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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितस्टाफ लेखकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

बढ़ते साइबर ठगी के मामलों के चलते नागरिकों की शिकायतों पर 1.36 करोड़ मोबाइल नंबर सेवा से हटाए गए

ताजा खबरेंप्रकाशित1 अग॰ 2025

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, ASTR प्रणाली, फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) जैसी तकनीकी पहलों ने देशभर में लाखों नागरिकों को सुरक्षित किया है।

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जैसे-जैसे भारत डिजिटल युग की ओर बढ़ा, वैसे-वैसे साइबर ठगी और टेलीकॉम धोखाधड़ी ने आम नागरिकों को परेशान करना शुरू कर दिया।

लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने गुरुवार को बताया कि दूरसंचार धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अभूतपूर्व तकनीकी पहलों के साथ सख्त कदम उठाए हैं।

नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से “नो योर मोबाइल कनेक्शंस” सेवा के जरिये 1.36 करोड़ संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों को काटा गया है। इसके अतिरिक्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ASTR प्रणाली ने 82 लाख फर्जी नंबरों की पहचान कर उन्हें स्वतः निरस्त किया है।

मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने हेतु दूरसंचार विभाग (DoT) और गृह मंत्रालय ने मिलकर डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इसमें 570 बैंक, 36 राज्य पुलिस बल, विभिन्न जांच एजेंसियां और सभी प्रमुख टेलिकॉम सेवा प्रदाता शामिल हैं, जिससे रीयल-टाइम में समन्वित कार्रवाई संभव हो सकी है।

जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 16 मई 2023 को ‘संचार साथी’ पोर्टल शुरू किया गया, जिसे अब तक 15.5 करोड़ से अधिक हिट्स मिले हैं। इसकी सफलता के बाद 17 जनवरी 2025 को एंड्रॉयड व iOS के लिए मोबाइल ऐप भी लॉन्च की गई, जिसे 44 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।

इन माध्यमों से मिली सूचनाओं के आधार पर विभाग ने अब तक 5.5 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए हैं और 20,000 बल्क SMS भेजने वालों की सेवाएं बंद की हैं, जबकि 24 लाख संदिग्ध व्हाट्सऐप खातों को निष्क्रिय किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय नंबरों के भारतीय होने का भ्रम पैदा करने वाली स्पूफ कॉल समस्या पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि एक केंद्रीकृत सॉफ़्टवेयर समाधान लागू होने के पहले ही दिन 1.35 करोड़ ऐसी कॉल रोकी गईं।

इसके बाद स्पूफ कॉल मामलों में 97 प्रतिशत की गिरावट आई है और अब प्रतिदिन मात्र तीन लाख कॉल ही पकड़ में आ रही हैं। सभी ऑपरेटरों को ऐसे नंबरों पर ‘International Call’ चेतावनी प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।

वित्तीय लेनदेन में धोखाधड़ी रोकने के लिए फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) प्रणाली लागू की गई है, जो उपभोक्ताओं को ‘वेरी हाई’, ‘हाई’ और ‘मीडियम’ श्रेणियों में वर्गीकृत करती है। अब तक 3.7 लाख लोगों को सूचीबद्ध कर 3.04 लाख संदिग्ध डेबिट/क्रेडिट निर्देश रोके गए तथा 1.55 लाख बैंक खातों को फ्रीज़ किया गया। रिज़र्व बैंक ने सभी बैंकों को अपने आंतरिक सिस्टम में FRI एकीकृत करने का निर्देश दिया है।

दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों से भारतीय सिम के दुरुपयोग पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए 26 लाख रोमिंग कनेक्शन रद्द किए गए और 1.3 लाख उपकरण ब्लॉक किए गए हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों पर चर्चा करते हुए सिंधिया ने बताया कि बीएसएनएल का ग्राहक आधार पिछले वित्तीय वर्ष में 8.55 करोड़ से बढ़कर 9.1 करोड़ हो गया है। कंपनी के पुनरुद्धार के लिए पिछले तीन वर्षों में कुल 3.22 लाख करोड़ ₹ के पैकेज स्वीकृत किए गए हैं। बीएसएनएल के 32 टेलीकॉम सर्किल अब विकेंद्रीकृत रणनीति के तहत स्वयं के व्यवसायिक योजनाएं तैयार कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने स्वदेशी 4G तकनीक विकसित कर ली है, जिसका सॉफ़्टवेयर सी-डॉट ने, रेडियो हार्डवेयर तेजस नेटवर्क्स ने और प्रणाली एकीकरण टीसीएस ने किया है। 95,000 स्वीकृत टावरों में से 75,000 चालू हैं और 20,000 करोड़ ₹ का पूंजी निवेश हो चुका है। बीएसएनएल की 4G सेवा पूरी क्षमता से चालू है और शीघ्र ही इसे 5G में अपग्रेड किया जाएगा।

मंत्री ने कहा,

सरकार का संकल्प स्पष्ट है—हर नागरिक को सुरक्षित डिजिटल वातावरण, मजबूत दूरसंचार नेटवर्क और धोखाधड़ी-मुक्त भविष्य प्रदान करना। मैं सभी से ‘संचार साथी’ पोर्टल और ऐप का अधिकतम उपयोग कर संदिग्ध गतिविधियां रिपोर्ट करने तथा अपने कनेक्शन्स की जांच करने का आग्रह करता हूं।
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