वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो रही है और अब वास्तविक परिसंपत्तियों के टोकनकरण के लिए दोहरी ब्लॉकचेन संरचना उभरती दिखाई दे रही है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में बैंक एक साथ दो प्रकार की ब्लॉकचेन प्रणालियों का उपयोग करेंगे - एक सार्वजनिक नेटवर्क और दूसरा अनुमति-आधारित निजी नेटवर्क।
ब्लॉकचेन डेटा सेवा प्रदाता रेडस्टोन के सह-संस्थापक मार्सिन काज्मिएरचक के अनुसार वित्तीय संस्थान अब ऐसे ढांचे पर काम कर रहे हैं जिसमें बाजार से जुड़े कार्य सार्वजनिक ब्लॉकचेन पर होंगे, जबकि संस्थागत प्रक्रियाएं निजी नेटवर्क पर संचालित की जाएंगी।
पारदर्शिता और तरलता की आवश्यकता
विशेषज्ञों का कहना है कि यह विभाजन इसलिए आवश्यक है क्योंकि वित्तीय बाजारों को पारदर्शिता और तरलता की आवश्यकता होती है, जबकि बैंकों के बीच होने वाले कई लेनदेन गोपनीय होते हैं। इसी कारण सार्वजनिक और निजी ब्लॉकचेन प्रणालियों का संयुक्त उपयोग अधिक व्यावहारिक माना जा रहा है।
वर्तमान में टोकनकृत वास्तविक परिसंपत्तियों का मूल्य तेजी से बढ़ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ब्लॉकचेन पर आधारित ऐसी परिसंपत्तियों का कुल मूल्य लगभग $26 Bn से अधिक है, जिनमें से $15 Bn से अधिक सार्वजनिक ब्लॉकचेन प्रणाली पर संचालित हो रहे हैं।
सार्वजनिक ब्लॉकचेन नेटवर्क वित्तीय बाजारों में तरलता, निवेश और विकेंद्रीकृत वित्तीय सेवाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इन नेटवर्क पर टोकनकृत बांड, सरकारी प्रतिभूतियां और अन्य परिसंपत्तियां आसानी से कारोबार योग्य हो जाती है।
अनुमति-आधारित नेटवर्क
दूसरी ओर, निजी या अनुमति-आधारित नेटवर्क संस्थागत प्रक्रियाओं के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। ऐसे नेटवर्क पर केवल संबंधित पक्ष ही लेनदेन की जानकारी देख सकते हैं, जिससे गोपनीयता बनी रहती है।
उदाहरण के तौर पर कैंटन नेटवर्क नामक प्रणाली बैंकों और परिसंपत्ति प्रबंधकों को गोपनीय तरीके से टोकनकरण और निपटान की सुविधा देती है। रिपोर्टों के अनुसार इस नेटवर्क ने वर्ष 2025 में लगभग $6T मूल्य की वास्तविक परिसंपत्तियों के लेनदेन को संसाधित किया।
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इस व्यवस्था में सार्वजनिक नेटवर्क बाजार के लिए वितरण और निवेश मंच के रूप में काम करते हैं, जबकि निजी नेटवर्क संस्थागत स्तर पर निपटान, संपार्श्विक प्रबंधन और आंतरिक वित्तीय प्रक्रियाओं को संभालते हैं।
टोकनकृत परिसंपत्तियों का वैश्विक बाजार
ब्लॉकचेन आधारित टोकनकरण की संभावनाओं को लेकर वैश्विक परामर्श संस्थानों के अनुमान भी उत्साहजनक है। विश्लेषणों के अनुसार वर्ष 2030 तक टोकनकृत परिसंपत्तियों का वैश्विक बाजार लगभग $2T तक पहुंच सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिरमुद्राओं के लिए नियामकीय स्पष्टता और ब्लॉकचेन प्रणालियों की तकनीकी परिपक्वता ने भी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है। विशेष रूप से 2022 में प्रमुख सार्वजनिक ब्लॉकचेन नेटवर्क के ऊर्जा-कुशल सहमति तंत्र में परिवर्तन के बाद संस्थागत निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
इसके परिणामस्वरूप अनेक बैंक और परिसंपत्ति प्रबंधक अब अपने टोकनकरण प्रकल्पों को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहे हैं। हालांकि संस्थागत परियोजनाओं में नियामकीय और बजटीय प्रक्रियाओं के कारण समय अधिक लगता है, इसलिए इन योजनाओं के परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।
निष्कर्ष
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की डिजिटल वित्तीय प्रणाली किसी एक ब्लॉकचेन पर आधारित नहीं होगी। इसके बजाय सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार के नेटवर्क समानांतर रूप से काम करेंगे जहां सार्वजनिक नेटवर्क वैश्विक बाजारों में तरलता और निवेश को सक्षम करेंगे, वहीं निजी नेटवर्क संस्थागत गोपनीयता और परिचालन प्रक्रियाओं को सुरक्षित रखेंगे। यही दोहरी संरचना आने वाले समय में टोकनकृत वित्तीय व्यवस्था की आधारशिला बन सकती है।
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