Cointelegraph
Pratik Bhuyan
लेखक: Pratik Bhuyanस्टाफ संपादक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

अमेरिकी इतिहास में पहली बार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्ताक्षर होंगे करेंसी पर

अमेरिका में पहली बार मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्ताक्षर डॉलर नोट पर दिखाई देंगे। 165 साल पुरानी परंपरा में बदलाव को लेकर बहस भी तेज हो गई है।

अमेरिकी इतिहास में पहली बार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्ताक्षर होंगे करेंसी पर
ताज़ा ख़बर

अमेरिका में एक ऐतिहासिक और चर्चा का विषय बन चुका फैसला सामने आया है। देश के वित्त विभाग ने घोषणा की है कि अब अमेरिकी डॉलर नोट पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्ताक्षर दिखाई देंगे। यह पहली बार होगा जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अमेरिकी करेंसी पर शामिल किए जाएंगे।

यह कदम अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर उठाया गया है, जिसे लेकर कई विशेष बदलाव किए जा रहे हैं।

165 साल पुरानी परंपरा टूटी

अब तक अमेरिकी करेंसी पर दो हस्ताक्षर होते थे, जिनमें ट्रेजरी सेक्रेटरी और यूएस ट्रेजरर शामिल होते थे। लेकिन इस फैसले के बाद ट्रेजरर के हस्ताक्षर को हटाकर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर शामिल किए जाएंगे।

यह परंपरा 1861 से चली आ रही थी और अब पहली बार इसमें बदलाव किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल डिजाइन का बदलाव नहीं है बल्कि यह अमेरिकी वित्तीय परंपराओं में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

कब से चलन में आएंगे नए नोट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे पहले 100 डॉलर के नोट पर ट्रम्प के हस्ताक्षर दिखाई देंगे। यह नए नोट जून 2026 से बाजार में आने शुरू हो सकते हैं।

इसके बाद धीरे-धीरे अन्य मूल्य के नोटों में भी यह बदलाव लागू किया जाएगा। हालांकि, पुराने नोट भी प्रचलन में बने रहेंगे और उन्हें तुरंत बंद नहीं किया जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला

अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह कदम देश की 250वीं वर्षगांठ के उत्सव का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव वर्तमान प्रशासन की आर्थिक उपलब्धियों और नेतृत्व को दर्शाने के लिए किया जा रहा है।

ट्रेजरी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह एक प्रतीकात्मक कदम है जो देश की मजबूती और प्रगति को दिखाता है।

विवाद भी हुआ शुरू

इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर बहस भी शुरू हो गई है। कुछ आलोचकों का कहना है कि यह कदम परंपराओं से हटकर है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित माना जा सकता है।

कुछ विशेषज्ञों ने इसे “व्यक्तिगत ब्रांडिंग” की कोशिश बताया है, जहां एक मौजूदा राष्ट्रपति अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय प्रतीकों पर अपनी पहचान दर्ज कर रहा है।

क्या आप जानते हैं: Bittensor (TAO) में गिरावट का खतरा, 5 हफ्तों में 40% तक टूट सकता है भाव

वहीं समर्थकों का कहना है कि यह एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक बदलाव है, जो खास मौके पर लिया गया है।

करेंसी पर राष्ट्रपति की भूमिका

ध्यान देने वाली बात यह है कि अमेरिकी कानून के अनुसार करेंसी पर जिन व्यक्तियों की तस्वीर होती है, वे आमतौर पर दिवंगत होते हैं। यही कारण है कि ट्रम्प की तस्वीर नहीं बल्कि केवल उनके हस्ताक्षर जोड़े जा रहे हैं।

इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि कानून का उल्लंघन न हो और परंपराओं का भी कुछ हद तक पालन बना रहे।

अन्य बदलावों की भी तैयारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बदलाव अकेला नहीं है। ट्रम्प प्रशासन अमेरिकी करेंसी से जुड़े अन्य बदलावों पर भी काम कर रहा है।

इसमें एक विशेष स्मारक सोने का सिक्का जारी करने की योजना भी शामिल है, जिस पर ट्रम्प की छवि हो सकती है। हालांकि इस पर कानूनी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

आगे क्या होगा

यह फैसला आने वाले समय में अमेरिकी वित्तीय पहचान पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। जहां एक तरफ इसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह राजनीतिक बहस का विषय भी बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता और बाजार इस बदलाव को कैसे स्वीकार करते हैं।

कुल मिलाकर, अमेरिकी करेंसी पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर का यह फैसला इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो परंपरा और आधुनिक राजनीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को दर्शाता है।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://in.cointelegraph.com/editorial-policy