
AI शेयरों से ज्यादा कमाई करा सकती है Crypto, वॉल स्ट्रीट के दिग्गज Jordi Visser ने बताई वजह
वॉल स्ट्रीट के अनुभवी निवेशक Jordi Visser का मानना है कि AI एजेंटों और डिजिटल भुगतान की बढ़ती मांग से क्रिप्टोकरेंसी AI शेयरों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) केवल एक नई तकनीक नहीं, बल्कि बाजार में तेजी का बड़ा कारण बन सकती है। वॉल स्ट्रीट के अनुभवी निवेशक Jordi Visser का मानना है कि आने वाले समय में क्रिप्टोकरेंसी, AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। उनका तर्क है कि AI कंपनियों के शेयरों में पहले ही बड़ी तेजी आ चुकी है, जबकि AI एजेंटों के बढ़ते इस्तेमाल से क्रिप्टो बाजार में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
Cointelegraph की 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, Visser Labs के संस्थापक Visser का मानना है कि AI एजेंट डिजिटल भुगतान, टोकन के जरिए संपत्तियों के कारोबार और क्रिप्टो सेवाओं की मांग बढ़ा सकते हैं। इसी सोच के आधार पर उन्होंने Bitcoin, Ethereum और Solana से आगे बढ़कर दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में भी निवेश करना शुरू किया है। हालांकि, उनका यह नजरिया बाजार की संभावनाओं पर आधारित है, न कि भविष्य में मिलने वाले मुनाफे की गारंटी पर।
AI शेयरों में तेजी के बाद घट रहे हैं नए मुनाफे के मौके
Visser के मुताबिक, AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी के बाद अब निवेशकों के लिए पहले जैसी कमाई करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने मई के मध्य से मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी Micron में अपना निवेश कम करना शुरू किया था। उस समय उन्हें लगा कि बड़े निवेशक और आम लोग AI से जुड़े शेयरों में जरूरत से ज्यादा पैसा लगा रहे हैं।
उनका कहना है कि AI तकनीक का विकास रुकने वाला नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। उन्होंने इसे AI की संभावनाओं का अंत नहीं, बल्कि शेयर बाजार में इसकी शुरुआती तेज चमक के कमजोर पड़ने के रूप में देखा है।
AI से जुड़े कारोबार में भारी निवेश भी एक चुनौती है। कंपनियों को डेटा सेंटर, चिप और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यदि इन खर्चों से होने वाली कमाई उम्मीदों के मुताबिक नहीं बढ़ती, तो निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है।
AI एजेंट कैसे बढ़ा सकते हैं क्रिप्टो की मांग?
AI एजेंट ऐसे सॉफ्टवेयर हैं जो उपयोगकर्ता के निर्देश पर कई काम अपने आप कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति अपने डिजिटल सहायक को भुगतान करने, किसी सेवा की सदस्यता लेने या वित्तीय लेनदेन पूरा करने का निर्देश दे सकता है। इसके बाद एजेंट तय नियमों के अनुसार उन कामों को पूरा करने की कोशिश कर सकता है।
Visser का मानना है कि जैसे स्मार्टफोन और ऐप स्टोर ने लोगों के लिए डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल आसान बनाया था, वैसे ही AI एजेंट क्रिप्टो सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
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ऐसे एजेंटों को डिजिटल भुगतान करने, छोटी रकम के लेनदेन पूरे करने और टोकन के रूप में उपलब्ध संपत्तियों का इस्तेमाल करने के लिए वित्तीय ढांचे की जरूरत होगी। क्रिप्टो नेटवर्क और स्थिर मूल्य वाले डिजिटल टोकन इस प्रक्रिया में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
हालांकि, इसके लिए भुगतान की सुरक्षा, लेनदेन की लागत, तकनीकी विश्वसनीयता और नियमों का पालन जरूरी होगा। AI एजेंटों का बढ़ता इस्तेमाल अपने आप सभी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में तेजी नहीं लाएगा। इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन से नेटवर्क और टोकन वास्तव में उपयोग में आते हैं।
Bitcoin के साथ दूसरे टोकन पर भी नजर
Visser पहले मुख्य रूप से Bitcoin, Ethereum और Solana में निवेश करते थे। लेकिन अब उन्होंने अपने निवेश का दायरा बढ़ाया है। वह 42 क्रिप्टो टोकन और चार सूचीबद्ध कंपनियों पर आधारित एक सूचकांक भी देखते हैं। उनके अनुसार, इस समूह ने जून के बाद Bitcoin से बेहतर प्रदर्शन किया है।
उनकी नजर Dogecoin पर भी है, क्योंकि वह इसे आम निवेशकों की दिलचस्पी का संकेत मानते हैं। इसके अलावा, उन्होंने डिजिटल गोपनीयता से जुड़े प्रोजेक्ट में भी रुचि दिखाई है। Zcash और Monero जैसे टोकन इस क्षेत्र के उदाहरण हैं।
Visser का मानना है कि AI के विकास के साथ पहचान की सुरक्षा और निजी जानकारी की रक्षा का महत्व बढ़ेगा। AI के जरिए धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए गोपनीयता से जुड़ी तकनीकों की मांग भी बढ़ने की संभावना है।
क्रिप्टो के लिए अवसर, लेकिन जोखिम भी बरकरार
Visser की राय में AI से जुड़े शेयरों में पहले जैसी तेज कमाई की उम्मीद कम होने से निवेशकों का ध्यान क्रिप्टो की ओर लौट सकता है। लेकिन उनका यह भी मानना है कि यदि AI शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आती है, तो उसका असर व्यापक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में क्रिप्टोकरेंसी भी दबाव से अछूती नहीं रहेगी।
इसलिए क्रिप्टो और AI के बीच मुकाबले को केवल एक बाजार की जीत और दूसरे की हार के रूप में देखना सही नहीं होगा। AI कंपनियां तकनीक विकसित करने के लिए जरूरी चिप और कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराती हैं, जबकि क्रिप्टो नेटवर्क डिजिटल भुगतान और संपत्तियों के लेनदेन में भूमिका निभा सकते हैं।
आने वाले वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों का विकास एक-दूसरे से जुड़ा रह सकता है। निवेशकों के लिए अहम सवाल यह होगा कि कौन सी कंपनियां और डिजिटल परियोजनाएं वास्तविक उपयोग, कमाई और स्थायी मांग पैदा कर पाती हैं।
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