भारत में क्रिप्टो निवेशकों का व्यवहार तेजी से बदल रहा है। पहले जहां लोग तेजी के समय केवल मुनाफे की उम्मीद में निवेश करते थे, वहीं अब निवेशक बाजार गिरने पर खरीदारी कर रहे हैं और लंबी अवधि के लिए पैसा लगा रहे हैं। नई रिपोर्ट बताती है कि भारतीय निवेशक अब पहले से ज्यादा सोच समझकर क्रिप्टो में पैसा लगा रहे हैं।
CoinSwitch की Q1 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सबसे ज्यादा क्रिप्टो ट्रेडिंग रात 10 बजे से 11 बजे के बीच हो रही है। यह समय शेयर बाजार बंद होने के बाद का होता है, जिससे साफ है कि ज्यादातर लोग नौकरी या कारोबार के बाद क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं।
रात में बढ़ी ट्रेडिंग, गिरावट में हो रही खरीदारी
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय निवेशकों का एक नया रुझान सामने आया है। अब लोग बाजार में गिरावट आने पर घबराकर बेचने के बजाय खरीदारी कर रहे हैं। इसे "डिप बाइंग" कहा जाता है।
Q1 2026 में जब Bitcoin और दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में गिरावट आई, तब भारतीय निवेशकों ने इसे मौका माना। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार गिरने वाले दिनों में खरीदारी सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रही। इससे पता चलता है कि अब निवेशक छोटी अवधि के मुनाफे के बजाय लंबे समय की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले भारतीय निवेशक केवल तेजी देखकर निवेश करते थे, लेकिन अब वे गिरावट के समय कम कीमत पर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। इससे यह भी पता चलता है कि देश में क्रिप्टो को लेकर समझ बढ़ रही है।
युवा निवेशकों के साथ महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी
भारत में क्रिप्टो निवेश अब केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z यानी 18 से 28 साल के निवेशक अब सबसे आगे हैं। उन्होंने पहली बार मिलेनियल निवेशकों को पीछे छोड़ दिया है। देश में सबसे ज्यादा क्रिप्टो निवेशक दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों में हैं।
इसके साथ ही महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है। एक सर्वे के अनुसार, 62% महिलाएं अगले 6 से 12 महीनों में क्रिप्टो में निवेश करना चाहती हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाएं अपनी पहली क्रिप्टो खरीद के लिए Bitcoin को चुनना चाहती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल ऐप, आसान निवेश विकल्प और सोशल मीडिया की वजह से अब ज्यादा लोग क्रिप्टो तक पहुंच पा रहे हैं। खासकर नौकरी करने वाले युवा और महिलाएं अब इसे अपने निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा बना रही हैं।
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केवल Bitcoin नहीं, अब Stablecoin और DeFi में भी दिलचस्पी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारतीय निवेशक अब केवल Bitcoin और Ethereum तक सीमित नहीं हैं। कई लोग Stablecoin, स्टेकिंग और DeFi जैसे नए विकल्पों की तरफ बढ़ रहे हैं।
हालांकि Bitcoin अब भी सबसे लोकप्रिय निवेश बना हुआ है, लेकिन निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो को अलग अलग हिस्सों में बांट रहे हैं। कुछ लोग कम जोखिम के लिए Stablecoin चुन रहे हैं, जबकि कुछ लोग ज्यादा मुनाफे के लिए नए टोकन और DeFi प्लेटफॉर्म में निवेश कर रहे हैं।
भारत सरकार और आयकर विभाग भी इस बदलते व्यवहार पर नजर रख रहे हैं। सरकार का कहना है कि क्रिप्टो लेनदेन का तरीका तेजी से बदल रहा है और नए प्रकार के निवेश सामने आ रहे हैं। इसी वजह से आने वाले समय में नियम और टैक्स व्यवस्था और सख्त हो सकती है।
भारत में फिलहाल क्रिप्टो पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू है। इसके बावजूद निवेशकों की संख्या बढ़ रही है। यही वजह है कि सरकार इस क्षेत्र को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं कर सकती।
क्रिप्टो अब सट्टा नहीं, लंबी अवधि का निवेश बन रहा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में क्रिप्टो बाजार अब पहले जैसा नहीं रहा। पहले इसे केवल तेजी से पैसा कमाने का साधन माना जाता था, लेकिन अब लोग इसे शेयर, सोना और म्यूचुअल फंड की तरह एक अलग निवेश विकल्प मानने लगे हैं।
भारतीय निवेशक अब बाजार को ज्यादा ध्यान से समझ रहे हैं। वे रात में समय निकालकर निवेश कर रहे हैं, गिरावट में खरीद रहे हैं और जोखिम को बांटने के लिए अलग अलग डिजिटल संपत्तियों में पैसा लगा रहे हैं।
अगर यही रुझान जारी रहता है, तो आने वाले कुछ वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो निवेश बाजारों में शामिल हो सकता है।
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