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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

2028 तक $4 ट्रिलियन टोकनाइजेशन का अनुमान, LINK पर Standard Chartered का बड़ा दांव

बाजारप्रकाशित11 अग॰ 2026

Standard Chartered का अनुमान है कि 2028 तक टोकनाइज्ड परिसंपत्तियां 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती हैं।

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ब्लॉकचेन और पारंपरिक वित्त के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है। वैश्विक बैंकिंग समूह Standard Chartered ने अनुमान लगाया है कि 2028 के अंत तक ब्लॉकचेन नेटवर्क पर मौजूद टोकनाइज्ड परिसंपत्तियों का कुल मूल्य करीब 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। बैंक के अनुसार, इस रकम में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर स्टेबलकॉइन और करीब 2 ट्रिलियन डॉलर वास्तविक दुनिया की परिसंपत्तियों के टोकन के रूप में हो सकते हैं।

बैंक के डिजिटल परिसंपत्ति शोध प्रमुख Geoffrey Kendrick का मानना है कि इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा विकेंद्रीकृत वित्त यानी DeFi को मिल सकता है। इसके साथ ही Chainlink जैसे नेटवर्क, जो ब्लॉकचेन को बाहरी आंकड़ों और दूसरे नेटवर्क से जोड़ने में मदद करते हैं, की भूमिका भी बढ़ सकती है। Standard Chartered ने Chainlink के लिए 2030 तक 200 डॉलर का लक्ष्य बताया है।

टोकनाइजेशन की रफ्तार क्यों बढ़ रही है?

टोकनाइजेशन का मतलब किसी वास्तविक संपत्ति को ब्लॉकचेन पर डिजिटल रूप में दर्ज करना है। इसमें सरकारी बॉन्ड, शेयर, निवेश फंड, सोना और दूसरी वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हो सकती हैं। इसका फायदा यह है कि ऐसी संपत्तियों को डिजिटल माध्यम से तेजी से स्थानांतरित और कारोबार योग्य बनाया जा सकता है।

Standard Chartered के अनुमान के अनुसार, 2028 तक टोकनाइज्ड वास्तविक परिसंपत्तियों का बाजार करीब 2 ट्रिलियन डॉलर और स्टेबलकॉइन का बाजार भी करीब 2 ट्रिलियन डॉलर हो सकता है। यह अनुमान बैंक के पहले के अलग-अलग अनुमानों को जोड़कर तैयार किया गया है।

इस क्षेत्र में पहले ही बड़े वित्तीय संस्थानों की दिलचस्पी बढ़ रही है। BlackRock के BUIDL जैसे टोकनाइज्ड फंड और अन्य डिजिटल वित्तीय उत्पाद दिखाते हैं कि ब्लॉकचेन का इस्तेमाल अब केवल क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित नहीं रह गया है। टोकनाइज्ड अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों का बाजार भी तेजी से बढ़ा है।

DeFi को क्यों होगा सबसे ज्यादा फायदा?

बैंक का मानना है कि टोकनाइज्ड परिसंपत्तियां केवल ब्लॉकचेन पर रखी नहीं रहेंगी। उनका इस्तेमाल कर्ज लेने, कारोबार करने और दूसरी वित्तीय गतिविधियों में भी किया जाएगा। इससे DeFi प्लेटफॉर्म पर लेनदेन और पूंजी की जरूरत बढ़ सकती है।

मिसाल के तौर पर, कोई टोकनाइज्ड सरकारी बॉन्ड एक साथ निवेश के साधन, कर्ज के लिए गारंटी और कारोबार की परिसंपत्ति के रूप में इस्तेमाल हो सकता है। यही सुविधा पारंपरिक वित्तीय व्यवस्था की तुलना में ब्लॉकचेन आधारित वित्त को अलग बनाती है।

Standard Chartered का मानना है कि मजबूत जोखिम नियंत्रण और बेहतर तकनीकी क्षमता वाले स्थापित DeFi प्लेटफॉर्म इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उठा सकते हैं। बैंक के अनुसार, बाजार में आने वाली नई पूंजी के लिए भरोसेमंद और पहले से स्थापित मंचों की मांग बढ़ सकती है।

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Chainlink के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

टोकनाइजेशन बढ़ने के साथ ब्लॉकचेन को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाली तकनीक की जरूरत भी बढ़ेगी। किसी शेयर, बॉन्ड या फंड की वास्तविक कीमत, उसकी संपत्ति और दूसरे जरूरी आंकड़ों को ब्लॉकचेन तक पहुंचाने के लिए भरोसेमंद डेटा व्यवस्था जरूरी होती है।

यहीं Chainlink की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इसका नेटवर्क ब्लॉकचेन को बाहरी आंकड़ों और अलग-अलग नेटवर्क के बीच सूचना और परिसंपत्तियों के आदान-प्रदान में मदद करता है। इसी वजह से Standard Chartered ने टोकनाइजेशन और DeFi की संभावित वृद्धि के साथ Chainlink के लिए भी मजबूत संभावना देखी है। बैंक का 2030 का 200 डॉलर का लक्ष्य इसी दीर्घकालिक अनुमान से जुड़ा है।

हालांकि यह लक्ष्य निश्चित भविष्यवाणी नहीं है। टोकनाइजेशन की रफ्तार नियमन, तकनीकी सुरक्षा और संस्थागत निवेश पर निर्भर करेगी। यदि बड़े वित्तीय संस्थानों को ब्लॉकचेन आधारित बाजारों में प्रवेश करने में देरी होती है, तो अनुमानित वृद्धि भी धीमी पड़ सकती है।

क्या बदल सकता है वैश्विक वित्त?

अगर Standard Chartered का अनुमान सही साबित होता है, तो अगले कुछ वर्षों में ब्लॉकचेन का इस्तेमाल वित्तीय बाजारों के पीछे काम करने वाली तकनीक के रूप में तेजी से बढ़ सकता है। इसका मतलब यह होगा कि निवेशकों को हर बार सीधे क्रिप्टो टोकन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय पारंपरिक संपत्तियां भी ब्लॉकचेन के जरिए कारोबार का हिस्सा बन सकती हैं।

इस बदलाव के लिए केवल टोकन बनाना पर्याप्त नहीं होगा। सुरक्षित भंडारण, भरोसेमंद आंकड़े, दूसरे नेटवर्क से जुड़ाव और स्पष्ट नियामकीय नियम भी जरूरी होंगे। यही वजह है कि Chainlink जैसे बुनियादी ढांचे और स्थापित DeFi प्लेटफॉर्म आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फिलहाल 4 ट्रिलियन डॉलर का अनुमान इस बात का संकेत है कि टोकनाइजेशन अब केवल प्रयोग नहीं रह गया है। पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की बढ़ती भागीदारी इसे वैश्विक वित्त व्यवस्था का अगला बड़ा बदलाव बना सकती है।

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यह लेख Cointelegraph की Editorial Policy के अनुसार तैयार किया गया है और केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह निवेश सलाह या अनुशंसाएं नहीं है। सभी निवेश और व्यापार में जोखिम होता है; पाठकों को स्वतंत्र शोध करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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