सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध Bitcoin माइनिंग कंपनियों ने 2026 की पहली तिमाही में जितना बिटकॉइन बेचा, वह पूरे 2025 से भी ज्यादा है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि माइनिंग कारोबार पर दबाव तेजी से बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, MARA, Riot Platforms, CleanSpark, Core Scientific और Bitdeer जैसी बड़ी कंपनियों ने जनवरी से मार्च 2026 के बीच मिलकर 32,000 से ज्यादा बिटकॉइन बेच दिए। यह आंकड़ा 2025 के पूरे साल में हुई कुल बिक्री से भी ज्यादा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि माइनिंग कंपनियां आमतौर पर अपने पास मौजूद बिटकॉइन को लंबे समय तक रखती हैं। लेकिन इस बार हालात अलग हैं। कमाई घटने और खर्च बढ़ने की वजह से उन्हें अपनी जमा पूंजी बेचनी पड़ रही है।
बिजली महंगी, मुनाफा हुआ कम
माइनिंग उद्योग पर सबसे बड़ा असर बिजली की बढ़ती कीमतों और बिटकॉइन माइनिंग से मिलने वाली कम कमाई का पड़ा है। माइनिंग कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि एक बिटकॉइन निकालने में कितनी बिजली और संसाधन लग रहे हैं।
हाल के महीनों में “हैशप्राइस” यानी माइनिंग से मिलने वाला औसत रिटर्न ऐतिहासिक रूप से बहुत नीचे चला गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह करीब $33 प्रति पेटाहैश प्रति सेकंड तक गिर गया, जिससे उद्योग का लगभग 20% हिस्सा घाटे में पहुंच गया।
इसके अलावा, बिटकॉइन की कीमत में आई कमजोरी ने भी कंपनियों पर दबाव बढ़ाया। कई माइनिंग कंपनियां उम्मीद कर रही थीं कि कीमतें तेजी से ऊपर जाएंगी, लेकिन बाजार लंबे समय तक कमजोर बना रहा।
इसी वजह से कंपनियों को अपने रोजमर्रा के खर्च, कर्ज और नए उपकरणों के भुगतान के लिए बिटकॉइन बेचने पड़े।
किन कंपनियों ने सबसे ज्यादा बेचा
Riot Platforms उन कंपनियों में शामिल रही जिसने पहली तिमाही में सबसे ज्यादा बिक्री की। कंपनी ने करीब 3,778 बिटकॉइन बेचे, जिससे उसे लगभग $289 मिलियन मिले। इसके बाद भी उसके पास 15,680 BTC बचे हुए हैं।
वहीं MARA Holdings ने मार्च 2026 में लगभग 15,000 बिटकॉइन बेच दिए, जिनकी कीमत $1.1 Bn से ज्यादा थी। कंपनी ने यह बिक्री मुख्य रूप से अपने कर्ज को कम करने और नकदी जुटाने के लिए की। इसके बावजूद MARA अभी भी करीब 53,000 BTC अपने पास रखे हुए है।
क्या आप जानते हैं: बिटकॉइन नेटवर्क ने बनाया 2 करोड़वां कॉइन, अब सिर्फ 10 लाख माइनिंग बाकी
कुछ छोटी कंपनियों ने तो अपने लगभग सारे बिटकॉइन बेच दिए। Empery Digital ने 370 BTC बेचकर कर्ज चुकाया, जबकि Genius Group ने अपने आखिरी 84 BTC भी बेच दिए। कंपनी ने कहा कि हालात सुधरने पर वह दोबारा बिटकॉइन खरीद सकती है।
कंपनियों के पास अभी भी बड़ी मात्रा में BTC
बिक्री बढ़ने के बावजूद माइनिंग कंपनियों के पास अभी भी बड़ी मात्रा में बिटकॉइन मौजूद है। 2023 के अंत में माइनिंग कंपनियों के पास कुल मिलाकर 18.6 लाख BTC थे। अब यह घटकर करीब 18 लाख BTC रह गए हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बिजली की कीमतें और बढ़ीं या बिटकॉइन की कीमत लंबे समय तक नीचे रही, तो आने वाले महीनों में और ज्यादा बिक्री देखने को मिल सकती है।
कुछ कंपनियां अब केवल माइनिंग पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं। वे डेटा सेंटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े कारोबार की ओर भी बढ़ रही हैं। उदाहरण के लिए, Core Scientific जैसी कंपनियां अब एआई ढांचे पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं और इसके लिए अपने बिटकॉइन भंडार का उपयोग कर रही हैं।
बाजार पर क्या पड़ सकता है असर
इतनी बड़ी मात्रा में बिटकॉइन की बिक्री का असर पूरे क्रिप्टो बाजार पर पड़ सकता है। जब माइनिंग कंपनियां बड़ी संख्या में BTC बेचती हैं, तो बाजार में आपूर्ति बढ़ जाती है और कीमत पर दबाव बन सकता है।
हालांकि, फिलहाल बाजार ने इस बिक्री को पूरी तरह नकारात्मक संकेत के रूप में नहीं लिया है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियां केवल अपने कारोबार को बचाने के लिए ऐसा कर रही हैं, न कि इसलिए कि उन्हें बिटकॉइन के भविष्य पर भरोसा नहीं है।
अगर आने वाले महीनों में बिटकॉइन की कीमत फिर से मजबूत होती है, तो माइनिंग कंपनियां दोबारा BTC जमा करना शुरू कर सकती हैं। लेकिन फिलहाल इतना साफ है कि 2026 की शुरुआत माइनिंग उद्योग के लिए आसान नहीं रही।
ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

