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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

Binance ने रूस को दिया ग्राहक डेटा, यूक्रेन क्रिप्टो दान केस में बड़ा खुलासा

ताजा खबरेंप्रकाशित18 अग॰ 2026

Binance ने रूस के एक ग्राहक का निजी और लेनदेन संबंधी डेटा रूसी अधिकारियों को दिया था। यह जानकारी यूक्रेन को क्रिप्टो दान मामले में इस्तेमाल हुई। जानिए पूरा मामला।

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Binance एक बार फिर ग्राहक डेटा और सरकारी जांच से जुड़े विवाद में घिर गया है। एक नई जांच के अनुसार, Binance ने रूस के अधिकारियों को अपने एक ग्राहक की निजी जानकारी और क्रिप्टो लेनदेन का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया था। बाद में इसी जानकारी का इस्तेमाल उस ग्राहक के खिलाफ यूक्रेन से जुड़े संगठनों को क्रिप्टोकरेंसी दान देने के मामले में कार्रवाई के लिए किया गया।

Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला रूसी आईटी विशेषज्ञ यूरी बेलेंकी से जुड़ा है। रूसी अधिकारियों ने उन पर यूक्रेनी सैन्य समूहों से जुड़े संगठनों को 700 डॉलर से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी भेजने का आरोप लगाया है। रूस इन संगठनों में से एक को आतंकी संगठन मानता है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, Binance से मिली लेनदेन संबंधी जानकारी बाद में मामले की जांच में शामिल की गई।

Binance ने कौन सी जानकारी साझा की?

रिपोर्ट के अनुसार, रूसी जांचकर्ताओं ने Binance से बेलेंकी के लेनदेन का रिकॉर्ड मांगा था। एक्सचेंज की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में पहचान से जुड़े दस्तावेज और क्रिप्टो लेनदेन का इतिहास शामिल था। इन रिकॉर्ड से जांचकर्ताओं को यह पता लगाने में मदद मिली कि संबंधित व्यक्ति ने यूक्रेन से जुड़े कुछ अभियानों में क्रिप्टोकरेंसी भेजी थी।

रूसी जांच के अनुसार, ये लेनदेन जनवरी 2023 से मार्च 2024 के बीच किए गए थे। बताया गया है कि यूक्रेन के समर्थन में धन जुटाने के लिए सार्वजनिक रूप से क्रिप्टो वॉलेट पते साझा किए गए थे। बेलेंकी रूसी नागरिक हैं और उनके पास बुल्गारिया का निवास परमिट भी है। फिलहाल वह रूस में हिरासत में हैं और मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रूसी अधिकारियों के आरोप अंतिम न्यायिक फैसला नहीं हैं। मामले में अदालत की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

ग्राहक गोपनीयता को लेकर क्यों उठे सवाल?

इस मामले ने क्रिप्टो उद्योग में ग्राहक डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Binance का कहना है कि वह कानून के अनुरूप सरकारी और जांच एजेंसियों के वैध अनुरोधों का जवाब देता है। लेकिन विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि क्या ऐसे मामलों में ग्राहक की जानकारी साझा करने से पहले अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा की जरूरत थी।

मामला इसलिए और संवेदनशील हो जाता है क्योंकि बेलेंकी बुल्गारिया में रहते हैं। यूरोपीय संघ के डेटा सुरक्षा नियम, यानी GDPR, यूरोपीय नागरिकों और कुछ परिस्थितियों में यूरोपीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों के निजी डेटा को विशेष सुरक्षा देते हैं। कानूनी विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि रूस को इस तरह की जानकारी देना इन नियमों के तहत किस तरह देखा जाएगा।

Binance ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस विशेष मामले में डेटा साझा करना यूरोपीय डेटा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था या नहीं। यही वजह है कि मामला केवल रूस और यूक्रेन से जुड़ा राजनीतिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय डेटा सुरक्षा का मुद्दा भी बन गया है।

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रूस से निकलने के बाद भी क्यों महत्वपूर्ण है मामला?

Binance ने 2023 में रूस से अपने कारोबार से बाहर निकलने की घोषणा की थी। कंपनी ने उस समय रूस से जुड़ी सेवाओं को बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही थी। इसके बावजूद पुराने ग्राहकों से जुड़े डेटा और लेनदेन रिकॉर्ड उसके पास मौजूद रहे।

यही पहलू इस मामले को खास बनाता है। किसी कंपनी के किसी देश से कारोबार बंद करने के बाद भी उसके पास पुराने ग्राहकों की जानकारी लंबे समय तक रह सकती है। यदि संबंधित देश की जांच एजेंसी बाद में उस डेटा तक पहुंच मांगती है, तो कंपनी को कानून, ग्राहक गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।

Binance का यह मामला इसी चुनौती को सामने लाता है। क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए ग्राहक पहचान और लेनदेन रिकॉर्ड रखना मनी लॉन्ड्रिंग तथा वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए जरूरी है। लेकिन वही जानकारी राजनीतिक या विवादित मामलों में इस्तेमाल होने लगे तो ग्राहक गोपनीयता पर सवाल उठ सकते हैं।

क्रिप्टो एक्सचेंजों के सामने बढ़ी चुनौती

इस घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए केवल वित्तीय नियमों का पालन करना पर्याप्त नहीं रह गया है। उन्हें अलग-अलग देशों के डेटा सुरक्षा कानून, स्थानीय जांच और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

मानवाधिकार संगठन First Department, जिसने मामले से जुड़े दस्तावेज हासिल किए, ने Binance की रूस के साथ सहयोग करने की आलोचना की है। संगठन का कहना है कि रूस में यूक्रेन के समर्थन में दान करने वाले लोगों के खिलाफ ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा रही है। हालांकि रूस में इस तरह के मामलों की कुल संख्या का स्वतंत्र रूप से पता लगाना मुश्किल है।

आने वाले समय में यह मामला क्रिप्टो कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है। सवाल यह रहेगा कि किसी सरकार के वैध जांच अनुरोध और ग्राहक की निजी जानकारी की सुरक्षा के बीच सीमा कहां तय की जाए। जैसे-जैसे क्रिप्टो बाजार दुनिया भर में बढ़ रहा है, यह बहस भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती जाएगी कि एक्सचेंज ग्राहक डेटा को सुरक्षित रखने के साथ कानून प्रवर्तन की मांगों का जवाब किस तरह दें।

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