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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

Japan में 24x7 ब्लॉकचेन आधारित शेयर और बॉन्ड निपटान की तैयारी

ताजा खबरेंप्रकाशित28 अग॰ 2026

जापान शेयर और सरकारी बॉन्ड के लिए 24x7 ब्लॉकचेन आधारित तत्काल निपटान व्यवस्था तैयार करने की योजना बना रहा है। 2027 की शुरुआत तक विकास का रोडमैप तैयार हो सकता है।

जापान अपने वित्तीय बाजार को चौबीसों घंटे चलने वाली डिजिटल व्यवस्था में बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देश सरकार के बॉन्ड और शेयरों के लेनदेन के लिए ब्लॉकचेन आधारित ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर विचार कर रहा है, जिसमें सौदों का निपटान तुरंत और 24 घंटे, सातों दिन किया जा सकेगा। अभी जापान के पारंपरिक बाजार में शेयर सौदों का निपटान आमतौर पर दो कारोबारी दिनों बाद होता है, जबकि सरकारी बॉन्ड के लिए यह अवधि अगले कारोबारी दिन तक रहती है।

इस पहल में जापान की वित्तीय सेवा एजेंसी, वित्त मंत्रालय, बैंक ऑफ जापान और प्रमुख वित्तीय संस्थान शामिल होंगे। Nikkei की रिपोर्ट के अनुसार, इन संस्थाओं का अध्ययन समूह 2026 की गर्मियों में काम शुरू करेगा और 2027 की शुरुआत तक इस व्यवस्था के विकास का खाका तैयार करने का लक्ष्य है। अगर योजना को मंजूरी मिलती है, तो नई व्यवस्था इस दशक के अंत या 2030 के शुरुआती वर्षों में काम करना शुरू कर सकती है।

अभी क्यों बदलना चाहता है जापान का वित्तीय ढांचा

मौजूदा व्यवस्था में शेयर या बॉन्ड खरीदने के बाद निवेशक को सौदे के पूरी तरह निपटने का इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान खरीदार और विक्रेता के बीच भुगतान और संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी होती है। इससे पूंजी कुछ समय के लिए अटकी रहती है और लेनदेन में शामिल पक्षों पर जोखिम भी बना रहता है।

ब्लॉकचेन आधारित व्यवस्था में संपत्ति के स्वामित्व और भुगतान को एक साझा डिजिटल ढांचे पर दर्ज किया जा सकता है। इसका मतलब है कि सौदा पूरा होने के बाद निवेशक को रकम या खरीदी गई संपत्ति के लिए एक या दो कारोबारी दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

तेज निपटान से निवेशक बिक्री से मिली रकम को लगभग तुरंत दूसरे निवेश में लगा सकते हैं। इससे बाजार में पूंजी का इस्तेमाल अधिक कुशल तरीके से हो सकता है और सौदे के बीच में किसी पक्ष के भुगतान न कर पाने का जोखिम भी कम हो सकता है।

24 घंटे बाजार चलाना आसान नहीं

जापान की योजना केवल शेयर बाजार के कारोबारी घंटे बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य लक्ष्य सौदा पूरा होने की प्रक्रिया को भी लगातार उपलब्ध कराना है। इसके लिए बैंकों, दलाल कंपनियों और दूसरे वित्तीय संस्थानों को सामान्य कारोबारी घंटों के बाहर भी नकदी और जरूरी संपत्तियों तक पहुंच बनाए रखनी होगी।

इसके अलावा नियामकों को कई अहम सवालों के जवाब तलाशने होंगे। इनमें ब्लॉकचेन व्यवस्था का संचालन कौन करेगा, लेनदेन की अंतिम पुष्टि कैसे होगी, साइबर हमले से सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और किसी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जैसे मुद्दे शामिल हैं।

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जापान पहले भी ब्लॉकचेन और वितरित बहीखाता तकनीक का परीक्षण कर चुका है। लेकिन मौजूदा पहल को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहली बार इस तरह की व्यवस्था को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए स्पष्ट विकास योजना और समयसीमा तैयार करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

बैंक ऑफ जापान के प्रयोग से भी जुड़ी पहल

इस योजना का संबंध बैंक ऑफ जापान के पहले से चल रहे डिजिटल वित्त प्रयोगों से भी है। केंद्रीय बैंक बैंकिंग व्यवस्था में मौजूद धन और ब्लॉकचेन तकनीक के इस्तेमाल से निपटान के तरीकों का परीक्षण कर रहा है। मार्च 2026 में बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा ने भी ब्लॉकचेन आधारित निपटान से जुड़े परीक्षणों की जानकारी दी थी।

इससे संकेत मिलता है कि जापान केवल डिजिटल संपत्तियों के कारोबार तक ब्लॉकचेन का इस्तेमाल सीमित नहीं रखना चाहता। सरकार और वित्तीय संस्थान इसे पारंपरिक बाजार के बुनियादी ढांचे में इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो जापानी सरकारी बॉन्ड बाजार पर इसका खास असर हो सकता है। जापान दुनिया के सबसे बड़े सरकारी बॉन्ड बाजारों में से एक है और यहां तेज निपटान से बड़ी मात्रा में पूंजी के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय भुगतान तक बढ़ सकता है दायरा

नई व्यवस्था भविष्य में केवल शेयर और सरकारी बॉन्ड तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, जापान आगे चलकर इसी बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण के लिए भी कर सकता है। इससे सीमा पार भुगतान को तेज और अधिक कुशल बनाने की संभावना पैदा होगी।

दुनिया के कई वित्तीय केंद्र पहले से ही टोकन आधारित शेयर, बॉन्ड और दूसरी संपत्तियों पर काम कर रहे हैं। ऐसे में जापान की यह पहल उसके वित्तीय बाजार को नई डिजिटल व्यवस्था के साथ जोड़ने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

हालांकि, 24x7 ब्लॉकचेन आधारित निपटान व्यवस्था अभी योजना के चरण में है और इसे लागू होने में कई साल लग सकते हैं। फिर भी 2027 तक विकास का खाका तैयार करने की योजना यह दिखाती है कि जापान अब ब्लॉकचेन प्रयोगों से आगे बढ़कर अपनी वित्तीय व्यवस्था के बड़े हिस्से को डिजिटल बनाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

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