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Pratik Bhuyan
लेखक: Pratik Bhuyanस्टाफ संपादक
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ईरान तनाव के बीच बिटकॉइन व्हेल्स की बिकवाली बढ़ी

ईरान से जुड़े तनाव और तेल की कीमतों में उछाल के बीच बिटकॉइन व्हेल्स की बिकवाली बढ़ी है। बड़े निवेशकों की गतिविधि से क्रिप्टो बाजार में अस्थिरता बढ़ी और बिटकॉइन की कीमतों पर दबाव देखने को मिला।

ईरान तनाव के बीच बिटकॉइन व्हेल्स की बिकवाली बढ़ी
बाजार विश्लेषण

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच क्रिप्टो बाजार में भी हलचल देखने को मिल रही है। हाल के दिनों में बड़े निवेशकों, जिन्हें आमतौर पर बिटकॉइन “व्हेल” कहा जाता है, ने बड़ी मात्रा में बिटकॉइन बेचना शुरू किया है। इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है और निवेशकों के बीच सावधानी का माहौल बन गया है।

विश्लेषकों के अनुसार ईरान से जुड़े संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को प्रभावित किया है। तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और कई निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बना रहे हैं। इसी माहौल में कुछ बड़े क्रिप्टो निवेशकों ने अपनी होल्डिंग्स कम करनी शुरू कर दी है।

युद्ध और ऊर्जा संकट का असर

मध्य पूर्व में हालिया संघर्ष के बाद वैश्विक तेल बाजार में बड़ा झटका लगा है। फारस की खाड़ी के पास स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

स्थिति बिगड़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं, जिससे दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई। इस तरह के संकट के दौरान आमतौर पर निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर जाते हैं और जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाते हैं।

क्रिप्टो बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। खबरों के अनुसार तेल की कीमतों में उछाल के साथ ही बिटकॉइन की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और कुछ समय के लिए यह करीब $65,000 के स्तर तक गिर गया।

व्हेल गतिविधि में बढ़ोतरी

ऑन-चेन डेटा से संकेत मिला है कि हाल के दिनों में बड़े वॉलेट से एक्सचेंजों की ओर बिटकॉइन ट्रांसफर में बढ़ोतरी हुई है। यह अक्सर इस बात का संकेत माना जाता है कि बड़े निवेशक अपनी होल्डिंग बेचने की तैयारी कर रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि “Exchange Whale Ratio” (एक्सचेंज व्हेल रेशियो) में वृद्धि हुई है, जो बताती है कि बड़े निवेशकों की गतिविधि बढ़ रही है। अतीत में जब भी यह अनुपात तेजी से बढ़ा है, तब बाजार में कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।

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हालांकि सभी व्हेल्स एक ही रणनीति नहीं अपना रहे हैं। कुछ निवेशक बाजार में अस्थिरता का फायदा उठाकर मुनाफा बुक कर रहे हैं, जबकि कुछ दीर्घकालिक निवेशक गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं।

बिटकॉइन की कीमत पर दबाव

मध्य पूर्व में संघर्ष की खबरें सामने आने के बाद बिटकॉइन की कीमत में शुरुआती गिरावट देखी गई। एक रिपोर्ट के अनुसार हमलों की खबरों के बाद बिटकॉइन में लगभग 8 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी, हालांकि बाद में कीमतों में आंशिक सुधार हुआ।

क्रिप्टो बाजार 24 घंटे खुला रहता है, इसलिए वैश्विक घटनाओं का असर इस पर तुरंत दिखने लगता है। कई बार सप्ताहांत में होने वाली बड़ी घटनाओं का पहला असर बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में देखा जाता है।

इसके अलावा, कुछ निवेशक इस समय अपनी पूंजी को तेल और सोने जैसे पारंपरिक सुरक्षित एसेट्स की ओर भी स्थानांतरित कर रहे हैं।

फिर भी बाजार में उम्मीद

हालांकि हालिया बिकवाली से बाजार में दबाव बढ़ा है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बिटकॉइन ने कई बार भू-राजनीतिक संकटों के दौरान मजबूती भी दिखाई है। कई बार शुरुआती गिरावट के बाद कीमतों में तेजी से रिकवरी देखने को मिली है।

कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अगर संघर्ष लंबा नहीं चलता और वैश्विक बाजार स्थिर होते हैं, तो क्रिप्टो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है।

कुल मिलाकर, ईरान से जुड़े तनाव और तेल की कीमतों में तेज उछाल ने क्रिप्टो बाजार में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। बड़े निवेशकों की गतिविधि पर नजर रखना अब निवेशकों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि उनके फैसले अक्सर पूरे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

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