
ट्रम्प का बड़ा क्रिप्टो U-Turn, CLARITY Act बचाने के लिए मान गए सख्त Ethics Rules
ट्रम्प ने CLARITY Act में नए Crypto Ethics Rules का समर्थन किया है। 126 बदलावों वाले इस कानून में सरकारी अधिकारियों के क्रिप्टो हितों पर सख्ती और बाजार के लिए नए नियामक नियम शामिल हैं।

अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लंबे समय से अटके महत्वपूर्ण कानून को आगे बढ़ाने की कोशिश तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने क्रिप्टो बाजार के लिए प्रस्तावित CLARITY Act में शामिल नए नैतिकता नियमों के एक बड़े हिस्से को स्वीकार कर लिया है। रिपब्लिकन सांसदों के मुताबिक, इस समझौते का मकसद डेमोक्रेट्स की उन आपत्तियों को दूर करना है, जिनका संबंध ट्रम्प और उनके परिवार के क्रिप्टो कारोबार से है।
अमेरिकी सीनेट में इस कानून पर मंगलवार को अहम प्रक्रिया होने वाली है और इसे आगे बढ़ने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत होगी। नए समझौते में सरकारी अधिकारियों के क्रिप्टो हितों को लेकर सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं।
ट्रम्प के क्रिप्टो कारोबार को लेकर क्यों उठे सवाल?
CLARITY Act पर सबसे बड़ी राजनीतिक अड़चनों में से एक ट्रम्प के निजी क्रिप्टो हित रहे हैं। ट्रम्प और उनका परिवार कई क्रिप्टो कारोबार से जुड़े हैं। इसी वजह से डेमोक्रेट सांसदों का कहना रहा है कि अगर सरकार डिजिटल संपत्तियों के लिए नए नियम बनाती है, तो राष्ट्रपति या दूसरे सरकारी अधिकारियों के निजी हितों से टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
नई व्यवस्था में बड़े क्रिप्टो हित रखने वाले अधिकारियों को अपनी संपत्ति से अलग होने या उसे ब्लाइंड ट्रस्ट जैसी व्यवस्था में रखने की जरूरत पड़ सकती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी नीतियां किसी अधिकारी के निजी निवेश को फायदा पहुंचाने के लिए प्रभावित न हों।
हालांकि, प्रस्तावित नियम ट्रम्प को मौजूदा डिजिटल संपत्तियों को केवल निवेश के तौर पर रखने से पूरी तरह रोकने के लिए नहीं हैं। इससे पहले सीनेट की बैंकिंग समिति की जानकारी में भी कहा गया था कि कानून का नैतिकता वाला हिस्सा ट्रम्प को डिजिटल संपत्तियां निवेश के रूप में रखने से नहीं रोकेगा।
कानून में क्या बड़े बदलाव किए गए हैं?
रिपब्लिकन सांसदों ने CLARITY Act के नए मसौदे में कुल 126 बदलाव शामिल किए हैं। इनमें नैतिकता से जुड़े नियमों के अलावा उपभोक्ता सुरक्षा, बैंकिंग व्यवस्था और डिजिटल संपत्ति कंपनियों की निगरानी से जुड़े प्रावधान भी हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में राज्य के अटॉर्नी जनरल को कानून लागू कराने की अतिरिक्त शक्ति देना शामिल है। इसका अर्थ है कि केवल अमेरिकी न्याय विभाग ही नहीं, बल्कि राज्यों के शीर्ष कानूनी अधिकारी भी प्रतिबंधित गतिविधियों या नियमों का उल्लंघन करने वाले क्रिप्टो कारोबार के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे।
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इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को कुछ ऐसे क्रिप्टो खातों पर कार्रवाई करने की शक्ति देने का प्रस्ताव है, जिनसे छोटे बैंकों की जमा राशि पर बड़ा असर पड़ सकता है। कानून में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के लिए कुछ कानूनी सुरक्षा और क्रिप्टो उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त उपभोक्ता सुरक्षा भी शामिल की गई है।
CLARITY Act के लिए 60 वोट क्यों जरूरी?
CLARITY Act का मकसद अमेरिका में डिजिटल संपत्तियों के लिए एक स्पष्ट नियामक ढांचा तैयार करना है। मौजूदा व्यवस्था में यह सवाल लंबे समय से बना हुआ है कि किस क्रिप्टो संपत्ति की निगरानी Securities and Exchange Commission यानी SEC करेगा और किसकी जिम्मेदारी Commodity Futures Trading Commission यानी CFTC के पास होगी।
कानून समर्थकों का कहना है कि स्पष्ट नियम मिलने से क्रिप्टो कंपनियों और निवेशकों को लंबे समय की योजना बनाने में मदद मिलेगी। दूसरी ओर, बैंकिंग उद्योग और कुछ सांसदों को स्टेबलकॉइन और बैंक जमा से जुड़े प्रावधानों पर अभी भी आपत्ति है।
सीनेट में प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 60 वोट जरूरी हैं। इसका मतलब है कि रिपब्लिकन सांसदों को कम से कम कुछ डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा। यही कारण है कि ट्रम्प का नए नैतिकता प्रावधानों पर सहमत होना कानून के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्रिप्टो मार्केट के लिए क्यों अहम है यह कानून?
CLARITY Act केवल अमेरिकी राजनीति का मुद्दा नहीं है। इसका असर वैश्विक क्रिप्टो बाजार पर भी पड़ सकता है। अगर कानून आगे बढ़ता है तो अमेरिका में डिजिटल संपत्तियों के नियमन को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता कम हो सकती है। इससे बड़े वित्तीय संस्थानों और क्रिप्टो कंपनियों को अमेरिका में अपनी योजनाएं बनाने में ज्यादा स्पष्टता मिल सकती है।
Bitcoin भी इस घटनाक्रम के बीच करीब $78,000 के आसपास कारोबार कर रहा था। बाजार पहले से ही फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले और आर्थिक आंकड़ों को लेकर सतर्क है। ऐसे में CLARITY Act पर सकारात्मक खबर क्रिप्टो बाजार के लिए एक अतिरिक्त तेजी का कारण बन सकती है।
हालांकि, कानून का भविष्य अभी तय नहीं हुआ है। सीनेट में 60 वोट की चुनौती के बाद इसे सदन से भी मंजूरी लेनी होगी। इसलिए ट्रम्प का समर्थन एक महत्वपूर्ण कदम जरूर है, लेकिन CLARITY Act के कानून बनने की राह अभी लंबी है। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या नए नैतिकता नियम राजनीतिक विरोध को कम कर पाते हैं और क्या अमेरिकी सांसद डिजिटल संपत्तियों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचे पर सहमत हो पाते हैं।
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