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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

‘गलत अलर्ट’ बताने वाले CoinDCX CEO के दावे के बाद पलटी बाजी, $16 मिलियन के नुकसान की पुष्टि

ताजा खबरेंप्रकाशित27 अक्टू॰ 2026

CoinDCX ने पुराने वॉलेट से जुड़े सुरक्षा मामले में 15.99 million USDT यानी करीब $16 million के नुकसान की पुष्टि की। जानिए यह कैसे हुआ और ग्राहकों के फंड पर क्या असर पड़ा।

भारत के प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX ने करीब $16 million के क्रिप्टो नुकसान की पुष्टि की है। कंपनी के मुताबिक, यह नुकसान पुराने वॉलेट से जुड़ी तकनीकी और परिचालन संबंधी समस्या के कारण हुआ। ये वॉलेट जुलाई 2025 में हुए एक बड़े सुरक्षा हमले के बाद इस्तेमाल से बाहर कर दिए गए थे, लेकिन कुछ ग्राहक अब भी इन पुराने पतों पर क्रिप्टो जमा कर रहे थे।

CoinDCX ने बताया कि पुराने वॉलेट में आने वाली रकम को उसके मुख्य वॉलेट तक पहुंचाने वाली स्वचालित व्यवस्था कुछ समय के लिए काम नहीं कर पाई। इसके कारण रकम पुराने पतों पर जमा होती रही और बाद में करीब 15.99 million USDT का नुकसान हुआ। कंपनी ने कहा है कि इस नुकसान की भरपाई वह खुद करेगी और ग्राहकों के खाते में जमा रकम सुरक्षित है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ब्लॉकचेन जांचकर्ताओं ने 21 अक्टूबर को CoinDCX से जुड़े वॉलेट से करीब $16 million की संदिग्ध निकासी की जानकारी दी थी। शुरुआत में कंपनी ने नए सुरक्षा हमले की खबरों को गलत बताया था, लेकिन बाद में जांच के बाद नुकसान की पुष्टि की।

पुराने वॉलेट से कैसे हुआ $16 मिलियन का नुकसान?

CoinDCX के अनुसार, जुलाई 2025 में करीब $44 million के सुरक्षा हमले के बाद उसने प्रभावित वॉलेट व्यवस्था को बंद कर दिया था। कंपनी ने ग्राहकों को नए जमा पते इस्तेमाल करने की सलाह भी दी थी। इसके बावजूद कुछ लोग पुराने पतों पर क्रिप्टो भेजते रहे।

ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कंपनी की व्यवस्था में दो प्रक्रियाएं थीं। पहली प्रक्रिया के तहत पुराने पते पर रकम पहुंचते ही ग्राहक के खाते में उसका क्रेडिट दर्ज किया जाता था। दूसरी प्रक्रिया में एक स्वचालित सेवा उस रकम को पुराने पते से निकालकर कंपनी के मुख्य सुरक्षित वॉलेट में भेजती थी। इस प्रक्रिया को तकनीकी भाषा में ‘स्वीपिंग’ कहा जाता है।

CoinDCX के मुताबिक, दूसरी प्रक्रिया एक निश्चित अवधि तक काम नहीं कर पाई। इससे पुराने वॉलेट में रकम जमा होती रही और बाद में 15.99 million USDT का नुकसान हुआ। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि स्वचालित व्यवस्था कितने समय तक बंद रही या इस घटना से कितने ग्राहक प्रभावित हुए।

पहले बताया था गलत अलर्ट, फिर स्वीकार किया नुकसान

21 अक्टूबर को ब्लॉकचेन पर नजर रखने वाले जांचकर्ताओं ने CoinDCX से जुड़े पतों से बड़ी मात्रा में USDT निकलने की जानकारी साझा की थी। इन लेनदेन में करीब 15.99 million USDT और कुछ TRX टोकन शामिल थे। रकम को कई पतों के जरिए आगे भेजा गया और कुछ धनराशि Binance, OKX तथा Gate जैसे एक्सचेंजों से जुड़े पतों तक पहुंची।

शुरुआत में CoinDCX के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित गुप्ता ने कहा था कि संबंधित पते पुराने थे और जुलाई 2025 के हमले में प्रभावित हुए थे। कंपनी ने भी कहा था कि इन पतों का इस्तेमाल वह पहले ही बंद कर चुकी थी।

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हालांकि, ब्लॉकचेन जांचकर्ता ZachXBT ने इस दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संबंधित पते 2026 में भी ग्राहक जमा राशि को CoinDCX के मौजूदा वॉलेट तक पहुंचाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल हो रहे थे। इसके बाद कंपनी ने मामले की गहराई से जांच की और 25 अक्टूबर को जारी अपने अपडेट में $15.99 million के नुकसान की पुष्टि की।

ग्राहकों के फंड और कारोबार पर क्या असर पड़ा?

CoinDCX ने कहा है कि इस घटना से उसके सक्रिय वॉलेट, कारोबार और ट्रेडिंग व्यवस्था पर असर नहीं पड़ा। कंपनी के मुताबिक, ग्राहकों के खाते में दर्ज क्रिप्टो जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और नुकसान की जिम्मेदारी कंपनी ने ली है। उसने यह भी कहा कि ग्राहकों की संपत्तियां अलग रखे गए कोल्ड वॉलेट में सुरक्षित हैं, जिन्हें ऑफलाइन सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाता है।

फिर भी, इस घटना ने पुराने वॉलेट की निगरानी और कंपनी की आंतरिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए हैं। कंपनी ने माना कि वह घटना की पूरी जानकारी जुटाने में समय लेने के कारण सार्वजनिक रूप से अधिक तेजी से जानकारी दे सकती थी।

निवेशकों को अब क्या ध्यान रखना चाहिए?

इस घटना के बाद CoinDCX ने ग्राहकों को सलाह दी है कि हर बार क्रिप्टो जमा करने से पहले अपने खाते या आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद नए जमा पते की जांच करें। पुराने या बंद किए जा चुके पतों पर रकम भेजने से नुकसान का जोखिम हो सकता है।

कंपनी ने कहा है कि वह पुराने वॉलेट और बची हुई तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी मजबूत करेगी। फिलहाल, इस मामले से यह सीख मिलती है कि क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए केवल नए सुरक्षा उपाय लागू करना पर्याप्त नहीं है। पुरानी प्रणालियों को बंद करने, उनकी निगरानी करने और ग्राहकों को समय पर जानकारी देने की प्रक्रिया भी उतनी ही जरूरी है।

CoinDCX ने नुकसान की जिम्मेदारी लेने की बात कही है, लेकिन घटना के पूरे तकनीकी कारणों और स्वचालित व्यवस्था की विफलता की अवधि को लेकर कुछ सवाल अब भी बाकी हैं।

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