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Rajeev Ranjan Roy
लेखक: Rajeev Ranjan Royस्टाफ लेखक
Pratik Bhuyan
Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

अदालती फैसले के बाद ट्रंप ने 10% वैश्विक शुल्क की घोषणा की

अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व शुल्क को अवैध ठहराए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10% नया वैश्विक शुल्क लगाने की घोषणा कर दी।

अदालती फैसले के बाद ट्रंप ने 10% वैश्विक शुल्क की घोषणा की
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा झटका मिलने के तुरंत बाद सभी देशों से आयातित वस्तुओं पर 10% नया वैश्विक शुल्क लगाने की घोषणा कर दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब न्यायालय ने छह के मुकाबले तीन मतों से उनके पूर्व व्यापक शुल्क कार्यक्रम को अवैध घोषित कर दिया।

सीमा से अधिक अधिकारों का प्रयोग

सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों से जुड़े कानून का उपयोग करके अपनी संवैधानिक सीमा से अधिक अधिकारों का प्रयोग किया। न्यायालय के अनुसार कर और शुल्क लगाने का अधिकार संविधान के तहत केवल संसद को प्राप्त है, इसलिए राष्ट्रपति एकतरफा व्यापक शुल्क नहीं लगा सकते।

न्यायालय के इस निर्णय के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे निराशाजनक और शर्मनाक बताया तथा आरोप लगाया कि न्यायालय विदेशी हितों से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि वह एक नए आदेश पर हस्ताक्षर करके 10% अतिरिक्त वैश्विक शुल्क लागू करेंगे, जो मौजूदा शुल्क के अतिरिक्त होगा और तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

नया शुल्क अन्य प्रावधान के तहत

राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नया शुल्क व्यापार कानून के एक अन्य प्रावधान के तहत लागू किया जाएगा, जो राष्ट्रपति को सीमित अवधि के लिए आयात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। इस प्रावधान के तहत भुगतान संतुलन संकट या व्यापार असंतुलन की स्थिति में शुल्क लगाया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस फैसले का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, निवेशकों और निर्यातक देशों के लिए नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। पहले लगाए गए शुल्क से अरबों डॉलर की राजस्व प्राप्ति हुई थी, जो अब कानूनी विवादों में फंस सकती है और कंपनियां इसकी वापसी की मांग कर सकती है।

नए शुल्क का प्रभाव भारत सहित सभी देशों पर पड़ने की संभावना

इस नए शुल्क का प्रभाव भारत सहित सभी देशों पर पड़ने की संभावना है। अमेरिकी प्रशासन ने पुष्टि की है कि यह 10% शुल्क सभी देशों से आने वाले आयात पर लागू होगा, जिससे भारत के निर्यातकों को भी अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ट्रंप की आक्रामक व्यापार नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य घरेलू उद्योगों की रक्षा करना और व्यापार घाटे को कम करना है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि इससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ सकता है और उपभोक्ताओं के लिए वस्तुएं महंगी हो सकती है।

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अमेरिकी वित्त अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से राष्ट्रपति की कुछ शक्तियां सीमित हुई हैं, लेकिन उनके पास अभी भी अन्य कानूनी रास्तों से व्यापार पर प्रतिबंध लगाने के विकल्प मौजूद हैं। इससे आने वाले समय में और नए व्यापारिक कदम उठाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

यह मामला अब निचली अदालतों में भी जारी रहेगा, जहां पहले वसूले गए शुल्क की वापसी और नए शुल्क की वैधता पर लंबी कानूनी प्रक्रिया चल सकती है। इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक व्यापार प्रणाली में अनिश्चितता और तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

निष्कर्ष

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले और उसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 10% नए वैश्विक शुल्क की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई अस्थिरता पैदा कर दी है। यह कदम अमेरिका की व्यापार नीति में आक्रामक रुख को दर्शाता है और आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था, निर्यातक देशों और व्यापारिक संबंधों पर इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

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