
मुंबई और दिल्ली पीछे, उत्तर प्रदेश बना भारत का सबसे बड़ा क्रिप्टो बाजार
CoinSwitch की Q2 2026 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश 12.9% निवेश हिस्सेदारी के साथ भारत का सबसे बड़ा क्रिप्टो बाजार बना। जानिए निवेशकों का बदलता रुझान।

भारत में क्रिप्टोकरेंसी का बाजार अब केवल मुंबई, दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा है। CoinSwitch की दूसरी तिमाही 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश में क्रिप्टो निवेश के मामले में सबसे आगे निकल गया है। राज्य ने CoinSwitch के प्लेटफॉर्म पर कुल क्रिप्टो निवेश में 12.9 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की है।
महाराष्ट्र 12.4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद कर्नाटक की 8.1 प्रतिशत और दिल्ली की 7.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। ये आंकड़े बताते हैं कि भारत में डिजिटल परिसंपत्तियों का इस्तेमाल अब पारंपरिक वित्तीय केंद्रों से निकलकर छोटे शहरों और दूसरे राज्यों तक तेजी से पहुंच रहा है।
रिपोर्ट का एक और अहम पहलू यह है कि क्रिप्टो बाजार में नई भागीदारी मुख्य रूप से युवा निवेशकों से आ रही है। हालांकि खरीदारी और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने के मामले में उम्रदराज निवेशक अधिक मजबूत रुख दिखा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश ने कैसे बनाई बढ़त?
उत्तर प्रदेश का शीर्ष स्थान हासिल करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मुंबई और दिल्ली जैसे वित्तीय केंद्रों की तुलना में राज्य में छोटे और मध्यम शहरों की बड़ी संख्या है। रिपोर्ट के आंकड़े संकेत देते हैं कि डिजिटल निवेश के लिए अब केवल बड़े शहरों की सुविधाएं और वित्तीय नेटवर्क जरूरी नहीं रह गए हैं।
महाराष्ट्र 12.4 प्रतिशत के साथ उत्तर प्रदेश से थोड़ा पीछे रहा। कर्नाटक 8.1 प्रतिशत और दिल्ली 7.4 प्रतिशत के साथ अगले स्थानों पर रहे। इसका मतलब है कि क्रिप्टो निवेश का आधार देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल रहा है।
Bitcoin सबसे बड़े निवेश वाले 10 राज्यों में से नौ में सबसे पसंदीदा क्रिप्टोकरेंसी रही। केवल आंध्र प्रदेश में Dogecoin ने Bitcoin को पीछे छोड़ा। इससे पता चलता है कि Bitcoin की लोकप्रियता देशभर में मजबूत बनी हुई है, हालांकि कुछ राज्यों में निवेशकों की पसंद अलग भी है।
युवा निवेशक ला रहे हैं नई भागीदारी
CoinSwitch की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही में प्लेटफॉर्म से जुड़े नए निवेशकों में 18 से 25 वर्ष की उम्र वाले लोगों की हिस्सेदारी 54.4 प्रतिशत रही। 26 से 35 वर्ष के निवेशकों की हिस्सेदारी 25.4 प्रतिशत थी। यानी नए निवेशकों में करीब तीन चौथाई लोग 35 वर्ष या उससे कम उम्र के थे।
हालांकि युवा निवेशकों का बाजार में प्रवेश ज्यादा है, लेकिन खरीदारी के मामले में उनका व्यवहार थोड़ा अलग दिखाई देता है। 18 से 25 वर्ष के निवेशकों का खरीद और बिक्री अनुपात 0.65 रहा। इसका मतलब है कि इस वर्ग ने तिमाही के दौरान खरीद की तुलना में अधिक बिक्री की।
इसके उलट 46 वर्ष और उससे अधिक उम्र के निवेशकों का खरीद और बिक्री अनुपात 1.14 रहा। इससे संकेत मिलता है कि उम्र बढ़ने के साथ निवेशक बाजार में अधिक धैर्य के साथ बने रहने और खरीदारी करने की प्रवृत्ति दिखा रहे हैं।
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उम्र के साथ बढ़ रहा है निवेश में विविधता
रिपोर्ट में निवेश पोर्टफोलियो में भी बड़ा अंतर देखने को मिला। 18 से 25 वर्ष के 59.2 प्रतिशत निवेशक केवल एक क्रिप्टोकरेंसी रखते हैं। 36 से 45 वर्ष के वर्ग में यह अनुपात घटकर 36.3 प्रतिशत रह जाता है।
36 से 45 वर्ष के निवेशकों में 10 या उससे अधिक क्रिप्टो परिसंपत्तियां रखने वालों की हिस्सेदारी 9.1 प्रतिशत थी, जो सभी आयु वर्गों में सबसे अधिक रही। इससे पता चलता है कि उम्र बढ़ने के साथ निवेशक अपने पैसे को अलग-अलग परिसंपत्तियों में बांटने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
Bitcoin और Dogecoin सभी आयु वर्गों में सबसे लोकप्रिय जोड़ी रही। इसके बाद Bitcoin और Shiba Inu, Dogecoin और Shiba Inu तथा Bitcoin और Ethereum जैसी जोड़ियां पसंद की गईं।
रात में ज्यादा सक्रिय रहते हैं भारतीय निवेशक
CoinSwitch के आंकड़ों से भारतीय क्रिप्टो निवेशकों की कारोबारी आदतों की भी जानकारी मिलती है। दूसरी तिमाही में गुरुवार सबसे व्यस्त दिन रहा, जबकि रविवार को गतिविधि सबसे कम रही।
समय की बात करें तो रात 10 से 11 बजे के बीच सबसे ज्यादा कारोबार हुआ। शाम 7 बजे से आधी रात तक खरीदारी भी अपेक्षाकृत अधिक रही। सुबह 3 से 5 बजे के बीच गतिविधि सबसे कम रही। इससे संकेत मिलता है कि कई भारतीय निवेशक अपने नियमित कामकाज के बाद शाम और रात में क्रिप्टो बाजार में सक्रिय होते हैं।
आंध्र प्रदेश ने एक और मामले में अलग तस्वीर पेश की। यह शीर्ष 10 निवेश वाले राज्यों में अकेला राज्य था जहां Bitcoin के बजाय Dogecoin सबसे पसंदीदा क्रिप्टोकरेंसी रही। यहां महिला निवेशकों की हिस्सेदारी भी सबसे अधिक थी और कुल निवेश में महिलाओं का हिस्सा 59.3 प्रतिशत रहा।
कुल मिलाकर CoinSwitch की रिपोर्ट भारत के बदलते क्रिप्टो बाजार की तस्वीर पेश करती है। युवा निवेशक नए लोगों को बाजार में ला रहे हैं, जबकि उम्रदराज निवेशक अधिक विविध और खरीदारी केंद्रित रणनीति अपना रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि क्रिप्टो अब केवल मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े वित्तीय केंद्रों की कहानी नहीं रह गया है। उत्तर प्रदेश का शीर्ष स्थान इस बात का संकेत है कि डिजिटल परिसंपत्तियों की पहुंच अब भारत के छोटे शहरों और राज्यों तक भी तेजी से फैल रही है।
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