क्रिप्टो और कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। ईरान की ओर से यह घोषणा किए जाने के बाद कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला है, Bitcoin की कीमत तेज़ी से बढ़ गई, जबकि कच्चे तेल में बड़ी गिरावट आई।
Bitcoin की कीमत बढ़कर लगभग $76,500 तक पहुंच गई, जो फरवरी के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। दूसरी ओर, Brent और WTI कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% से 12% तक गिरावट दर्ज की गई।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि संघर्षविराम की अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा। इसके बाद निवेशकों को यह भरोसा मिला कि वैश्विक तेल आपूर्ति फिर सामान्य हो सकती है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसमें सऊदी अरब, इराक, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों का तेल शामिल है।
पिछले कई हफ्तों से ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अप्रैल के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के बाद तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के ऊपर चली गई थीं और Bitcoin भी $72,000 से नीचे फिसल गया था।
उस समय निवेशकों को डर था कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो दुनिया भर में तेल की आपूर्ति प्रभावित होगी और आर्थिक संकट गहरा सकता है। इसी डर की वजह से जोखिम वाली संपत्तियों, जैसे क्रिप्टोकरेंसी, में बिकवाली बढ़ गई थी।
बिटकॉइन में तेजी क्यों लौटी
अब जब ईरान ने इस समुद्री मार्ग को फिर से खोलने का संकेत दिया है, तो निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है। बाजार को लग रहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव कुछ हद तक कम हो सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव घटेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि Bitcoin अब केवल एक वैकल्पिक संपत्ति नहीं रह गया है, बल्कि यह शेयर बाजार और वैश्विक जोखिम भावना के साथ जुड़कर चल रहा है। जब निवेशकों को लगता है कि तनाव कम हो रहा है, तो वे फिर से क्रिप्टो जैसी जोखिम वाली संपत्तियों में पैसा लगाना शुरू कर देते हैं।
क्या आप जानते हैं: बिटकॉइन माइनिंग कंपनियों ने 2026 की पहली तिमाही में बेच डाले रिकॉर्ड BTC
FalconX के विश्लेषकों के अनुसार, Bitcoin ने हाल के दिनों में कई नकारात्मक खबरों को पीछे छोड़ दिया है। इसमें ईरान संकट, माइनिंग कंपनियों की बड़ी बिक्री और तकनीकी जोखिम जैसी बातें शामिल थीं। अब बाजार में नई पूंजी वापस लौट रही है।
कुछ तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि $76,000 का स्तर बहुत महत्वपूर्ण है। अगर Bitcoin इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो कीमत आगे बढ़कर $80,000 की ओर जा सकती है। हालांकि, इसके बाद मुनाफावसूली का दबाव भी बढ़ सकता है।
तेल में गिरावट से क्या असर पड़ेगा
तेल की कीमतों में अचानक आई गिरावट का असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। कम तेल कीमतों का मतलब है कि महंगाई पर दबाव कम हो सकता है। इससे दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत कम पड़ सकती है।
अगर ऐसा होता है, तो शेयर बाजार और क्रिप्टो जैसे निवेश क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है। इसी वजह से तेल गिरने और Bitcoin बढ़ने को बाजार एक साथ देख रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है कि स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है। अगर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से बिगड़ती है या होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नया तनाव पैदा होता है, तो बाजार में फिर अचानक उतार चढ़ाव लौट सकता है।
फिलहाल इतना जरूर है कि ईरान के इस बयान ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। इसका असर सबसे पहले तेल और Bitcoin पर दिखा, लेकिन आने वाले दिनों में इसका प्रभाव दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर भी दिखाई दे सकता है।
ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

