
2026 की पहली छमाही: क्रिप्टो हैक में 1 अरब डॉलर का नुकसान
2026 की पहली छमाही में क्रिप्टो हैक से 1 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ। Blockaid की रिपोर्ट के अनुसार Ethereum और Solana सबसे ज्यादा प्रभावित नेटवर्क रहे।

क्रिप्टो उद्योग के लिए 2026 का पहला आधा साल साइबर सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा है। ऑनचेन सुरक्षा कंपनी Blockaid की नई रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच हैकिंग और साइबर हमलों के कारण 1 अरब डॉलर से अधिक की डिजिटल परिसंपत्तियां चोरी हो गईं। यह छह महीने की अवधि में दर्ज सबसे अधिक साइबर हमलों में से एक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा नुकसान Ethereum और Solana नेटवर्क पर हुआ। Ethereum से जुड़े हमलों में करीब 332 मिलियन डॉलर और Solana से जुड़े मामलों में लगभग 326 मिलियन डॉलर की परिसंपत्तियां चोरी हुईं। हालांकि दोनों नेटवर्क पर हुए हमलों की प्रकृति अलग रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि ब्लॉकचेन तकनीक के विस्तार के साथ साइबर अपराधी भी अपने हमलों के तरीके लगातार बदल रहे हैं।
Ethereum और Solana क्यों बने सबसे बड़े निशाने?
Blockaid की रिपोर्ट के अनुसार, Ethereum पर सबसे अधिक नुकसान स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में मौजूद तकनीकी कमजोरियों का फायदा उठाकर किया गया। दूसरी ओर Solana नेटवर्क पर अधिकांश नुकसान निजी कुंजी, हस्ताक्षर प्रणाली और उपयोगकर्ता खातों से जुड़े सुरक्षा उल्लंघनों के कारण हुआ।
विश्लेषकों का कहना है कि Ethereum विकेंद्रीकृत वित्त और टोकन आधारित परियोजनाओं का सबसे बड़ा मंच है। यहां बड़ी मात्रा में पूंजी मौजूद रहती है, इसलिए हमलावरों की नजर भी इसी पर रहती है।
वहीं Solana पर तेज लेनदेन और बड़ी संख्या में सक्रिय उपयोगकर्ताओं की वजह से नए अनुप्रयोग तेजी से विकसित हो रहे हैं। लेकिन जैसे जैसे इसका उपयोग बढ़ रहा है, वैसे वैसे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
रिकॉर्ड संख्या में साइबर हमले
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 की पहली छमाही में हमलों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक रही। हालांकि हर हमले में बड़ी रकम की चोरी नहीं हुई, लेकिन कुल घटनाओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सबसे बड़ा एकल हमला KelpDAO से जुड़ा था, जिसमें लगभग 292 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अब साइबर अपराधी केवल बड़े एक्सचेंजों को ही निशाना नहीं बना रहे हैं। वे छोटे प्रोटोकॉल, विकेंद्रीकृत वित्त परियोजनाओं, वॉलेट सेवाओं और उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी पर भी हमले कर रहे हैं।
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उनका मानना है कि हमलों की बढ़ती संख्या यह दिखाती है कि उद्योग के विस्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी गति से मजबूत करना होगा।
निवेशकों और परियोजनाओं के लिए क्या है संदेश?
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ब्लॉकचेन नेटवर्क सुरक्षित होने से काम नहीं चलता। परियोजनाओं को अपने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट का नियमित सुरक्षा परीक्षण कराना चाहिए और उपयोगकर्ताओं को भी निजी कुंजी तथा रिकवरी वाक्यांश की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इसके अलावा, बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली, हार्डवेयर वॉलेट और संदिग्ध लिंक या फर्जी वेबसाइटों से बचना भी जरूरी है। कई मामलों में तकनीकी कमजोरी के बजाय उपयोगकर्ताओं की छोटी गलती भी बड़ी चोरी का कारण बन जाती है।
सुरक्षा कंपनियों का मानना है कि जैसे जैसे संस्थागत निवेश बढ़ेगा, साइबर सुरक्षा पर खर्च भी बढ़ाना होगा। मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बिना डिजिटल परिसंपत्ति उद्योग में भरोसा बनाए रखना कठिन हो सकता है।
आगे क्या रह सकती है दिशा?
विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले महीनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षा उपकरण, ऑनचेन निगरानी और वास्तविक समय में खतरे की पहचान करने वाली तकनीकों का उपयोग बढ़ सकता है। कई ब्लॉकचेन परियोजनाएं पहले से ही अपने सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि कोई भी प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती। इसलिए उद्योग के साथ साथ उपयोगकर्ताओं की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण रहेगी।
फिलहाल Blockaid की रिपोर्ट यह स्पष्ट संकेत देती है कि 2026 की पहली छमाही में साइबर हमले क्रिप्टो उद्योग की सबसे बड़ी चुनौतियों में रहे। Ethereum और Solana पर सबसे अधिक नुकसान दर्ज होने के बावजूद यह समस्या पूरे डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र के लिए चेतावनी है। आने वाले समय में तकनीकी नवाचार के साथ मजबूत सुरक्षा व्यवस्था ही उद्योग के विकास की सबसे बड़ी शर्त मानी जाएगी।
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