क्रिप्टोकरेंसी जगत में एक बड़ा विवाद सामने आया है। ऑन-चेन जांचकर्ता जैकएक्सबीटी (ZachXBT) ने स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनी सर्किल (Circle) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी ने साल 2022 से अब तक लगभग 420 मिलियन डॉलर के अवैध फंड को रोकने में विफलता दिखाई है।
जैकएक्सबीटी ने दावा किया है कि सर्किल, जो USDC नामक लोकप्रिय स्टेबलकॉइन जारी करती है, कई मामलों में संदिग्ध लेनदेन को रोकने या संबंधित वॉलेट को ब्लैकलिस्ट करने में या तो देर करती रही या बिल्कुल कार्रवाई नहीं की।
15 मामलों का हवाला
रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ता ने कम से कम 15 बड़े हैक और धोखाधड़ी के मामलों का जिक्र किया है, जहां कंपनी की प्रतिक्रिया कमजोर रही। इन मामलों में कुछ ऐसे भी शामिल हैं जिनका संबंध उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूहों से बताया गया है।
जैकएक्सबीटी के अनुसार, इन घटनाओं में कुल मिलाकर 420 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि शामिल है। उनका कहना है कि यह आंकड़ा केवल सार्वजनिक मामलों का है और वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है।
हालिया हैक ने बढ़ाई चिंता
सबसे ताजा मामला ड्रिफ्ट प्रोटोकॉल (Drift Protocol) से जुड़ा बताया गया है, जहां कथित तौर पर करोड़ों डॉलर की चोरी हुई। आरोप है कि सर्किल के पास लगभग छह घंटे का समय था, जिसमें वह फंड को फ्रीज कर सकती थी, लेकिन इस दौरान हैकर्स ने कई ट्रांजैक्शन के जरिए रकम को दूसरी क्रिप्टो संपत्तियों में बदल दिया।
इसके अलावा, GMX और Cetus जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े हमलों में भी समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।
देरी और निष्क्रियता पर सवाल
जांचकर्ता का कहना है कि कई मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और निजी संस्थाओं द्वारा अनुरोध किए जाने के बावजूद कार्रवाई में देरी हुई। कुछ मामलों में फंड कई दिनों या महीनों तक हैकर्स के वॉलेट में मौजूद रहे, लेकिन उन्हें ब्लॉक नहीं किया गया।
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उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की निष्क्रियता का सीधा असर आम निवेशकों पर पड़ा है और इससे पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम में भरोसे पर सवाल उठे हैं।
सर्किल की भूमिका पर बहस तेज
इन आरोपों के बाद क्रिप्टो समुदाय में यह बहस तेज हो गई है कि केंद्रीकृत संस्थाओं जैसे सर्किल की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए। स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियों के पास तकनीकी रूप से फंड को फ्रीज करने की क्षमता होती है, लेकिन इनका इस्तेमाल कब और कैसे किया जाए, यह अब चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि सर्किल पहले भी कई मामलों में अवैध फंड को फ्रीज कर चुकी है, जैसे 2022 में प्रतिबंधित वॉलेट्स के खिलाफ कार्रवाई।
आगे क्या?
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी पर नियमन को लेकर चर्चा तेज है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे स्टेबलकॉइन कंपनियों पर कड़े नियम लागू हो सकते हैं।
फिलहाल, यह आरोप जांच के दायरे में हैं, लेकिन इसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेजी से बढ़ते क्रिप्टो बाजार में सुरक्षा और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाए।
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