
गिरावट के बावजूद Standard Chartered ने Bitcoin का $100,000 लक्ष्य बरकरार रखा
Standard Chartered ने बाजार की गिरावट के बावजूद Bitcoin के लिए $100,000 (1 लाख डॉलर) का लक्ष्य बरकरार रखा है।

क्रिप्टो बाजार में हालिया कमजोरी के बीच वैश्विक बैंक Standard Chartered ने Bitcoin को लेकर अपना सकारात्मक रुख दोहराया है। बैंक ने वर्ष 2026 के अंत तक Bitcoin के $100,000 (1 लाख डॉलर) तक पहुंचने के अपने अनुमान को बरकरार रखा है। बैंक का मानना है कि मौजूदा गिरावट अस्थायी है और बाजार के मूल कारक अभी भी Bitcoin के पक्ष में बने हुए हैं।
पिछले कुछ सप्ताह में Bitcoin की कीमत पर कई दबाव देखने को मिले हैं। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड से निकासी, बड़े निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों में बढ़ी अनिश्चितता के कारण डिजिटल परिसंपत्तियों में कमजोरी आई। इसके बावजूद Standard Chartered का कहना है कि लंबी अवधि का रुख अब भी सकारात्मक बना हुआ है।
बैंक क्यों अब भी तेजी की उम्मीद कर रहा है?
Standard Chartered के डिजिटल परिसंपत्ति अनुसंधान प्रमुख जेफ केंड्रिक का मानना है कि हालिया गिरावट के पीछे अस्थायी कारण हैं। उनके अनुसार, बाजार में दबाव मुख्य रूप से निवेशकों की मुनाफावसूली, कुछ संस्थागत बिकवाली और जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बढ़ने के कारण आया है। लेकिन इन कारणों से Bitcoin की दीर्घकालिक कहानी नहीं बदलती।
बैंक का कहना है कि जैसे ही बाजार में स्थिरता लौटेगी, संस्थागत निवेश फिर से बढ़ सकता है। इसके अलावा कई देशों में Bitcoin आधारित निवेश उत्पादों की मांग भी लगातार बनी हुई है, जिससे भविष्य में कीमत को सहारा मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी वित्तीय संस्थाओं की बढ़ती भागीदारी Bitcoin को पहले की तुलना में अधिक परिपक्व परिसंपत्ति बना रही है। यही वजह है कि कई बड़े बैंक अब इसके लिए दीर्घकालिक मूल्य लक्ष्य जारी कर रहे हैं।
किन वजहों से मजबूत रह सकता है Bitcoin?
बैंक के अनुसार, Bitcoin की सीमित आपूर्ति उसकी सबसे बड़ी ताकत है। कुल 2.1 करोड़ Bitcoin ही बनाए जा सकते हैं। यदि मांग लगातार बढ़ती रहती है और नई आपूर्ति सीमित रहती है, तो लंबे समय में कीमत पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इसके अलावा दुनिया भर में कई कंपनियां अपनी बैलेंस शीट में Bitcoin जोड़ रही हैं। कुछ निवेश फंड और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां भी इसे अपने पोर्टफोलियो का हिस्सा बना रही हैं। इससे बाजार में दीर्घकालिक निवेशकों की संख्या बढ़ रही है, जो अत्यधिक उतार चढ़ाव को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती है।
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विश्लेषकों का यह भी कहना है कि यदि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में नरमी आती है और निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ता है, तो Bitcoin जैसी परिसंपत्तियों में दोबारा मजबूत निवेश देखने को मिल सकता है।
जोखिम अभी भी बने हुए हैं
हालांकि बैंक का अनुमान सकारात्मक है, लेकिन उसने जोखिमों से भी इनकार नहीं किया है। यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी गहराती है, नियामकीय सख्ती बढ़ती है या बड़े संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली करते हैं, तो Bitcoin पर दबाव बना रह सकता है।
इसके अलावा क्रिप्टो बाजार अभी भी पारंपरिक शेयर बाजार की तुलना में अधिक अस्थिर माना जाता है। इसलिए कीमतों में तेज उतार चढ़ाव की संभावना हमेशा बनी रहती है। विशेषज्ञ निवेशकों को केवल किसी एक अनुमान के आधार पर निवेश निर्णय लेने से बचने की सलाह देते हैं।
बाजार जानकारों का कहना है कि Bitcoin की दिशा केवल तकनीकी संकेतकों से तय नहीं होगी, बल्कि वैश्विक आर्थिक माहौल, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और संस्थागत निवेश के रुझान पर भी निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Standard Chartered का $100,000 का लक्ष्य यह दिखाता है कि बड़े वित्तीय संस्थान अभी भी Bitcoin की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कीमत सीधे उसी स्तर तक पहुंच जाएगी। बीच में उतार चढ़ाव और तेज गिरावट के दौर भी आ सकते हैं।
फिलहाल बाजार की नजर आने वाले महीनों में संस्थागत निवेश, ETF प्रवाह और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर रहेगी। यदि इन मोर्चों पर स्थिति सुधरती है, तो Bitcoin फिर से मजबूती दिखा सकता है। वहीं यदि अनिश्चितता बनी रहती है, तो अल्पकाल में दबाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बैंक का ताजा आकलन इस बात का संकेत है कि मौजूदा कमजोरी के बावजूद कुछ बड़े वैश्विक संस्थान Bitcoin को अभी भी लंबी अवधि के निवेश अवसर के रूप में देख रहे हैं।
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