दुनिया की सबसे बड़ी कॉरपोरेट बिटकॉइन होल्डर कंपनियों में शामिल Strategy ने एक बार फिर बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने हाल ही में करीब 13,927 बिटकॉइन खरीदे, जिनकी कुल कीमत लगभग $1Bn बताई जा रही है।
इस खरीद के बाद कंपनी की कुल होल्डिंग बढ़कर 7,80,897 बिटकॉइन तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा कंपनी को वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में बनाए रखता है।
यह खरीद ऐसे समय में हुई है जब बिटकॉइन की कीमत $70,000 के आसपास बनी हुई है और बाजार में उतार चढ़ाव जारी है।
किस कीमत पर हुई खरीद
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने यह खरीद औसतन $71,902 प्रति बिटकॉइन की कीमत पर की है। यह कीमत कंपनी की कुल औसत खरीद कीमत से कम है, जो लगभग $75,577 प्रति बिटकॉइन बताई गई है।
इसका मतलब है कि कंपनी ने गिरावट या स्थिर बाजार का फायदा उठाकर सस्ते स्तर पर खरीदारी की है। कंपनी ने अब तक कुल मिलाकर करीब $59 Bn बिटकॉइन में निवेश किए हैं। यह दर्शाता है कि उसका पूरा फोकस डिजिटल एसेट्स पर बना हुआ है।
पैसे कहां से आए
इस बड़ी खरीद के लिए कंपनी ने अपने विशेष शेयर बेचकर फंड जुटाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब $1Bn जुटाने के लिए कंपनी ने प्रेफर्ड शेयर जारी किए।
इस मॉडल के जरिए कंपनी लगातार बाजार से पूंजी जुटाकर बिटकॉइन खरीद रही है। यही वजह है कि उसकी होल्डिंग तेजी से बढ़ती जा रही है।
हालांकि, इस रणनीति के साथ जोखिम भी जुड़े हैं। कंपनी के पास बिटकॉइन की बड़ी मात्रा है, इसलिए कीमत में गिरावट होने पर उसे कागजी नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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नुकसान के बावजूद जारी खरीद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी को 2026 की पहली तिमाही में डिजिटल एसेट्स पर करीब $14Bn से ज्यादा का अप्राप्त नुकसान हुआ है।
इसके बावजूद कंपनी लगातार बिटकॉइन खरीद रही है। कंपनी के चेयरमैन का मानना है कि लंबी अवधि में बिटकॉइन की कीमत बढ़ेगी और यह रणनीति फायदेमंद साबित होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह रणनीति काफी आक्रामक है। अगर बिटकॉइन की कीमत बढ़ती है तो कंपनी को बड़ा फायदा हो सकता है, लेकिन गिरावट की स्थिति में जोखिम भी उतना ही बड़ा रहेगा।
क्या है आगे का संकेत
इस खरीद के बाद कंपनी अब 8 लाख बिटकॉइन के आंकड़े के काफी करीब पहुंच गई है। मौजूदा रफ्तार जारी रहती है तो आने वाले समय में यह लक्ष्य भी हासिल हो सकता है। इसके साथ ही यह ट्रेंड भी दिख रहा है कि बड़ी कंपनियां अब बिटकॉइन को अपने बैलेंस शीट का हिस्सा बना रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खरीद से बाजार में भरोसा बढ़ता है और यह संकेत मिलता है कि संस्थागत निवेशक अभी भी क्रिप्टो में दिलचस्पी बनाए हुए हैं। हालांकि, छोटे निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे इस तरह की रणनीति को समझकर ही निवेश करें, क्योंकि बड़े खिलाड़ियों की जोखिम उठाने की क्षमता अलग होती है।
कुल मिलाकर, स्ट्रैटेजी की यह नई खरीद दिखाती है कि क्रिप्टो बाजार में संस्थागत भागीदारी लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसका असर कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
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