी से बढ़ जाती है। इवेंट खत्म होने के बाद वॉल्यूम में अस्थायी गिरावट सामान्य मानी जाती है।
Kalshi ने बढ़ाई चुनौती
जहां Polymarket की ग्रोथ धीमी हुई, वहीं अमेरिकी रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म Kalshi ने फरवरी में लगभग 9.8 अरब डॉलर का ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया। यह जनवरी के मुकाबले ज्यादा था। इसी वजह से Kalshi अब प्रेडिक्शन मार्केट इंडस्ट्री में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
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हालांकि सक्रिय यूजर्स और कुल ट्रांजैक्शन के मामले में Polymarket अब भी सबसे आगे बना हुआ है। प्लेटफॉर्म पर छोटे और रिटेल ट्रेडर्स की संख्या काफी ज्यादा है, जिससे इसकी गतिविधि लगातार बनी रहती है।
Polymarket क्यों बना हुआ है चर्चा में
Polymarket पिछले कुछ वर्षों में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। यह एक ब्लॉकचेन आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां लोग भविष्य की घटनाओं पर दांव लगाते हैं। इनमें चुनाव परिणाम, खेल मुकाबले, आर्थिक फैसले, युद्ध और क्रिप्टो कीमतों से जुड़े सवाल शामिल होते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि Polymarket की लोकप्रियता का बड़ा कारण इसका रियल टाइम डेटा और बाजार आधारित अनुमान मॉडल है। कई निवेशक इसे पारंपरिक सर्वे और ओपिनियन पोल से ज्यादा तेज और डायनामिक मानते हैं।
हालांकि प्लेटफॉर्म को लेकर विवाद भी लगातार बढ़े हैं। हाल के महीनों में कई मामलों में इनसाइडर ट्रेडिंग, मार्केट मैनिपुलेशन और संवेदनशील घटनाओं पर सट्टेबाजी को लेकर सवाल उठे हैं। कुछ देशों ने Polymarket पर प्रतिबंध भी लगाया है।
विशेषज्ञों ने गिरावट को बताया सामान्य
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि लगातार कई महीनों की तेज ग्रोथ के बाद किसी भी सेक्टर में थोड़ी गिरावट आना सामान्य बात है। उनका मानना है कि प्रेडिक्शन मार्केट इंडस्ट्री अभी भी विस्तार के शुरुआती दौर में है और आने वाले समय में इसमें और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कुछ रिसर्च रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि Polymarket जैसे प्लेटफॉर्म अब सिर्फ चुनाव या राजनीति तक सीमित नहीं हैं। खेल, क्रिप्टो, AI, युद्ध और ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़े बाजारों में भी तेजी से रुचि बढ़ रही है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख
फिलहाल बाजार की नजर आने वाले बड़े राजनीतिक और आर्थिक इवेंट्स पर टिकी हुई है। अगर आने वाले महीनों में नए हाई प्रोफाइल इवेंट्स सामने आते हैं, तो प्रेडिक्शन मार्केट्स में फिर तेज उछाल देखा जा सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि Polymarket की मौजूदा गिरावट लंबे समय की कमजोरी का संकेत नहीं है। इसके बजाय इसे बाजार के स्थिर होने और नई दिशा तलाशने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
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