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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितस्टाफ लेखकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

US White House क्रिप्टो बिल वार्ता ‘सकारात्मक’, लेकिन अभी समझौता नहीं

बाजारप्रकाशित12 फ़र॰ 2026

अमेरिका (US) के White House में स्टेबलकॉइन विनियमन पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। वार्ता सकारात्मक रही, लेकिन प्रतिफल नियमों पर बैंक और क्रिप्टो उद्योग के बीच मतभेद बने हुए हैं।

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अमेरिका के White House में स्टेबलकॉइन विनियमन को लेकर बहुप्रतीक्षित उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्रिप्टो उद्योग के प्रतिनिधियों और देश के प्रमुख बैंकों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित विधायी ढांचे में स्टेबलकॉइन से जुड़े नियमों को स्पष्ट करना, विशेष रूप से धारकों को दिए जाने वाले प्रतिफल (yield) और प्रोत्साहन योजनाओं पर स्पष्टता लाना था।

बैठक के बाद दोनों पक्षों ने संवाद को सकारात्मक और उपयोगी बताया, हालांकि प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।

बैंकिंग क्षेत्र की चिंताएँ क्या हैं?

बैंकिंग प्रतिनिधियों का तर्क है कि यदि स्टेबलकॉइन पर प्रतिफल या आर्थिक लाभ की अनुमति दी जाती है, तो पारंपरिक बैंक जमा प्रणाली प्रभावित हो सकती है।

उनकी मुख्य चिंताएँ:

  • बैंक खातों से धनराशि का स्टेबलकॉइन में स्थानांतरण
  • जमा आधार (deposit base) में कमी
  • वित्तीय स्थिरता पर संभावित दबाव

बैंकों का कहना है कि यदि स्टेबलकॉइन पारंपरिक जमा जैसे कार्य करने लगते हैं, तो उन्हें भी समान स्तर की पूंजी और नियामकीय आवश्यकताओं के अधीन लाया जाना चाहिए।

क्रिप्टो उद्योग का पक्ष

दूसरी ओर, क्रिप्टो उद्योग प्रतिनिधियों का तर्क है कि स्टेबलकॉइन आधुनिक भुगतान और डिजिटल वित्तीय नवाचार का अहम हिस्सा हैं। उनका कहना है कि अत्यधिक प्रतिबंध नवाचार को बाधित कर सकते हैं।

उद्योग की प्रमुख दलीलें:

  • स्पष्ट और संतुलित नियम पारदर्शिता बढ़ाएंगे
  • सीमित और नियंत्रित प्रतिफल की अनुमति दी जा सकती है
  • अमेरिका को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाए रखनी होगी

प्रतिनिधियों ने संकेत दिया कि अत्यधिक सख्त नियम लागू होने पर कंपनियाँ अन्य अनुकूल न्याय क्षेत्रों की ओर रुख कर सकती हैं।

प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पर कठोर नियंत्रण की मांग

सूत्रों के अनुसार, बैंकिंग पक्ष ने एक लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसमें स्टेबलकॉइन धारकों को दिए जाने वाले प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पर कठोर नियंत्रण की मांग की गई। बैंकों का कहना है कि यदि स्टेबलकॉइन पारंपरिक जमा की तरह व्यवहार करने लगेंगे, तो उन्हें भी समान स्तर की निगरानी और पूंजी संबंधी मानकों के अधीन लाया जाना चाहिए।

क्रिप्टो उद्योग के प्रतिनिधियों ने इसके उत्तर में कहा कि स्टेबलकॉइन का उद्देश्य तेज, पारदर्शी और कम लागत वाली भुगतान व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका कहना है कि अमेरिका को इस क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए नवाचार समर्थक नीतियाँ अपनानी होंगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि अत्यधिक कठोर नियम लागू किए गए, तो कंपनियाँ अन्य अनुकूल न्याय क्षेत्रों की ओर रुख कर सकती हैं।

व्यापक विधायी ढांचा की तैयारी

बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी प्रशासन डिजिटल वित्तीय परिसंपत्तियों के लिए व्यापक विधायी ढांचा तैयार करने की दिशा में प्रयासरत है। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य बाजार संरचना, उपभोक्ता संरक्षण और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन स्थापित करना है। हालांकि, स्टेबलकॉइन पर प्रतिफल की अनुमति का प्रश्न इस पूरी प्रक्रिया का सबसे संवेदनशील विषय बन गया है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेबलकॉइन का बढ़ता उपयोग सीमा-पार भुगतान, व्यापार निपटान और विकेन्द्रीकृत वित्तीय सेवाओं में हो रहा है। ऐसे में इनके लिए स्पष्ट नियम आवश्यक हैं। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली और उभरते क्रिप्टो मुद्रा पारितंत्र के बीच संतुलन कायम रखा जाए।

संवाद आगे भी जारी रहेगा

बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने संकेत दिया कि संवाद आगे भी जारी रहेगा और दोनों पक्ष संशोधित भाषा पर विचार करेंगे। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि व्यापक सहमति के बिना अंतिम विधायी मसौदा आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

वित्तीय नीति विश्लेषकों के अनुसार, यह संवाद अमेरिका की वित्तीय व्यवस्था के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यदि संतुलित समाधान निकाला जाता है, तो अमेरिका वैश्विक क्रिप्टो मुद्रा विनियमन में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।

निष्कर्ष

व्हाइट हाउस में हुई स्टेबलकॉइन संबंधी बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका में क्रिप्टो मुद्रा विनियमन का मार्ग आसान नहीं है। बैंकिंग क्षेत्र वित्तीय स्थिरता को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि उद्योग नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त की वकालत कर रहा है।

सकारात्मक संवाद के बावजूद अंतिम सहमति अभी दूर है, किंतु निरंतर वार्ता से संतुलित और प्रभावी विधायी समाधान की संभावना बनी हुई है।

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यह लेख Cointelegraph की Editorial Policy के अनुसार तैयार किया गया है और केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह निवेश सलाह या अनुशंसाएं नहीं है। सभी निवेश और व्यापार में जोखिम होता है; पाठकों को स्वतंत्र शोध करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

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