
Coldcard वॉलेट में बड़ी सेंध, 5,200 से ज्यादा पतों से $116 मिलियन Bitcoin चोरी
Coldcard हार्डवेयर वॉलेट की सुरक्षा खामी के बीच 5,200 से अधिक पतों से करीब $116 मिलियन Bitcoin चोरी होने की खबर है। जानिए मामला क्या है।

क्रिप्टो दुनिया में सुरक्षित माने जाने वाले हार्डवेयर वॉलेट को लेकर बड़ा सुरक्षा संकट सामने आया है। Coldcard हार्डवेयर वॉलेट से जुड़े 5,200 से अधिक Bitcoin पतों से करीब 1,816 Bitcoin चोरी होने की जानकारी सामने आई है। इन Bitcoin की मौजूदा कीमत लगभग 116 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। इस घटना ने क्रिप्टो निवेशकों के बीच अपनी डिजिटल संपत्ति को खुद सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
ब्लॉकचेन विश्लेषण करने वाली Galaxy Research के अनुसार, चोरी की गई राशि करीब 1,816 BTC है। दूसरी ओर कुछ अन्य शोधकर्ताओं ने संभावित नुकसान इससे भी अधिक होने की आशंका जताई है। घटना के बाद Coldcard बनाने वाली कंपनी Coinkite ने प्रभावित उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की। कंपनी ने बताया कि कुछ पुराने संस्करणों में Bitcoin की सीड बनाने की प्रक्रिया में समस्या थी।
सीड बनाने की खामी बनी सबसे बड़ा खतरा
Coldcard जैसे हार्डवेयर वॉलेट में Bitcoin को सुरक्षित रखने के लिए सीड यानी गुप्त शब्दों की एक श्रृंखला बनाई जाती है। यही सीड आगे डिजिटल वॉलेट की निजी कुंजी तैयार करने का आधार बनती है। सामान्य स्थिति में यह प्रक्रिया बेहद मजबूत और अप्रत्याशित होनी चाहिए, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति इसे अनुमान लगाकर वॉलेट तक नहीं पहुंच सके।
Coinkite की सुरक्षा चेतावनी के अनुसार, पुराने Coldcard Mk2 और Mk3 उपकरणों के कुछ फर्मवेयर संस्करणों में सीड तैयार करने के दौरान पर्याप्त स्तर की यादृच्छिकता नहीं थी। यह समस्या मार्च 2021 से इस्तेमाल किए गए कुछ संस्करणों से जुड़ी बताई गई है। कंपनी ने बाद में Mk4, Mk5 और Q मॉडल के पुराने संस्करणों को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा।
इसका मतलब यह है कि कुछ ऐसे वॉलेट जिनकी सीड सामान्य तौर पर सुरक्षित मानी जा रही थी, उन्हें पर्याप्त कंप्यूटिंग क्षमता के जरिए अनुमान लगाने का जोखिम पैदा हो गया। कई प्रभावित वॉलेट वर्षों से इस्तेमाल नहीं किए गए थे, लेकिन उनमें Bitcoin मौजूद था।
कुछ ही समय में खाली हुए सैकड़ों वॉलेट
इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सैकड़ों वॉलेट से Bitcoin बहुत कम समय में निकाल लिए गए। शुरुआती जांच में करीब 594 BTC की एक बड़ी निकासी भी सामने आई थी, जिसके बाद Coldcard की सुरक्षा खामी पर ध्यान गया। बाद के विश्लेषण में चोरी की कुल राशि और प्रभावित पतों का दायरा काफी बड़ा पाया गया।
शोधकर्ताओं ने बताया कि चोरी की गई रकम कई लेनदेन के जरिए अलग-अलग पतों से निकाली गई। इससे संकेत मिलता है कि हमलावरों ने पहले से तैयार तरीके से संभावित रूप से कमजोर वॉलेट की पहचान की और फिर उनमें मौजूद Bitcoin को स्थानांतरित किया।
क्या आप जानते हैं: विदेशी शेयर या क्रिप्टो, 2026 में कहां पैसा लगा रहे हैं भारतीय निवेशक?
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि Coinkite ने सभी संदिग्ध चोरी को अपनी सुरक्षा खामी से सीधे जोड़ने की पुष्टि नहीं की है। कंपनी और स्वतंत्र शोधकर्ता अभी भी तकनीकी कारणों की जांच कर रहे हैं।
हार्डवेयर वॉलेट की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
हार्डवेयर वॉलेट को आमतौर पर ऑनलाइन वॉलेट की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि निजी कुंजी को इंटरनेट से दूर रखा जा सकता है। लेकिन Coldcard घटना ने दिखाया है कि केवल इंटरनेट से अलग रखना पर्याप्त नहीं है। वॉलेट की सुरक्षा उस समय से शुरू होती है जब उसकी सीड पहली बार बनाई जाती है।
इस मामले ने यह सवाल भी उठाया है कि हार्डवेयर और उसके सॉफ्टवेयर की नियमित जांच कितनी जरूरी है। Coinkite ने प्रभावित उपयोगकर्ताओं को नए फर्मवेयर पर जाने और जरूरत पड़ने पर नई सीड बनाने की सलाह दी है। कंपनी के अनुसार, कुछ पुराने मॉडल में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों, जैसे मजबूत पासफ्रेज या पर्याप्त बाहरी यादृच्छिक जानकारी, से जोखिम कम हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन उपयोगकर्ताओं ने प्रभावित उपकरणों पर अपनी सीड बनाई थी, उन्हें केवल फर्मवेयर अपडेट करने पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। पुरानी सीड पहले ही कमजोर तरीके से बनी हो सकती है, इसलिए सुरक्षित नई सीड में धन स्थानांतरित करना जरूरी हो सकता है।
क्रिप्टो निवेशकों के लिए क्या सीख?
Coldcard घटना का सबसे बड़ा सबक यह है कि डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा में किसी एक तकनीक पर पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। मजबूत सीड निर्माण, अतिरिक्त पासफ्रेज, बहु-हस्ताक्षर व्यवस्था और नियमित सुरक्षा जांच जैसे उपाय जोखिम कम करने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि हार्डवेयर वॉलेट की इस घटना को पूरे क्रिप्टो उद्योग की सुरक्षा विफलता मानना सही नहीं होगा। यह एक खास उपकरण और उसकी सीड निर्माण प्रक्रिया से जुड़ा मामला है। फिर भी इससे यह स्पष्ट होता है कि क्रिप्टो में खुद अपनी संपत्ति संभालने की जिम्मेदारी के साथ तकनीकी जोखिम भी आता है।
फिलहाल Coldcard से जुड़ी जांच जारी है और शोधकर्ता चोरी की रकम तथा प्रभावित पतों का पूरा दायरा समझने की कोशिश कर रहे हैं। करीब 116 मिलियन डॉलर की यह घटना आने वाले समय में हार्डवेयर वॉलेट कंपनियों के लिए सुरक्षा परीक्षण और पारदर्शिता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है।
ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

