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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

Marathon Fusion की तकनीक से सोने की 'अनलिमिटेड' सप्लाई? क्या Bitcoin होगा और कीमती?

ताजा खबरेंप्रकाशित31 अक्टू॰ 2026

Marathon Fusion का दावा है कि परमाणु प्रक्रिया से पारे को सोने में बदला जा सकता है। जानिए क्या इससे सोने की कीमत घटेगी और Bitcoin को डिजिटल सोने के रूप में फायदा मिलेगा।

सोना सदियों से दुनिया की सबसे भरोसेमंद संपत्तियों में गिना जाता है। इसकी सीमित उपलब्धता और बढ़ती मांग इसे निवेशकों के बीच खास बनाती है। लेकिन अमेरिका की एक फ्यूजन तकनीक कंपनी Marathon Fusion के दावे ने सोने की इसी खासियत पर नई बहस छेड़ दी है। कंपनी का कहना है कि उसने परमाणु प्रक्रिया के जरिए पारे को सोने में बदलने की तकनीक विकसित की है।

इस खबर के बाद क्रिप्टो जगत में भी चर्चा शुरू हो गई है कि अगर भविष्य में प्रयोगशाला में बड़ी मात्रा में सोना बनाया जा सका, तो क्या इससे सोने की कमी का महत्व घट जाएगा? और क्या इसका फायदा Bitcoin को मिल सकता है, जिसकी कुल आपूर्ति 21 मिलियन कॉइन तक सीमित है?

Cointelegraph Magazine की 30 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, Coinbase के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Brian Armstrong ने इस तकनीक को Bitcoin के लिए सकारात्मक बताया है। उनका तर्क है कि नई तकनीक से सोने की आपूर्ति बढ़ सकती है, लेकिन Bitcoin की तय सीमा को कोई बदल नहीं सकता। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक का व्यावसायिक इस्तेमाल अभी काफी दूर है।

पारे से सोना बनाने का दावा कैसे काम करता है?

Marathon Fusion की तकनीक सामान्य रासायनिक प्रक्रिया पर आधारित नहीं है। इसमें परमाणु परिवर्तन का इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी के शोधपत्र के अनुसार, ड्यूटेरियम और ट्रिटियम के परमाणु संलयन से पैदा होने वाले तेज न्यूट्रॉन की मदद से पारे के एक विशेष समस्थानिक Mercury-198 पर असर डाला जाता है।

इस प्रक्रिया से एक रेडियोधर्मी समस्थानिक बनता है, जो समय के साथ बदलकर स्थिर सोने के समस्थानिक Gold-197 में परिवर्तित हो सकता है। यानी कंपनी का दावा है कि सही परमाणु परिस्थितियां तैयार करके पारे को सोने में बदला जा सकता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी ने अभी बड़े पैमाने पर सोना बनाना शुरू कर दिया है। Marathon Fusion के इंजीनियर Jake Harter के अनुसार, मौजूदा प्रयोगों में सोने की मात्रा बेहद कम है। कंपनी को उम्मीद है कि 2027 में वह मिलीग्राम स्तर तक उत्पादन कर सकेगी।

कंपनी के शोधपत्र में भविष्य के फ्यूजन बिजली संयंत्र से हर साल प्रति गीगावॉट तापीय ऊर्जा पर करीब दो टन सोना बनाने का अनुमान दिया गया है। यह मौजूदा प्रयोग का परिणाम नहीं, बल्कि भविष्य की संभावित क्षमता का अनुमान है।

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क्या सोने की आपूर्ति बढ़ने से उसकी कीमत गिर सकती है?

सोने की कीमत का एक बड़ा आधार इसकी सीमित उपलब्धता है। यदि भविष्य में नई तकनीक के जरिए बड़ी मात्रा में सोना बनाया जाना संभव हुआ, तो बाजार में इसकी आपूर्ति बढ़ सकती है। सामान्य आर्थिक सिद्धांत के अनुसार, मांग समान रहने पर किसी संपत्ति की आपूर्ति बढ़ने से उसकी कीमत पर दबाव पड़ सकता है।

हालांकि, अभी इस तकनीक के व्यावसायिक रूप से सफल होने का कोई प्रमाण नहीं है। Metals Focus के प्रबंध निदेशक Nikos Kavalis ने कहा है कि सोने के उत्पादन पर इसका वास्तविक असर देखने के लिए अभी काफी समय लगेगा।

एक और बड़ी चुनौती लागत की है। सोना बनाने के लिए फ्यूजन रिएक्टर, विशेष रूप से तैयार पारा और जटिल औद्योगिक ढांचे की जरूरत होगी। इसके अलावा तैयार सोने को निकालने और सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया भी विकसित करनी होगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से बना सोना शुरुआत में रेडियोधर्मी भी होगा। इसे सामान्य स्तर तक सुरक्षित होने में एक दशक से अधिक समय लग सकता है। इसलिए फिलहाल इसे खनन से मिलने वाले सोने का सस्ता विकल्प मानना सही नहीं होगा।

Bitcoin को क्यों मिल सकता है इसका फायदा?

Bitcoin को अक्सर डिजिटल सोना कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके प्रोटोकॉल में कुल आपूर्ति 21 मिलियन कॉइन तय की गई है। इस सीमा को कोई कंपनी या सरकार अपनी इच्छा से नहीं बढ़ा सकती।

Brian Armstrong का मानना है कि अगर भविष्य में प्रयोगशाला के जरिए सोने की आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है, तो Bitcoin की सीमित आपूर्ति उसे निवेश के एक अलग विकल्प के रूप में मजबूत बना सकती है।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सोने की कीमत गिरते ही Bitcoin की कीमत बढ़ जाएगी। Bitcoin की कीमत पर निवेशकों की मांग, बाजार की स्थिति, नियामकीय फैसलों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ बेसल के प्रोफेसर Fabian Schär के अनुसार, किसी भी संपत्ति की उपलब्ध मात्रा में बड़ी वृद्धि होने पर उसकी कीमत पर दबाव पड़ सकता है। लेकिन यह स्थिति तभी लागू होगी जब नई तकनीक से सोने का उत्पादन कम लागत पर बड़े पैमाने पर संभव हो सके।

फिलहाल सोने के बाजार के लिए खतरा नहीं

Marathon Fusion का दावा वैज्ञानिक दृष्टि से दिलचस्प जरूर है, लेकिन इसे सोने के बाजार में तत्काल बदलाव लाने वाली तकनीक मानना जल्दबाजी होगी। कंपनी को अभी उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना है। पहले व्यावसायिक फ्यूजन रिएक्टर बनने में भी कम से कम एक दशक लग सकता है।

इसलिए निकट भविष्य में सोने की आपूर्ति या कीमत पर इस तकनीक का कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं दिखती। Bitcoin के लिए भी यह खबर तत्काल तेजी का संकेत नहीं है।

फिर भी, यह बहस एक अहम सवाल उठाती है कि भविष्य में किसी संपत्ति का मूल्य उसकी वास्तविक कमी पर कितना निर्भर करेगा। अगर तकनीक सोने जैसे दुर्लभ धातु की उपलब्धता बदल सकती है, तो Bitcoin की तय आपूर्ति उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक बनी रह सकती है।

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