दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन को लेकर एक नई तकनीकी चुनौती की आशंका सामने आई है। निवेश प्रबंधन कंपनी Ark invest और बिटकॉइन आधारित वित्तीय सेवा मंच अनचेंड की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भविष्य में क्वांटम संगणना के विकास से बिटकॉइन की लगभग 34.6% आपूर्ति संभावित जोखिम के दायरे में आ सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल बिटकॉइन नेटवर्क की सुरक्षा मजबूत है और लगभग 65.4% आपूर्ति अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन यदि भविष्य में अत्यधिक शक्तिशाली क्वांटम संगणक विकसित हो जाते हैं, तो वे मौजूदा क्रिप्टोग्राफी को चुनौती दे सकते हैं, जिस पर बिटकॉइन नेटवर्क की सुरक्षा आधारित है।
पते के पुनः उपयोग से बढ़ा जोखिम
अध्ययन के अनुसार करीब 50 लाख बिटकॉइन, जो कुल आपूर्ति का लगभग 25% है, ऐसे पतों से जुड़े हैं जिनका बार-बार उपयोग किया गया है। इस प्रक्रिया में सार्वजनिक कुंजी उजागर होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि भविष्य में उन्नत क्वांटम संगणक उपलब्ध होते हैं तो वे ऐसी सार्वजनिक कुंजियों का विश्लेषण कर निजी कुंजी तक पहुँचने की कोशिश कर सकते हैं।
इसके अलावा लगभग 17 लाख बिटकॉइन पुराने प्रकार के पतों में रखे गए हैं, जिन्हें नेटवर्क के शुरुआती वर्षों में इस्तेमाल किया जाता था। इन पतों में सार्वजनिक कुंजी सीधे दिखाई देती है, जिससे सैद्धांतिक रूप से सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।
टैपरूट पते भी आ सकते हैं दायरे में
रिपोर्ट के मुताबिक लगभग दो लाख बिटकॉइन ऐसे पतों में हैं जो अपेक्षाकृत नए टैपरूट ढाँचे से जुड़े हैं। इन पतों में भी लेनदेन के दौरान सार्वजनिक कुंजी उजागर होने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यदि क्वांटम संगणक पर्याप्त शक्तिशाली हो गए तो वे ऐसी कुंजियों को भेदने की क्षमता हासिल कर सकते हैं।
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हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह खतरा अभी केवल सैद्धांतिक है। मौजूदा समय में क्वांटम प्रौद्योगिकी इतनी उन्नत नहीं हुई है कि वह बिटकॉइन की सुरक्षा प्रणाली को तोड़ सके। इसके लिए हजारों तार्किक क्यूबिट और अत्यधिक जटिल संगणनात्मक क्षमता की आवश्यकता होगी, जो अभी विकास के शुरुआती चरण में है।
चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगी क्वांटम क्षमता
विश्लेषकों का कहना है कि क्वांटम संगणना का विकास अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे होगा। इसका मतलब है कि बिटकॉइन नेटवर्क और डेवलपर समुदाय के पास सुरक्षा सुधार लागू करने के लिए पर्याप्त समय होगा। कुछ आकलनों के अनुसार वास्तविक तकनीकी चुनौती संभवतः अगले दशक के मध्य के बाद सामने आ सकती है।
सुरक्षा उन्नयन पर भी काम जारी
इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए बिटकॉइन डेवलपर समुदाय पहले से ही संभावित समाधान पर काम कर रहा है। इसी दिशा में एक प्रस्ताव बिटकॉइन सुधार प्रस्ताव 360 सामने आया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे नए लेनदेन ढाँचे विकसित करना है जिनमें सार्वजनिक कुंजी के अनावश्यक खुलासे को कम किया जा सके।
प्रस्तावित ‘Pay-to-Merkle-Route’ मॉडल के माध्यम से नेटवर्क को भविष्य में क्वांटम हमलों के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे उन्नयन लागू कर दिए जाते हैं, तो बिटकॉइन नेटवर्क अपनी सुरक्षा बनाए रखने में सक्षम रहेगा और डिजिटल संपत्ति प्रणाली का भरोसा भी कायम रहेगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर रिपोर्ट यह संकेत देती है कि क्वांटम संगणना भविष्य में बिटकॉइन के लिए एक संभावित चुनौती बन सकती है, लेकिन फिलहाल यह खतरा दूर का है। तकनीकी समुदाय का मानना है कि समय रहते सुरक्षा ढाँचे को उन्नत कर लिया गया तो डिजिटल मुद्रा की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
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