
बिटकॉइन अहम मोड़ पर, विश्लेषकों ने दी $65K तक गिरावट की चेतावनी
बिटकॉइन एक महत्वपूर्ण सहारा स्तर पर पहुंच गया है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमत $65K तक गिर सकती है। जानिए बाजार में बढ़ती चिंता और आगे क्या हो सकता है।

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन एक बार फिर ऐसे स्तर पर पहुंच गई है जहां से बाजार की अगली दिशा तय हो सकती है। कई क्रिप्टो विश्लेषकों का मानना है कि बिटकॉइन फिलहाल एक महत्वपूर्ण सहारा क्षेत्र के आसपास कारोबार कर रहा है और अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमत $65K तक गिर सकती है।
हाल के हफ्तों में बिटकॉइन की चाल अपेक्षाकृत कमजोर रही है। Spot Bitcoin ETFs में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ने, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक सतर्क दिखाई दे रहे हैं। इसी वजह से अब बाजार की नजर उन तकनीकी स्तरों पर है जो बिटकॉइन की अगली बड़ी चाल तय कर सकते हैं।
क्यों अहम माना जा रहा है मौजूदा स्तर?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार बिटकॉइन फिलहाल ऐसी मूल्य सीमा में कारोबार कर रहा है जहां पहले भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली थी। यह क्षेत्र लंबे समय से बाजार के सहारा स्तर के रूप में काम करता रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर बिटकॉइन इस सहारा क्षेत्र को बचाने में सफल रहता है, तो बाजार में दोबारा तेजी लौट सकती है। लेकिन अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है और यह स्तर टूट जाता है, तो कीमत में तेज गिरावट का जोखिम बढ़ जाएगा।
कुछ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बिटकॉइन अभी एक ऐसे निर्णायक क्षेत्र में है, जहां से अगला बड़ा रुझान शुरू हो सकता है।
$65K का स्तर क्यों चर्चा में?
कई तकनीकी विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि कमजोर बाजार संरचना की स्थिति में बिटकॉइन $65K के आसपास पहुंच सकता है।
उनका कहना है कि चार्ट पैटर्न और तरलता क्षेत्रों को देखने पर नीचे की तरफ कुछ ऐसे क्षेत्र दिखाई देते हैं जहां बड़ी मात्रा में खरीदारी की रुचि मौजूद हो सकती है। $65K को उन्हीं प्रमुख मांग क्षेत्रों में से एक माना जा रहा है।
हालांकि सभी विश्लेषक नकारात्मक रुख नहीं रखते। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह संभावित गिरावट केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव का हिस्सा हो सकती है और दीर्घकालिक रुझान अभी भी मजबूत बना हुआ है।
ETF निवेश प्रवाह पर टिकी बाजार की नजर
2024 और 2025 में Spot Bitcoin ETFs ने बाजार में बड़ी तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संस्थागत निवेशकों के लगातार निवेश ने बिटकॉइन को नए रिकॉर्ड स्तरों तक पहुंचाने में मदद की थी।
लेकिन हाल के दिनों में ETF निवेश प्रवाह की गति पहले की तुलना में धीमी हुई है। इससे बाजार में नई नकदी का प्रवाह कुछ कम हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ETF की मांग दोबारा मजबूत होती है, तो बिटकॉइन को फिर से तेजी का बल मिल सकता है। वहीं कमजोर निवेश प्रवाह बाजार पर दबाव बढ़ा सकते हैं।
वैश्विक कारक भी बढ़ा रहे हैं दबाव
बिटकॉइन सिर्फ क्रिप्टो से जुड़े कारकों से प्रभावित नहीं हो रहा है। वैश्विक आर्थिक हालात भी इसकी कीमत पर असर डाल रहे हैं।
अमेरिकी Federal Reserve की ब्याज दर नीति, मजबूत डॉलर और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव जैसे कारक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।
जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तब कई निवेशक अधिक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाना पसंद करते हैं। इसी वजह से बिटकॉइन और दूसरी डिजिटल परिसंपत्तियों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
हाल ही में अमेरिका और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भी क्रिप्टो बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली थी।
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कारोबारियों में बढ़ रही सतर्कता
डेरिवेटिव बाजार के आंकड़े बताते हैं कि कई कारोबारी फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं। Futures और options बाजार में उनकी स्थिति पहले की तुलना में अधिक संतुलित दिखाई दे रही है।
कुछ विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक अब अगले बड़े वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम या Federal Reserve से जुड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
इसके अलावा बिटकॉइन की अल्पकालिक दिशा तय करने में बाजार की तरलता और संस्थागत गतिविधियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
दीर्घकालिक निवेशक अब भी सकारात्मक
अल्पकालिक अनिश्चितता के बावजूद कई दीर्घकालिक निवेशक बिटकॉइन को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। उनका तर्क है कि बिटकॉइन को अपनाने की रफ्तार लगातार बढ़ रही है, संस्थागत भागीदारी मजबूत हो रही है और आपूर्ति से जुड़े कारक भी इसके पक्ष में हैं।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कीमत में गिरावट आती भी है, तो कई बड़े निवेशक इसे खरीदारी का अवसर मान सकते हैं। यही वजह है कि बाजार में तेजी और मंदी, दोनों तरह की राय मौजूद है।
क्या Altcoins पर भी पड़ेगा असर?
अगर बिटकॉइन में बड़ी गिरावट आती है, तो इसका असर पूरे क्रिप्टो बाजार पर पड़ सकता है।
इतिहास बताता है कि बिटकॉइन की कमजोरी के दौरान अधिकांश Altcoins में उससे भी ज्यादा गिरावट देखने को मिलती है। Ethereum, Solana और दूसरे प्रमुख टोकन भी बाजार की धारणा से प्रभावित हो सकते हैं।
इसी वजह से कई कारोबारी फिलहाल बिटकॉइन के प्रमुख सहारा स्तरों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
आगे किस पर रहेगी नजर?
आने वाले दिनों में बाजार की नजर बिटकॉइन के तकनीकी सहारा स्तरों, ETF निवेश प्रवाह और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर रहेगी।
अगर बिटकॉइन मौजूदा स्तरों को बनाए रखता है, तो सुधार की संभावना मजबूत हो सकती है। लेकिन अगर सहारा स्तर टूटता है, तो विश्लेषकों द्वारा बताए गए निचले लक्ष्य तेजी से सक्रिय हो सकते हैं।
फिलहाल इतना साफ है कि बिटकॉइन ऐसे दौर में पहुंच गया है जहां अगले कुछ हफ्ते पूरे क्रिप्टो बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से कारोबारी और निवेशक दोनों बाजार के हर बड़े संकेत पर नजर बनाए हुए हैं।
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