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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितstaff writerPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितstaff editor

अमेरिकी 'CLARITY' अधिनियम अप्रैल तक पारित होने की उम्मीद

ताजा खबरेंप्रकाशितFeb 20, 2026

अमेरिका में डिजिटल परिसंपत्तियों के नियमन को स्पष्ट करने वाला CLARITY ACT तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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अमेरिका में डिजिटल परिसंपत्ति उद्योग के लिए बहुप्रतीक्षित “CLARITY ACT” को लेकर निर्णायक प्रगति हो रही है। ब्रायन आर्मस्ट्रांग और ओहायो से अमेरिकी सीनेटर बर्नी मोरेनो ने कहा है कि यह विधेयक अप्रैल तक पारित हो सकता है, जिससे डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए स्पष्ट नियामक ढांचा स्थापित होगा।

यह कानून अमेरिकी डिजिटल परिसंपत्ति बाजार की संरचना को स्पष्ट करने के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यह तय करना है कि विभिन्न प्रकार की डिजिटल परिसंपत्तियों की निगरानी किस संस्था द्वारा की जाएगी और उद्योग के लिए नियमों की अनिश्चितता को समाप्त किया जा सके।

कॉइनबेस और उद्योग की भूमिका

कॉइनबेस, जो दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल परिसंपत्ति मंचों में से एक है और जिसके 10 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं, लंबे समय से स्पष्ट नियमों की मांग कर रहा है।

ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने कहा कि पहले कंपनी इस विधेयक का समर्थन नहीं कर सकती थी, क्योंकि इसमें कुछ ऐसे प्रावधान थे जो स्थिर मुद्रा पर ब्याज या पुरस्कार देने पर प्रतिबंध लगाते थे और नियामक शक्तियों को एक संस्था के हाथ में केंद्रित करते थे।

हालांकि अब उन्होंने संकेत दिया है कि विभिन्न पक्षों के बीच समझौते का रास्ता बन रहा है और ऐसा समाधान संभव है जिससे डिजिटल परिसंपत्ति उद्योग, बैंकिंग क्षेत्र और उपभोक्ताओं – तीनों को लाभ हो सके।

राजनीतिक और आर्थिक महत्व

सीनेटर बर्नी मोरेनो ने स्पष्ट कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह विधेयक कांग्रेस से पारित होकर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए अप्रैल तक तैयार हो जाएगा। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने भी इस कानून को आवश्यक बताया है और कहा है कि इससे बाजार में स्थिरता और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

वास्तव में, यह विधेयक केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि अमेरिका की वैश्विक वित्तीय प्रतिस्पर्धा से भी जुड़ा है। डिजिटल परिसंपत्तियों का तेजी से बढ़ता बाजार दुनिया की वित्तीय व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है और अमेरिका इसमें नेतृत्व बनाए रखना चाहता है।

प्रमुख विवाद और चुनौतियां

CLARITY ACT को लेकर सबसे बड़ा विवाद स्थिर मुद्रा पर मिलने वाले ब्याज और उसके बैंकिंग प्रणाली पर प्रभाव को लेकर रहा है। बैंकिंग क्षेत्र का मानना है कि इससे पारंपरिक जमा प्रणाली प्रभावित हो सकती है और पूंजी का प्रवाह बदल सकता है।

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इसके अलावा, विधेयक में विकेंद्रीकृत वित्त, टोकन आधारित शेयर और संभावित हितों के टकराव जैसे मुद्दों को लेकर भी राजनीतिक बहस जारी है। इसी कारण यह विधेयक पहले कई बार विलंबित हुआ, लेकिन हालिया राजनीतिक सहमति और उद्योग के सहयोग से अब इसे पारित होने की मजबूत संभावना बताई जा रही है।

वैश्विक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका यह कानून लागू करता है तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ेगा। अमेरिका का नियामक ढांचा अन्य देशों के लिए भी मानक बन सकता है और वैश्विक डिजिटल परिसंपत्ति निवेश को दिशा मिल सकती है। इसके अलावा, स्पष्ट नियमों से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और नई कंपनियों तथा नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।

निष्कर्ष

CLARITY ACT केवल एक कानून नहीं बल्कि डिजिटल परिसंपत्ति उद्योग के भविष्य को आकार देने वाला कदम माना जा रहा है। कॉइनबेस प्रमुख और अमेरिकी सांसदों की सक्रिय भूमिका से अब इस विधेयक के पारित होने की उम्मीद मजबूत हो गई है।

यदि यह कानून लागू होता है, तो इससे अमेरिका में डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए स्पष्ट नियम स्थापित होंगे, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और वैश्विक वित्तीय प्रणाली में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।

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