
THORChain पर $10 मिलियन का साइबर हमला, प्रभावित यूजर्स के लिए शुरू किया रिकवरी पोर्टल
THORChain ने $10 मिलियन के बड़े exploit की पुष्टि की है और प्रभावित यूजर्स के लिए recovery portal लॉन्च किया है। जानिए कैसे हुआ हमला और यूजर्स अपने फंड वापस पाने के लिए क्या कर सकते हैं।

क्रिप्टो सेक्टर में एक और बड़े साइबर हमले ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता बढ़ा दी है। विकेंद्रीकृत क्रॉस-चेन प्रोटोकॉल THORChain ने पुष्टि की है कि हाल ही में उसके नेटवर्क पर करीब $10 मिलियन का exploit हुआ, जिसमें हजारों यूजर्स प्रभावित हुए। घटना के बाद प्रोटोकॉल ने अब एक recovery portal लॉन्च किया है, जिसके जरिए प्रभावित यूजर्स अपने फंड रिकवर करने के लिए क्लेम दर्ज कर सकेंगे।
THORChain Foundation ने कहा कि यह पोर्टल self-custodial मॉडल पर काम करेगा। यानी यूजर्स अपने वॉलेट का कंट्रोल खुद रखते हुए malicious token approvals को revoke कर सकेंगे और compensation claim फाइल कर पाएंगे। प्रोटोकॉल ने यह भी दावा किया कि यूजर्स के नुकसान की भरपाई के लिए treasury-backed refund pool तैयार किया गया है, जिसका आकार चोरी हुए फंड के बराबर रखा गया है।
कैसे हुआ हमला
THORChain के अनुसार हमला 11 मई को सामने आया, जब node operators ने असामान्य outbound transactions को नोटिस किया। रिपोर्ट के मुताबिक सुबह 02:14 UTC पर संदिग्ध गतिविधि का पता चला और करीब आठ मिनट के भीतर trading तथा outbound signing को रोक दिया गया।
हमलावरों ने लगभग 36.75 Bitcoin के अलावा कई दूसरे टोकन भी चुरा लिए। कुल नुकसान करीब $10 मिलियन बताया गया है। यह हमला Bitcoin, Ethereum, BNB Chain और Base समेत चार अलग-अलग blockchain networks तक फैला था। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 12,847 wallets इससे प्रभावित हुए।
विश्लेषकों का कहना है कि यह हाल के महीनों में decentralized finance यानी DeFi सेक्टर पर हुए सबसे गंभीर हमलों में से एक माना जा रहा है।
तकनीकी कमजोरी बनी हमले की वजह
THORChain ने शुरुआती जांच में बताया कि हमला संभवतः GG20 threshold signature scheme यानी TSS implementation में मौजूद कमजोरी के कारण हुआ।
प्रोटोकॉल के मुताबिक इस कमजोरी की वजह से vault key material धीरे धीरे leak होता गया। हमलावर ने समय के साथ इस जानकारी को इकट्ठा किया और आखिरकार vault की private key reconstruct करने में सफल हो गया। इसके बाद unauthorized outbound transactions को अंजाम दिया गया।
THORChain ने यह भी कहा कि एक नया churned node हमले से कुछ दिन पहले नेटवर्क में शामिल हुआ था और फिलहाल जांच एजेंसियां उसी पर संदेह कर रही हैं। ऑन-चेन डेटा में उस node के bonding addresses और चोरी हुए फंड पाने वाले wallets के बीच कनेक्शन भी मिले हैं।
यूजर्स के लिए क्या है रिकवरी प्लान
Recovery portal के जरिए प्रभावित यूजर्स को compensation amount देखने और refund claim करने की सुविधा दी गई है। THORChain ने इसके लिए 21 दिनों की समयसीमा तय की है।
रिपोर्ट के अनुसार claim window 4 जून तक खुली रहेगी। इसके बाद अगर कोई allocation बचता है, तो उसे protocol insurance fund में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
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THORChain ने यूजर्स को scam websites से सावधान रहने की भी चेतावनी दी है। exploit के बाद कई fake refund portals और airdrop scams सामने आए हैं, जो लोगों को phishing transactions sign करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने प्रभावित यूजर्स को सलाह दी है कि वे नया wallet बनाएं और किसी भी अनजान लिंक या वेबसाइट पर अपने wallet credentials इस्तेमाल न करें।
DeFi सेक्टर पर बढ़ा दबाव
हाल के महीनों में DeFi protocols पर हमले लगातार बढ़े हैं। अप्रैल 2026 में crypto hacks से कुल नुकसान लगभग $630 मिलियन तक पहुंच गया था। KelpDAO और Drift Protocol जैसे बड़े exploits ने पूरे सेक्टर की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब हमलावर केवल smart contracts की कमजोरियों को नहीं, बल्कि operational infrastructure, bridge systems और privileged access points को भी निशाना बना रहे हैं।
Blockchain security पर हुई कई रिसर्च रिपोर्ट्स में भी यह चेतावनी दी गई है कि decentralized systems में private key management और consensus mechanisms सबसे बड़े जोखिम वाले हिस्सों में शामिल हैं।
बाजार और निवेशकों पर असर
घटना के बाद THORChain के native token RUNE में भी दबाव देखा गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि बड़े exploits के बाद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ना आम बात है, खासकर तब जब हमला multiple chains तक फैला हो।
हालांकि THORChain की ओर से तेज प्रतिक्रिया और recovery portal लॉन्च को कुछ विशेषज्ञ सकारात्मक कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि DeFi protocols के लिए केवल attack रोकना ही नहीं, बल्कि incident response और user compensation भी बेहद महत्वपूर्ण हो चुका है।
फिलहाल THORChain की टीम forensic investigation agencies और law enforcement के साथ मिलकर हमलावर की पहचान करने और चोरी हुए फंड को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।
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