
क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर पुणे के कारोबारी से ₹5.42 लाख की ठगी
पुणे में 66 वर्षीय कारोबारी से क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर ₹5.42 लाख की ठगी हुई। ठगों ने फर्जी मंच पर ₹24.66 लाख का मुनाफा दिखाकर रकम निकालने के लिए ₹7.39 लाख कमीशन मांगा।

महाराष्ट्र के पुणे में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने की उम्मीद एक 66 वर्षीय कारोबारी को भारी पड़ गई। साइबर ठगों ने उन्हें रोजाना कमाई का लालच देकर एक फर्जी ट्रेडिंग मंच पर निवेश करने के लिए राजी किया। ठगों ने वेबसाइट पर उनके निवेश को बढ़ाकर करीब ₹24.66 लाख दिखाया, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की, तो उनसे अतिरिक्त कमीशन मांगा गया। इस तरह कारोबारी को कुल ₹5.42 लाख का नुकसान हुआ।
Times of India की 9 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित पुणे के कोथरुड इलाके में रहने वाले रसायन कारोबारी हैं। उन्होंने इस मामले में अलंकार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने धोखाधड़ी और पहचान छिपाकर ठगी करने से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
WhatsApp संदेश से शुरू हुई ठगी
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 29 जनवरी से 5 फरवरी 2026 के बीच का है। कारोबारी को ‘Anish’ नाम के एक व्यक्ति का संदेश मिला था। उसने Tether की स्टेबलकॉइन USDT और शेयर बाजार में निवेश के जरिए रोजाना मुनाफा कमाने का दावा किया।
इसके बाद कारोबारी को एक ऑनलाइन समूह में जोड़ा गया और ट्रेडिंग मंच का लिंक भेजा गया। ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि निवेश की प्रक्रिया असली लगे। कारोबारी ने निवेश के लिए अपनी पत्नी और बेटे के बैंक खातों से रकम भेजी और USDT खरीदने के लिए Binance खाते का भी इस्तेमाल किया।
शुरुआत में दिखाए गए मुनाफे ने उनके भरोसे को और मजबूत किया। वेबसाइट पर उनके निवेश की कीमत बढ़कर ₹24.66 लाख दिखाई गई, जबकि वास्तव में यह रकम निकालने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
पैसे निकालने के लिए मांगा ₹7.39 लाख कमीशन
जब कारोबारी ने अपनी रकम और कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने एक नई शर्त रख दी। उनसे कहा गया कि रकम जारी कराने के लिए पहले ₹7.39 लाख का कमीशन देना होगा।
कारोबारी इतनी बड़ी अतिरिक्त रकम नहीं दे सके। इसके बाद ठगों ने उनके संदेशों का जवाब देना बंद कर दिया। तब उन्हें एहसास हुआ कि ट्रेडिंग मंच और उस पर दिखाया गया मुनाफा धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकता है।
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इस तरह के मामलों में ठग पहले निवेशक को छोटी या शुरुआती रकम लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। फिर फर्जी खाते या वेबसाइट पर मुनाफा दिखाकर उनसे और पैसे जमा करवाते हैं। जब निवेशक अपनी रकम वापस मांगता है, तो टैक्स, कमीशन या निकासी शुल्क के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगा जाता है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, निवेशकों के लिए चेतावनी
पुणे पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत धोखाधड़ी और धारा 319 के तहत पहचान का गलत इस्तेमाल कर ठगी करने से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया है। इसके साथ सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। मामले की आगे जांच की जा रही है।
यह घटना बताती है कि ऑनलाइन निवेश में दिखाया गया मुनाफा अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि पैसा वास्तव में कमाया गया है। निवेशकों को किसी अनजान व्यक्ति के संदेश या WhatsApp समूह में मिले निवेश प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी भी मंच पर रकम भेजने से पहले उसकी वैधता और नियामकीय स्थिति की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।
विशेष रूप से, रकम निकालने से पहले अलग से कमीशन या शुल्क जमा करने की मांग को खतरे का संकेत मानना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड या वॉलेट की सीड फ्रेज अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम पहले से मौजूद है। ऐसे में रोजाना तय मुनाफे का वादा और निकासी के लिए अतिरिक्त भुगतान की मांग निवेशकों को सतर्क कर देने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए।
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