Cointelegraph
Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय क्रिप्टो बाजार में Bitcoin की पकड़ मजबूत

बाजारप्रकाशित30 अक्टू॰ 2026

वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय क्रिप्टो बाजार में Bitcoin की हिस्सेदारी बढ़ी है। जानिए CoinSwitch, Mudrex और WazirX के आंकड़े निवेशकों के बदलते रुझान के बारे में क्या बताते हैं।

in-india-adoption-metrics-don-t-match-on-ground-reality

वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद Bitcoin भारतीय क्रिप्टो निवेशकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। घरेलू क्रिप्टो मंचों के आंकड़े बताते हैं कि निवेशक अब Bitcoin को पहले के मुकाबले अधिक महत्व दे रहे हैं। इसकी हिस्सेदारी कारोबार में बढ़ी है और अधिक निवेशक इस डिजिटल संपत्ति को खरीदने या बेचने में भाग ले रहे हैं।

क्रिप्टो मंच CoinSwitch के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में उसके कुल स्पॉट कारोबार में Bitcoin की हिस्सेदारी बढ़कर 16.7% हो गई। एक साल पहले, 2025 की पहली छमाही में यह 7.6% थी। इसी अवधि में CoinSwitch पर स्पॉट कारोबार करने वाले निवेशकों में Bitcoin खरीदने या बेचने वालों की हिस्सेदारी 35% से बढ़कर 48% हो गई।

यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब Bitcoin की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रही। आंकड़े संकेत देते हैं कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय निवेशकों की दिलचस्पी इस प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में बनी हुई है। हालांकि, किसी एक मंच के आंकड़ों से पूरे भारतीय बाजार की स्थिति का पूरी तरह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

कीमत में गिरावट के बावजूद बढ़ी Bitcoin की हिस्सेदारी

2026 की पहली छमाही Bitcoin के लिए आसान नहीं रही। Mudrex के कारोबार प्रमुख प्रतीक गुप्ता के अनुसार, जून के अंत तक Bitcoin की कीमत लगभग $59,500 रह गई थी। साल की पहली छमाही में इसमें करीब 32% की गिरावट आई। अक्टूबर 2025 में बनाए गए लगभग $126,080 के रिकॉर्ड स्तर से इसकी कीमत 50% से अधिक नीचे आ गई थी।

इस गिरावट के पीछे कमजोर मांग, लगातार बिकवाली और Bitcoin से जुड़े निवेश उत्पादों से निकासी जैसे कारण बताए गए। इसके बावजूद भारतीय निवेशकों ने Bitcoin में अपनी दिलचस्पी पूरी तरह कम नहीं की।

Mudrex के अनुसार, पहली छमाही में उसके मंच पर Bitcoin का कारोबार मोटे तौर पर स्थिर रहा। जुलाई से Bitcoin की कीमत में तेजी आने के बाद मंच पर इससे जुड़े कारोबार की मात्रा पिछली तिमाहियों की तुलना में दोगुने से अधिक हो गई। कंपनी ने Bitcoin रखने वाले निवेशकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की बात कही।

यह आंकड़ा बताता है कि बाजार में तेजी लौटने पर निवेशकों की गतिविधि बढ़ सकती है। हालांकि, कारोबार की मात्रा बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि सभी निवेशक लंबे समय तक Bitcoin रखने की रणनीति अपना रहे हैं।

फ्यूचर्स कारोबार में भी Bitcoin आगे

भारतीय निवेशक केवल Bitcoin खरीदकर अपने पास रखने तक सीमित नहीं हैं। वे इसके भाव में होने वाले बदलाव से लाभ कमाने के लिए वायदा कारोबार का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX के अनुसार, जून से सितंबर 2026 तक हर महीने BTC/INR उसका सबसे अधिक कारोबार वाला वायदा अनुबंध रहा। इससे पता चलता है कि रुपये में Bitcoin के भाव पर आधारित कारोबार में निवेशकों की सक्रियता बनी हुई है।

क्या आप जानते हैं: Coinbase के ग्राहकों का डेटा उजागर, कंपनी ने सिस्टम हैक होने की खबरों को नकारा

वायदा कारोबार में निवेशक किसी संपत्ति की कीमत में होने वाले संभावित बदलाव पर दांव लगाते हैं। इसमें लाभ की संभावना के साथ नुकसान का जोखिम भी अधिक हो सकता है। इसलिए वायदा कारोबार की बढ़ती लोकप्रियता को केवल दीर्घकालिक निवेश की बढ़ती मांग के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

WazirX के उपाध्यक्ष राजगोपाल मेनन के मुताबिक, क्रिप्टो लेनदेन पर 1% स्रोत पर कर कटौती (TDS) के कारण भारतीय मंचों पर बार-बार कारोबार करने वाले निवेशकों को अतिरिक्त परेशानी होती है। कुछ निवेशक इसी वजह से विदेशी एक्सचेंजों का रुख भी करते हैं।

विदेशी एक्सचेंजों की ओर क्यों जा रहे हैं निवेशक?

भारत में क्रिप्टो कारोबार पर लागू कर व्यवस्था घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। Esya Centre के एक अध्ययन के अनुसार, जुलाई 2022 से जुलाई 2023 के बीच भारतीय निवेशकों ने विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों पर $42 अरब से अधिक का कारोबार किया था। अध्ययन के मुताबिक, उस अवधि में यह भारतीय निवेशकों के कुल क्रिप्टो कारोबार का 90% से अधिक था।

हालांकि, यह आंकड़ा 2022-23 की अवधि से जुड़ा है और इसे मौजूदा कारोबार का अनुमान नहीं माना जाना चाहिए। फिर भी, यह घरेलू और विदेशी मंचों के बीच कारोबार के अंतर को समझने में मदद करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय मंचों पर बेहतर तरलता, प्रतिस्पर्धी शुल्क, भरोसेमंद सेवाएं और नियमों को लेकर स्पष्टता घरेलू कारोबार को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।

छोटे शहरों तक बढ़ रही क्रिप्टो की पहुंच

भारत में क्रिप्टो निवेश का विस्तार बड़े शहरों से आगे भी हो रहा है। WazirX के मुताबिक, उसके 82% से अधिक उपयोगकर्ता छोटे और गैर-महानगरीय शहरों से आते हैं। इससे संकेत मिलता है कि डिजिटल संपत्तियों में दिलचस्पी अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है।

Chainalysis की 2025 ग्लोबल क्रिप्टो अपनाने की सूची में भारत पहले स्थान पर रहा था। यह सूची क्रिप्टो के इस्तेमाल और अपनाने से जुड़े विभिन्न संकेतकों पर आधारित है, न कि केवल एक्सचेंजों पर होने वाले कारोबार पर।

कुल मिलाकर, Bitcoin भारतीय क्रिप्टो बाजार में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। लेकिन इस रुझान का भविष्य बाजार की कीमतों, कर व्यवस्था, घरेलू मंचों की प्रतिस्पर्धा और निवेशकों के जोखिम लेने के फैसलों पर निर्भर करेगा। बढ़ती दिलचस्पी के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी में तेज उतार-चढ़ाव का जोखिम बना हुआ है।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

यह लेख Cointelegraph की Editorial Policy के अनुसार तैयार किया गया है और केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह निवेश सलाह या अनुशंसाएं नहीं है। सभी निवेश और व्यापार में जोखिम होता है; पाठकों को स्वतंत्र शोध करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इस विषय पर अधिक