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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितस्टाफ लेखकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

रूसी हर साल $129 Bn क्रिप्टो ट्रांसफर करते हैं ‘निगरानी से बाहर’: अधिकारी

ताजा खबरेंप्रकाशित17 फ़र॰ 2026

रूस के वित्त मंत्रालय के अनुसार देश में क्रिप्टो का दैनिक कारोबार करीब 54 अरब रुपये पहुंच गया है। बढ़ते उपयोग और जोखिमों के चलते सरकार सख्त नियंत्रण व लाइसेंस व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।

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रूस में सांकेतिक मुद्रा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। अब इसका दैनिक कारोबार लगभग 50 अरब रूबल यानी करीब $648 मिलियन (लगभग 54 अरब रुपये) तक पहुंच गया है। यह खुलासा रूस के वित्त मंत्रालय ने किया है, जिसके बाद सरकार ने इस क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिए नई नीति और नियमों की प्रक्रिया तेज कर दी है।

रूस के उप वित्त मंत्री इवान चेबेस्कोव ने कहा कि देश में लाखों नागरिक सांकेतिक मुद्रा लेनदेन में शामिल हैं और इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यह गतिविधि अब इतनी बड़ी हो चुकी है कि इसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है और इसे औपचारिक व्यवस्था में लाना आवश्यक हो गया है।

सांकेतिक मुद्रा का वार्षिक कारोबार

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रूस में सांकेतिक मुद्रा का वार्षिक कारोबार लगभग $130 Bn तक पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि यह अब वित्तीय प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी के पीछे निवेश के नए अवसर, बचत का विकल्प और अंतरराष्ट्रीय भुगतान में इसकी उपयोगिता प्रमुख कारण हैं।

हालांकि, सरकार के लिए चिंता का विषय यह है कि इस कारोबार का बड़ा हिस्सा अभी तक किसी भी औपचारिक नियंत्रण के दायरे में नहीं है। वित्त मंत्रालय का मानना है कि बड़ी मात्रा में लेनदेन बिना निगरानी के हो रहा है, जिससे वित्तीय सुरक्षा और पारदर्शिता पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

नए कानून की तैयारी

इसी कारण रूस की सरकार और केंद्रीय बैंक इस क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिए नए कानून तैयार कर रहे हैं। प्रस्तावित नियमों में निवेशकों के लिए सीमाएं तय करना, लाइसेंस व्यवस्था लागू करना और लेनदेन की निगरानी बढ़ाना शामिल है। इसका उद्देश्य जोखिम को कम करना और निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह क्षेत्र नियंत्रित ढांचे में आता है तो इससे सरकार को कर राजस्व में वृद्धि होगी और वित्तीय प्रणाली अधिक मजबूत बनेगी। साथ ही, इससे अवैध गतिविधियों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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दूसरी ओर, यूरोपीय संघ भी रूस से जुड़े सांकेतिक मुद्रा लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के प्रयासों को रोका जा सके। यह कदम वैश्विक स्तर पर सांकेतिक मुद्रा के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

विश्लेषकों का कहना है कि रूस में सांकेतिक मुद्रा का बढ़ता उपयोग यह दिखाता है कि डिजिटल वित्त भविष्य की दिशा तय कर रहा है। हालांकि, इसके साथ जुड़े जोखिमों को देखते हुए सरकारों के लिए नियंत्रण और नवाचार के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती है।

निष्कर्ष

रूस में सांकेतिक मुद्रा का प्रतिदिन हजारों करोड़ रुपये का कारोबार इस क्षेत्र की तेज वृद्धि और बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है। अब सरकार का ध्यान इसे नियंत्रित और सुरक्षित ढांचे में लाने पर है, जिससे निवेशकों की सुरक्षा, पारदर्शिता और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

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