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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

Jamie Dimon का बड़ा अनुमान, 10 साल में 3 गुना होगी India Economy

ताजा खबरेंप्रकाशित25 सित॰ 2026

JPMorgan CEO Jamie Dimon का अनुमान है कि भारत की अर्थव्यवस्था अगले 10 साल में तीन गुना हो सकती है। जानिए इसका Crypto और Stablecoin बाजार पर क्या असर पड़ सकता है।

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JPMorgan Chase के CEO Jamie Dimon ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अनुमान दिया है। उनका कहना है कि अगले 10 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था मौजूदा आकार की तुलना में करीब तीन गुना हो सकती है। Dimon ने यह बात 21 और 22 सितंबर को मुंबई में हुई JPMorgan की India Investor Conference के दौरान कही। हालांकि उनका बयान सीधे तौर पर क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नहीं था, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था के इतने बड़े विस्तार का असर डिजिटल एसेट और ब्लॉकचेन बाजार पर भी पड़ सकता है।

Dimon ने कहा कि अगर 10 साल बाद फिर इसी तरह मुलाकात होती है, तो उन्हें उम्मीद है कि भारत की अर्थव्यवस्था आज के मुकाबले करीब तीन गुना बड़ी होगी। उन्होंने साथ ही भारत में JPMorgan के कारोबार और रिसर्च कवरेज को बढ़ाने की योजना का भी संकेत दिया।

भारत की बढ़ती Economy से Crypto को कैसे फायदा हो सकता है?

अगर भारत की अर्थव्यवस्था अगले दशक में तेजी से बढ़ती है, तो इसका एक संभावित असर लोगों की आय, निवेश क्षमता और वित्तीय बाजारों के विस्तार पर पड़ सकता है। यही वह क्षेत्र है जहां क्रिप्टो और ब्लॉकचेन आधारित सेवाओं के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं।

भारत पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो बाजारों में शामिल है। Chainalysis की 2025 Global Crypto Adoption Index में भारत को कुल क्रिप्टो अपनाने के मामले में दुनिया में पहला स्थान मिला था। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2024 से जून 2025 के बीच एशिया प्रशांत क्षेत्र में क्रिप्टो गतिविधि में तेज वृद्धि हुई और भारत इस वृद्धि के प्रमुख बाजारों में रहा।

इसका मतलब यह है कि अगर आने वाले वर्षों में भारत में निवेश और डिजिटल वित्तीय सेवाओं का दायरा बढ़ता है, तो क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्लॉकचेन नेटवर्क, टोकन आधारित संपत्तियां और डिजिटल भुगतान से जुड़े कारोबार भी इसका हिस्सा बन सकते हैं।

Stablecoins और Blockchain के लिए खुल सकता है बड़ा बाजार

भारत की आर्थिक वृद्धि का असर केवल Bitcoin या Ethereum जैसे टोकन तक सीमित नहीं रह सकता। Stablecoins और ब्लॉकचेन आधारित भुगतान सेवाएं भी इससे लाभ उठा सकती हैं।

Stablecoins की सबसे बड़ी उपयोगिता सीमा पार भुगतान, पैसे भेजने और डिजिटल वित्तीय लेनदेन में देखी जा रही है। अगर भारत का व्यापार और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संपर्क बढ़ता है, तो तेज और कम लागत वाले डिजिटल भुगतान के लिए ऐसी तकनीकों की मांग बढ़ सकती है।

हालांकि, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत आने वाले वर्षों में क्रिप्टो और Stablecoins के लिए किस तरह का नियामकीय ढांचा तैयार करता है। फिलहाल देश में क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30% टैक्स लागू है और कुछ लेनदेन पर 1% TDS भी लागू होता है।

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Regulation अभी भी सबसे बड़ी चुनौती

भारत में क्रिप्टो का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद इस क्षेत्र के लिए नियामकीय स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। सरकार ने हाल के वर्षों में क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर मनी लॉन्ड्रिंग रोधी नियमों का पालन अनिवार्य किया है।

सितंबर 2026 में वित्त मंत्रालय ने 15 क्रिप्टो सेवा प्रदाताओं की वेबसाइट और ऐप हटाने का निर्देश दिया था। सरकार ने कहा था कि भारत में काम करने वाले घरेलू और विदेशी VDA प्लेटफॉर्म को Financial Intelligence Unit के साथ पंजीकरण और मनी लॉन्ड्रिंग रोधी नियमों का पालन करना जरूरी है।

इससे साफ है कि भारत में क्रिप्टो बाजार के विस्तार के साथ नियमन और अनुपालन भी अहम भूमिका निभाएगा। बड़ी अर्थव्यवस्था और बड़ा डिजिटल उपयोगकर्ता आधार क्रिप्टो के लिए अवसर पैदा कर सकता है, लेकिन कारोबार और निवेश का भविष्य नियमों की दिशा पर भी निर्भर करेगा।

Dimon का अनुमान क्यों है अहम?

Jamie Dimon का तीन गुना अर्थव्यवस्था वाला अनुमान एक संभावित आर्थिक दिशा की ओर इशारा करता है, लेकिन इसे निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। Indian Express ने भी बताया है कि यह अनुमान रुपये या अमेरिकी मुद्रा में GDP की गणना पर अलग-अलग हो सकता है, क्योंकि रुपये की विनिमय दर में बदलाव डॉलर के हिसाब से अर्थव्यवस्था के आकार को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत वृद्धि, बढ़ता डिजिटल इस्तेमाल और पहले से मौजूद क्रिप्टो अपनाने का स्तर इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। अगर अगले दशक में अर्थव्यवस्था का आकार वास्तव में तेजी से बढ़ता है और क्रिप्टो के लिए नियामकीय ढांचा अधिक स्पष्ट होता है, तो डिजिटल एसेट बाजार को भी इससे फायदा मिल सकता है। हालांकि, Dimon का बयान अपने आप में Bitcoin, Ethereum या किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान नहीं है।

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