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द्वारा लिखित Pratik Bhuyan⁠, Staff Editor. द्वारा समीक्षित Pratik Bhuyan⁠, Staff Editor.

भूटान ने Bitcoin बिक्री की खबरों को बताया गलत, सरकारी रिजर्व अब भी सुरक्षित

ताजा खबरप्रकाशितMay 19, 2026

भूटान ने Bitcoin holdings बेचने की खबरों को खारिज कर दिया है। जानिए भूटान की क्रिप्टो रणनीति, Bitcoin mining मॉडल और sovereign BTC भंडार को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा।

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क्रिप्टो बाजार में हाल ही में उस समय हलचल बढ़ गई जब सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भूटान ने अपने Bitcoin holdings का बड़ा हिस्सा बेच दिया है। हालांकि अब भूटान सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि देश ने अपने रणनीतिक Bitcoin रिजर्व की बड़ी बिक्री नहीं की है और डिजिटल एसेट्स अब भी उसकी लंबी अवधि की आर्थिक योजना का हिस्सा हैं।

भूटान पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे चर्चित sovereign Bitcoin holders में शामिल रहा है। हिमालयी देश ने hydropower energy का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर Bitcoin mining infrastructure तैयार किया है। यही वजह है कि जब Bitcoin बिक्री की अफवाहें सामने आईं, तो crypto market में तेजी से चर्चा शुरू हो गई।

क्या था पूरा मामला

हाल के दिनों में blockchain tracking accounts और कुछ market observers ने दावा किया कि भूटान से जुड़े wallets से बड़ी मात्रा में Bitcoin ट्रांसफर हुए हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह अटकलें तेज हो गईं कि सरकार ने अपने BTC भंडार बेच दिए हैं।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि market volatility और आर्थिक जरूरतों के कारण भूटान profits book कर सकता है। इन खबरों के बाद निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या sovereign Bitcoin holdings रखने वाले देश अब market weakness की वजह से assets बेच रहे हैं।

हालांकि भूटान सरकार से जुड़े अधिकारियों ने बाद में स्पष्ट किया कि circulating reports भ्रामक हैं और देश की Bitcoin रणनीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।

Bitcoin पर भूटान का बड़ा दांव

भूटान दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिन्होंने शुरुआती दौर में Bitcoin mining और digital assets को गंभीरता से अपनाया। देश की sovereign investment arm Druk Holding and Investments यानी DHI ने crypto mining infrastructure में निवेश किया था।

विशेषज्ञों के मुताबिक भूटान की खास रणनीति यह रही कि उसने अपने abundant hydropower resources का इस्तेमाल low-cost green mining के लिए किया। इससे देश को अतिरिक्त राजस्व कमाने का नया रास्ता मिला।

Blockchain analytics firms के अनुमान के अनुसार भूटान से जुड़े wallets में हजारों Bitcoin मौजूद रहे हैं। यही वजह है कि global crypto community लंबे समय से भूटान को “quiet Bitcoin nation” के रूप में देखती रही है।

सरकार ने क्या कहा

रिपोर्ट्स के बाद भूटान authorities ने कहा कि wallet movements को सीधे large-scale Bitcoin sales से जोड़ना सही नहीं है। Crypto ecosystem में कई बार assets security upgrades, custody transfers या treasury management के कारण भी wallets के बीच move किए जाते हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार भूटान अब भी digital assets को long-term strategic भंडार की तरह देखता है। सरकार का फोकस short-term speculation की बजाय sustainable crypto infrastructure पर बना हुआ है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि sovereign crypto holdings को लेकर transparency सीमित होने के कारण अक्सर blockchain transfers को गलत तरीके से interpret किया जाता है।

क्यों खास है भूटान मॉडल

भूटान का crypto model दूसरे देशों से काफी अलग माना जाता है। जहां कई सरकारें अब भी क्रिप्टो कानून को लेकर सतर्क हैं, वहीं भूटान ने controlled तरीके से mining और digital asset exposure को अपनाया।

Market analysts का कहना है कि भूटान की strategy traditional speculative investment की बजाय energy monetization model पर आधारित है। यानी देश अपनी surplus renewable energy को Bitcoin mining में इस्तेमाल करके value generate करने की कोशिश करता है।

हाल के वर्षों में कई देशों ने Bitcoin reserve strategy पर चर्चा शुरू की है, लेकिन भूटान उन शुरुआती देशों में रहा जिसने इसे practically लागू किया।

बाजार पर क्या असर पड़ा

Bitcoin बिक्री की अफवाहों का असर market sentiment पर भी देखने को मिला। कुछ traders ने इसे bearish signal की तरह देखा, क्योंकि sovereign-level holdings की बिक्री बाजार में supply pressure बढ़ा सकती है।

हालांकि बाद में clarification आने के बाद panic कुछ हद तक कम हुआ। विश्लेषकों का कहना है कि market अब sovereign क्रिप्टो अपनाना को काफी गंभीरता से लेने लगा है। इसी वजह से देशों और संस्थागत holders से जुड़ी हर खबर का असर sentiment पर तेजी से पड़ता है।

क्रिप्टो गुरु के मुताबिक भूटान जैसे देशों की गतिविधियां आने वाले समय में और ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती हैं, खासकर तब जब सरकार digital assets को reserve diversification strategy के रूप में देखना शुरू करें।

Sovereign Bitcoin race पर बढ़ी चर्चा

भूटान की खबरों के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या आने वाले वर्षों में और देश Bitcoin reserves जमा करेंगे। अमेरिका में Bitcoin strategic reserve पर चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि कई छोटे देश mining और blockchain infrastructure पर काम कर रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि भूटान का मॉडल यह दिखाता है कि छोटे देश renewable energy और digital assets को जोड़कर नई आर्थिक रणनीति बना सकते हैं।

फिलहाल भूटान ने साफ कर दिया है कि उसके Bitcoin भंडार को लेकर चल रही बड़े पैमाने की बिक्री की खबरें सही नहीं हैं। लेकिन इस घटनाक्रम ने यह जरूर दिखा दिया कि crypto market अब देशों की गतिविधियों पर भी उतनी ही नजर रख रहा है जितनी बड़ी कंपनियों और institutional investors पर।

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