महाराष्ट्र के ठाणे शहर में क्रिप्टो मुद्रा निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 64 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने स्वयं को वित्तीय सलाहकार बताकर पीड़ित को एक नकली निवेश मंच से जोड़ा और भारी लाभ का लालच देकर कई किश्तों में रकम जमा करवाई। जब पीड़ित ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की, तो उसे अतिरिक्त भुगतान के बहाने टाल दिया गया और अंततः जालसाज फरार हो गए।
अज्ञात लोगों ने संपर्क किया
पुलिस के अनुसार, ठाणे के राबोडी क्षेत्र के निवासी को दिसंबर 2025 में अज्ञात लोगों ने संपर्क किया। उन्होंने खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो मुद्रा व्यापार कंपनी से जुड़ा बताते हुए निवेश का प्रस्ताव दिया। पीड़ित को एक विशेष मंच पर खाता खुलवाया गया, जहां उसे लगातार बढ़ते लाभ का झूठा विवरण दिखाया जाता रहा, जिससे उसका विश्वास मजबूत होता गया।
मंच पर लाभ
27 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच पीड़ित ने 13 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 64 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में भेज दिए। मंच पर लाभ दिखने के कारण उसे विश्वास रहा कि उसका निवेश सुरक्षित और लाभदायक है। लेकिन जब उसने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया, तो उससे कर और शुल्क के नाम पर अतिरिक्त धन जमा करने को कहा गया। जब उसने इनकार किया, तो मंच निष्क्रिय हो गया और आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया।
17 फरवरी 2026 को शिकायत
इस मामले में पीड़ित ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब धन के प्रवाह और डिजिटल संपर्क के माध्यमों की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
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ठगी तेजी से बढ़ रही है
विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो मुद्रा और ऑनलाइन निवेश के क्षेत्र में इस प्रकार की ठगी तेजी से बढ़ रही है। जालसाज नकली मंच तैयार कर निवेशकों को आकर्षक लाभ दिखाते हैं और धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं। कई मामलों में निवेशकों को प्रारंभ में छोटे लाभ दिखाकर विश्वास जीत लिया जाता है, लेकिन वास्तविक निकासी के समय अतिरिक्त भुगतान की मांग कर ठगी की जाती है।
हाल के समय में ठाणे और अन्य शहरों में इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें लोगों को कई गुना लाभ का वादा कर ठगा गया। पुलिस का कहना है कि जालसाज अक्सर अलग-अलग बैंक खातों और नकली पहचान का उपयोग करते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना कठिन हो जाता है।
साइबर अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को किसी भी निवेश से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करनी चाहिए और केवल अधिकृत संस्थानों के माध्यम से ही निवेश करना चाहिए। अनजान लोगों के निवेश प्रस्तावों से बचना और अत्यधिक लाभ के दावों पर विश्वास न करना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
निष्कर्ष
ठाणे में सामने आया यह मामला क्रिप्टो मुद्रा निवेश से जुड़े बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीरता को दर्शाता है। तेज लाभ का लालच निवेशकों के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता, जांच-पड़ताल और जागरूकता ही ऐसी ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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