
Infosys ने Chainlink से मिलाया हाथ, 1.7 अरब बैंकिंग खातों तक पहुंच बना सकता है LINK
Infosys ने Chainlink के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। जानिए CCIP, Proof of Reserve और दूसरी Chainlink तकनीकों के जरिए 1.7 अरब से ज्यादा बैंकिंग खातों से जुड़े वित्तीय ढांचे पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

भारत की दिग्गज IT कंपनी Infosys ने ब्लॉकचेन क्षेत्र में एक अहम कदम उठाते हुए Chainlink के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियां संस्थागत वित्तीय सेवाओं में ब्लॉकचेन तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगी। इस साझेदारी का फोकस बैंकिंग और भुगतान से जुड़े मौजूदा ढांचे को ब्लॉकचेन नेटवर्क से जोड़ने पर है।
Chainlink ने 22 सितंबर को इस साझेदारी की घोषणा की। कंपनी के मुताबिक, Infosys अपनी वित्तीय सेवा और बैंकिंग से जुड़ी तकनीकी सेवाओं में Chainlink के कई उत्पादों को अपनाने के लिए एक मानकीकृत ढांचा तैयार करेगी। Infosys की वित्तीय तकनीक दुनिया भर में 1.7 अरब से ज्यादा ग्राहक खातों से जुड़े बैंकिंग और भुगतान ढांचे को सपोर्ट करती है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि ये सभी खाते सीधे Chainlink का इस्तेमाल करेंगे।
Chainlink के किन उत्पादों का होगा इस्तेमाल?
इस साझेदारी में Chainlink की केवल एक तकनीक शामिल नहीं है। दोनों कंपनियां Cross-Chain Interoperability Protocol यानी CCIP, Chainlink Runtime Environment, Automated Compliance Engine, Proof of Reserve, Data Feeds और Data Streams जैसे उत्पादों पर काम करेंगी।
CCIP अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क के बीच डेटा और डिजिटल संपत्तियों को स्थानांतरित करने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल टोकनाइज्ड एसेट और दूसरे ब्लॉकचेन आधारित वित्तीय उत्पादों के लिए किया जा सकता है।
वहीं, Chainlink Runtime Environment अलग-अलग नेटवर्क, API और बाहरी प्रणालियों के बीच काम करने वाले जटिल प्रक्रियाओं को जोड़ने के लिए बनाया गया है। Automated Compliance Engine वित्तीय संस्थानों की अनुपालन जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है, जबकि Proof of Reserve किसी डिजिटल या टोकनाइज्ड संपत्ति के पीछे मौजूद रिजर्व की पुष्टि करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
Banking और Blockchain के बीच पुल बनाने की कोशिश
इस साझेदारी का बड़ा उद्देश्य पारंपरिक वित्तीय व्यवस्था और ब्लॉकचेन आधारित वित्त के बीच दूरी कम करना है। बैंक और वित्तीय संस्थान लंबे समय से टोकनाइजेशन, सीमा-पार भुगतान और डिजिटल एसेट से जुड़े प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन मौजूदा बैंकिंग प्रणालियों को ब्लॉकचेन से जोड़ना तकनीकी और नियामकीय दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
Infosys के पास बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में लंबे समय से काम करने का अनुभव है। उसकी Finacle तकनीक का इस्तेमाल दुनिया भर के वित्तीय संस्थानों में होता है। ऐसे में Chainlink के लिए Infosys के साथ साझेदारी उसे उन संस्थानों तक पहुंच बनाने का रास्ता दे सकती है जो सीधे ब्लॉकचेन तकनीक अपनाने के बजाय पहले से इस्तेमाल हो रहे IT ढांचे के जरिए नए समाधान जोड़ना चाहते हैं।
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Chainlink पहले भी वित्तीय संस्थानों के साथ काम कर चुका है। उदाहरण के लिए, Australia and New Zealand Banking Group के साथ एक परीक्षण में CCIP का इस्तेमाल अलग-अलग ब्लॉकचेन के बीच टोकनाइज्ड एसेट के लेनदेन और निपटान के लिए किया गया था।
LINK Token के लिए क्यों अहम है यह खबर?
Infosys जैसी बड़ी IT कंपनी के साथ साझेदारी Chainlink के संस्थागत इस्तेमाल की कहानी को मजबूत कर सकती है। खासकर तब, जब बैंकिंग क्षेत्र में टोकनाइज्ड एसेट और ब्लॉकचेन आधारित भुगतान को लेकर रुचि बढ़ रही है।
हालांकि, अभी इस खबर को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सीमाएं भी हैं। दोनों कंपनियों ने किसी खास बैंक, भुगतान कंपनी या टोकनाइज्ड एसेट परियोजना का नाम नहीं बताया है। इसके अलावा, लाइव इस्तेमाल शुरू होने की तारीख, व्यावसायिक शर्तों या संभावित लेनदेन की मात्रा की भी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल यह साझेदारी एक तकनीकी और व्यावसायिक ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम है, न कि किसी बड़े बैंकिंग नेटवर्क के तत्काल ब्लॉकचेन पर जाने की घोषणा।
आने वाले समय में बाजार की नजर इस बात पर होगी कि Infosys के कौन से ग्राहक Chainlink की तकनीक को अपनाते हैं और CCIP, Proof of Reserve तथा दूसरे उत्पाद वास्तविक बैंकिंग और भुगतान सेवाओं में कब इस्तेमाल होने लगते हैं। अगर यह साझेदारी वास्तविक उपयोग तक पहुंचती है, तो यह पारंपरिक वित्तीय व्यवस्था में ब्लॉकचेन तकनीक के इस्तेमाल के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है।
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