फ्रांस में क्रिप्टो संपत्ति से जुड़े अपराधों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें नकली पुलिस बनकर आए अपराधियों ने एक दंपती को बंधक बनाकर उनसे लगभग 9 लाख यूरो ( ~ $1 Mn) मूल्य की बिटकॉइन राशि ट्रांसफर करवा ली। यह घटना पेरिस के पश्चिम में स्थित ले शेनै-रोकांकूर क्षेत्र में हुई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लगभग पचास वर्ष की आयु वाले एक पुरुष और महिला के घर तीन लोग पुलिसकर्मी बनकर पहुंचे। उन्होंने खुद को पुलिस बताते हुए दरवाजा खुलवाया। जैसे ही महिला ने दरवाजा खोला, आरोपियों ने जबरन घर में प्रवेश कर लिया और दोनों को काबू में कर लिया।
चाकू दिखाकर दंपती को धमकाया
इसके बाद अपराधियों ने चाकू दिखाकर दंपती को धमकाया और पति को मजबूर किया कि वह अपनी बिटकॉइन संपत्ति उनके द्वारा बताए गए डिजिटल पते पर भेज दे। दबाव और धमकी के बीच पति ने लगभग 9 लाख यूरो यानी करीब 10 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर बिटकॉइन ट्रांसफर कर दिए।
घटना के दौरान अपराधियों ने पति को बांध दिया और महिला को भी हल्की चोटें आईं। पैसे ट्रांसफर होने के बाद आरोपी एक सफेद वैन में बैठकर मौके से फरार हो गए। कुछ समय बाद महिला ने खुद को संभाला और पति को मुक्त कराकर पड़ोसियों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
गंभीर आरोपों के तहत जांच शुरू
फ्रांस के वर्साय अभियोजन कार्यालय ने इस मामले में संगठित सशस्त्र लूट, बंधक बनाना और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों के तहत जांच शुरू कर दी है। इस जांच को संगठित अपराध विरोधी विशेष इकाई को सौंपा गया है, जो अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
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विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना तथाकथित ‘रिंच अटैक’ की श्रेणी में आती है। ऐसे मामलों में अपराधी तकनीकी हैकिंग के बजाय सीधे पीड़ित पर दबाव या हिंसा का इस्तेमाल करके उनसे डिजिटल संपत्ति ट्रांसफर करवाते हैं।
अपराधों में तेजी
साइबर सुरक्षा मंचों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में इस प्रकार के अपराधों में तेजी आई है। वर्ष 2025 में विश्व स्तर पर ऐसे दर्ज मामलों की संख्या में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कई घटनाएं यूरोप में सामने आईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल संपत्ति के बढ़ते मूल्य और लेनदेन की अपरिवर्तनीय प्रकृति ऐसे अपराधों को बढ़ावा देती है, क्योंकि एक बार क्रिप्टो संपत्ति ट्रांसफर हो जाने पर उसे वापस पाना बेहद कठिन होता है।
निष्कर्ष
फ्रांस की यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल संपत्ति रखने वाले लोगों के लिए खतरे अब केवल ऑनलाइन हैकिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भौतिक हमलों का जोखिम भी तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को अपनी वित्तीय जानकारी गोपनीय रखने और सुरक्षा के बहुस्तरीय उपाय अपनाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे अपराधों से बचा जा सके।
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