Cointelegraph
DOGE$0.09954 2.09%
TRX$0.3507 3.92%
LINK$8.98 1.78%
ZEC$535.72 1.57%
ADA$0.235 2.37%
BCH$304.82 6.58%
XRP$1.31 2.37%
ETH$2,013 1.83%
BTC$73,645 0.99%
XMR$359.56 5.82%
BNB$638.16 0.60%
XLM$0.2096 19.45%
SOL$82.01 1.69%
HYPE$61.37 7.04%
Pratik Bhuyan द्वारा लिखित ⁠, Staff Editor.Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षित ⁠, Staff Editor.

बैन की अटकलों के बीच Kalshi बोला, भारत सरकार के संपर्क में हैं

ताजा खबरेंप्रकाशितMay 26, 2026

Kalshi ने कहा है कि वह भारत सरकार के संपर्क में है, जबकि Polymarket और दूसरे प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉकिंग कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

usa-crypto-bill-india-crypto-regulation-clarity-act

भारत में प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती सख्ती के बीच अमेरिकी कंपनी Kalshi ने कहा है कि वह भारतीय सरकार के संपर्क में है और उसे अब तक किसी औपचारिक ब्लॉकिंग आदेश की जानकारी नहीं दी गई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि केंद्र सरकार Polymarket और Kalshi जैसे विदेशी प्लेटफॉर्म्स को भारत में औपचारिक रूप से ब्लॉक करने की तैयारी कर रही है।

क्या हैं Kalshi और Polymarket?

Kalshi और Polymarket ऐसे ऑनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म हैं जहां उपयोगकर्ता भविष्य की घटनाओं के नतीजों पर पैसे लगाते हैं। इनमें चुनाव परिणाम, क्रिकेट मैच, आर्थिक फैसले और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं शामिल होती हैं।

भारत में IPL और चुनावी बाजारों के दौरान इन प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। कई उपयोगकर्ता इन्हें पारंपरिक सट्टेबाजी से अलग “डेटा आधारित ट्रेडिंग” के रूप में देखते हैं। हालांकि भारतीय एजेंसियां इन्हें ऑनलाइन बेटिंग और रियल मनी गेमिंग की श्रेणी में मान रही हैं।

Kalshi ने क्या कहा?

Moneycontrol को दिए बयान में Kalshi की हेड ऑफ कम्युनिकेशंस Elisabeth Diana ने कहा कि कंपनी को किसी प्रकार का takedown request या blocking order नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कंपनी सरकार के साथ बातचीत कर रही है।

यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY जल्द ही Kalshi के खिलाफ औपचारिक ब्लॉकिंग कार्रवाई कर सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक Polymarket को पहले ही ब्लॉकिंग आदेश जारी किया जा चुका है और Kalshi अगला बड़ा लक्ष्य हो सकता है।

भारत सरकार क्यों कर रही कार्रवाई?

सरकार की चिंता का मुख्य कारण ऑनलाइन बेटिंग और विदेशी प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म्स का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल है। हाल ही में लागू हुए Promotion and Regulation of Online Gaming Act के तहत सरकार ने ऑफशोर रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ा दी है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार को इस बात की भी चिंता है कि कई भारतीय उपयोगकर्ता VPN के जरिए इन प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच बना रहे हैं। MeitY ने अप्रैल में VPN सेवा प्रदाताओं को चेतावनी पत्र भी भेजा था, जिसमें “illegal and blocked prediction market platforms” तक पहुंच का जिक्र किया गया था।

क्या आप जानते हैं: भारत Polymarket और Kalshi पर लगाने जा रहा बैन

आईटी सचिव एस कृष्णन ने हाल ही में कहा था कि VPN के जरिए पहुंच रोकना आसान नहीं है और यह “whack-a-mole” जैसी स्थिति बन गई है, जहां एक साइट ब्लॉक होने के बाद दूसरी डोमेन से वापस सामने आ जाती है।

अब भी कई जगह चल रहे हैं प्लेटफॉर्म

दिलचस्प बात यह है कि कार्रवाई की खबरों के बावजूद Kalshi और Polymarket कई इंटरनेट नेटवर्क पर अब भी काम कर रहे हैं। कुछ इंटरनेट सेवा प्रदाताओं पर वेबसाइट खुल रही हैं, जबकि कुछ जगहों पर इनकी पहुंच सीमित है।

इसके अलावा दोनों ऐप्स पहले ही Google Play Store और Apple App Store से हटाए जा चुके हैं। हालांकि वेबसाइट के जरिए इनका इस्तेमाल अब भी संभव बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी रूप से इन प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह रोकना आसान नहीं होगा, खासकर तब जब उपयोगकर्ता VPN और मिरर साइट्स का इस्तेमाल कर रहे हों।

बढ़ती लोकप्रियता से सरकार की चिंता

भारत में IPL, अमेरिकी चुनाव और वैश्विक राजनीतिक घटनाओं के दौरान प्रेडिक्शन मार्केट्स में भारी ट्रेडिंग देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई भारतीय युवा इन प्लेटफॉर्म्स को निवेश और ट्रेडिंग के नए विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में ऑनलाइन बेटिंग को लेकर नियम अब भी जटिल हैं। कई राज्यों में ऑनलाइन जुआ प्रतिबंधित है, जबकि केंद्र सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अलग से नियंत्रण बढ़ा रही है।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल यह साफ नहीं है कि भारत सरकार Kalshi और Polymarket पर पूरी तरह बैन लगाएगी या कंपनियों के साथ किसी तरह का नियामकीय समाधान निकलेगा। लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि सरकार विदेशी प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म्स पर सख्त रुख अपनाने के मूड में है।

अगर औपचारिक ब्लॉकिंग आदेश जारी होते हैं, तो आने वाले समय में भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए इन प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच और मुश्किल हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ कंपनियां भी भारतीय बाजार छोड़ने के बजाय सरकार के साथ बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रही हैं।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://cointelegraph.in/editorial-policy

इस विषय पर अधिक