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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

भारत-रूस के बीच CBDC से होगा ट्रेड पेमेंट? $60 अरब के कारोबार के बीच नई व्यवस्था पर काम

ताजा खबरेंप्रकाशित13 सित॰ 2026

भारत और रूस $60 अरब के करीब पहुंच चुके द्विपक्षीय व्यापार के लिए CBDC आधारित भुगतान व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। जानिए डिजिटल रुपया और डिजिटल रूबल से व्यापार भुगतान कैसे बदल सकता है।

भारत और रूस अपने बढ़ते व्यापार को आसान बनाने के लिए केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा यानी CBDC के इस्तेमाल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। रूस के सबसे बड़े बैंक Sberbank के CEO हरमन ग्रेफ ने बताया है कि रूस का केंद्रीय बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक मिलकर दोनों देशों के बीच व्यापार भुगतान के लिए डिजिटल मुद्रा आधारित व्यवस्था तैयार करने पर काम कर रहे हैं।

अगर यह व्यवस्था सफल होती है तो भारत और रूस के बीच सीमा पार भुगतान को तेज और अधिक आसान बनाने का रास्ता खुल सकता है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है और दोनों सरकारें इसे आने वाले वर्षों में और ऊपर ले जाना चाहती हैं।

$60 अरब के करीब पहुंचा भारत-रूस व्यापार

भारत और रूस के बीच वित्त वर्ष 2026 में द्विपक्षीय व्यापार करीब $60 अरब पहुंच गया। इस व्यापार में रूस से भारत को होने वाले तेल आयात की बड़ी भूमिका रही है। 2022 के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद में काफी बढ़ोतरी की, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल आंकड़ा तेजी से बढ़ा।

अब दोनों देश दशक के अंत तक द्विपक्षीय व्यापार को $100 अरब तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। हालांकि, इस लक्ष्य के सामने एक बड़ी चुनौती व्यापार असंतुलन है। भारत रूस से जितना सामान खरीदता है, उसके मुकाबले रूस को भारत का निर्यात काफी कम है।

Sberbank के प्रमुख हरमन ग्रेफ ने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार बढ़ाने के साथ भारतीय कंपनियों के लिए रूसी बाजार में ज्यादा अवसर पैदा करना भी जरूरी है। उन्होंने $50 अरब से अधिक के व्यापार अंतर को कम करने की जरूरत पर जोर दिया।

डिजिटल रुपया और डिजिटल रूबल की भूमिका

CBDC से जुड़े इस प्रस्ताव में भारत की डिजिटल रुपया व्यवस्था और रूस की डिजिटल रूबल जैसी केंद्रीय बैंक द्वारा जारी डिजिटल मुद्राओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय भुगतान व्यवस्था पर निर्भरता कम करते हुए दोनों देशों के बीच सीधे और तेज भुगतान की सुविधा तैयार करना है।

भारत और रूस पहले भी अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा कर चुके हैं। 2025 में दोनों देशों के बीच जारी संयुक्त बयान में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल, भुगतान प्रणालियों के आपसी जुड़ाव और CBDC प्लेटफॉर्म की आपस में संगतता पर बातचीत जारी रखने की बात कही गई थी।

भारत के लिए डिजिटल रुपये का इस्तेमाल केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है। अगस्त 2026 में सरकार ने चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में खाद्य सब्सिडी के लिए CBDC आधारित भुगतान व्यवस्था शुरू की। इससे डिजिटल रुपये के वास्तविक इस्तेमाल का दायरा भी बढ़ रहा है।

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BRICS में भी बढ़ रही डिजिटल भुगतान की चर्चा

भारत और रूस के बीच CBDC भुगतान की चर्चा को BRICS की व्यापक योजना से अलग करके नहीं देखा जा सकता। BRICS देश सीमा पार भुगतान को तेज और आसान बनाने के लिए अपने राष्ट्रीय भुगतान तंत्रों और डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं।

भारत इस दिशा में UPI जैसी अपनी त्वरित भुगतान व्यवस्था को भी आगे बढ़ाना चाहता है। हालांकि, अलग-अलग देशों की मुद्रा व्यवस्था, नियम और व्यापार असंतुलन जैसी चुनौतियां अभी मौजूद हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार BRICS देशों के बीच डिजिटल मुद्रा तंत्र जोड़ने की भारत की कोशिश में तकनीकी और राजनीतिक बाधाएं भी हैं।

भारत-रूस के मामले में भी CBDC व्यवस्था को लागू करना अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए इसे तत्काल लागू होने वाली भुगतान प्रणाली के बजाय भविष्य के व्यापार को आसान बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम के रूप में देखना बेहतर होगा।

अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो इससे दोनों देशों के बीच भुगतान प्रक्रिया तेज हो सकती है और भविष्य में बढ़ते व्यापार के लिए एक नया वित्तीय रास्ता तैयार हो सकता है।

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