Cointelegraph
DOGE$0.06991 0.07%
TRX$0.3315 0.39%
LINK$9.58 6.90%
ZEC$488.30 0.81%
ADA$0.1780 0.79%
XRP$1.00 0.51%
ETH$1,882.51 0.17%
BTC$63,060.42 0.27%
XMR$412.30 4.12%
BNB$610.91 0.71%
XLM$0.1577 0.75%
SOL$75.49 0.40%
HYPE$57.06 2.65%
Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

Apple पर Bitcoin वॉलेट ऐप से 18 लाख डॉलर के कथित नुकसान को लेकर मुकदमा

ताजा खबरेंप्रकाशित29 जुल॰ 2026

फर्जी Bitcoin वॉलेट ऐप से 18 लाख डॉलर गंवाने वाले तीन निवेशकों ने Apple पर मुकदमा किया है। जानिए पूरा मामला, कैसे हुआ घोटाला और इससे क्रिप्टो निवेशकों को क्या सीख मिलती है।

brazil-opens-a-formal-inquiry-into-the-countrys-rampant-cryptocurrency-scams

दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों में शामिल Apple एक नए कानूनी विवाद में घिर गई है। अमेरिका में तीन क्रिप्टो निवेशकों ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि App Store पर उपलब्ध एक फर्जी Bitcoin वॉलेट ऐप की वजह से उन्हें कुल 18 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। इस मामले ने App Store की सुरक्षा व्यवस्था और नकली क्रिप्टो ऐप्स की बढ़ती समस्या पर नई बहस छेड़ दी है।

मुकदमे के अनुसार, पीड़ितों ने App Store से "Sparrow Wallet" नाम का एक ऐप डाउनलोड किया। उन्हें लगा कि यह लोकप्रिय Bitcoin वॉलेट का आधिकारिक संस्करण है। लेकिन वास्तव में यह एक नकली ऐप था, जिसे साइबर अपराधियों ने उपयोगकर्ताओं की डिजिटल संपत्ति चुराने के लिए तैयार किया था।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल तीन निवेशकों के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि प्रतिष्ठित ऐप स्टोर पर भी फर्जी वित्तीय ऐप्स पहुंच सकते हैं।

कैसे हुई करोड़ों रुपये की ठगी?

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, फर्जी ऐप ने असली Sparrow Wallet की तरह ही नाम और डिजाइन का इस्तेमाल किया। ऐप डाउनलोड करने के बाद उपयोगकर्ताओं से उनका रिकवरी वाक्यांश या निजी जानकारी मांगी गई। जैसे ही यह जानकारी दर्ज की गई, हमलावरों ने उनके Bitcoin पर नियंत्रण हासिल कर लिया और पूरी राशि अपने वॉलेट में स्थानांतरित कर दी।

मुकदमे में तीनों पीड़ितों ने अलग अलग नुकसान का दावा किया है। एक निवेशक ने लगभग 8.75 लाख डॉलर, दूसरे ने करीब 8.40 लाख डॉलर और तीसरे ने लगभग 1.20 लाख डॉलर मूल्य के Bitcoin गंवाए। कुल नुकसान 18 लाख डॉलर से अधिक बताया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि असली Sparrow Wallet का कोई आधिकारिक iPhone ऐप मौजूद ही नहीं है। यह वॉलेट केवल Windows, macOS और Linux के लिए उपलब्ध है। इसके बावजूद नकली संस्करण लंबे समय तक App Store पर मौजूद रहा।

Apple पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

वादी पक्ष का कहना है कि Apple लंबे समय से अपने App Store को सुरक्षित और भरोसेमंद मंच के रूप में प्रचारित करता रहा है। इसी भरोसे के कारण उन्होंने ऐप डाउनलोड किया। उनका आरोप है कि कंपनी ऐप की पर्याप्त जांच करने और फर्जी ऐप्स को समय रहते हटाने में विफल रही।

मुकदमे में यह भी दावा किया गया है कि Sparrow Wallet के वास्तविक डेवलपर क्रेग रॉ पहले भी कई बार Apple को ऐसे नकली ऐप्स के बारे में चेतावनी दे चुके थे। इसके बावजूद फर्जी ऐप्स बार बार App Store पर दिखाई देते रहे।

क्या आप जानते हैं: क्या Bitcoin $500,000 तक पहुंच सकता है? नई भविष्यवाणी ने बढ़ाई बाजार की उम्मीदें

Apple ने इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की है। हालांकि कंपनी का कहना है कि संबंधित फर्जी ऐप्स और उनसे जुड़े डेवलपर खातों को हटा दिया गया है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने 2025 के दौरान लाखों संदिग्ध ऐप्स और डेवलपर खातों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

क्रिप्टो निवेशकों के लिए क्या सबक?

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल किसी ऐप के आधिकारिक स्टोर पर उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह सुरक्षित है। खासकर क्रिप्टो वॉलेट डाउनलोड करते समय उपयोगकर्ताओं को हमेशा परियोजना की आधिकारिक वेबसाइट से ही लिंक लेना चाहिए।

इसके अलावा, किसी भी ऐप में अपना रिकवरी वाक्यांश या निजी कुंजी दर्ज करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की पूरी जांच करनी चाहिए। अधिकांश वैध वॉलेट कंपनियां स्पष्ट रूप से बताती हैं कि उनका आधिकारिक मोबाइल ऐप उपलब्ध है या नहीं।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि यदि किसी परियोजना का मोबाइल ऐप मौजूद नहीं है, तो उसके नाम से उपलब्ध किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

बढ़ रही है नकली क्रिप्टो ऐप्स की चुनौती

हाल के वर्षों में क्रिप्टो उद्योग के बढ़ने के साथ साइबर अपराधियों ने भी नए तरीके अपनाए हैं। नकली वॉलेट, फर्जी एक्सचेंज और पहचान की नकल करने वाले ऐप्स के जरिए निवेशकों को निशाना बनाया जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस मुकदमे का असर केवल Apple तक सीमित नहीं रहेगा। इससे Google Play और अन्य ऐप स्टोर भी अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं की दोबारा समीक्षा कर सकते हैं। साथ ही यह मामला तकनीकी कंपनियों की जिम्मेदारी और डिजिटल निवेशकों की सुरक्षा को लेकर नए कानूनी मानक भी तय कर सकता है।

फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है, लेकिन इससे एक बात स्पष्ट हो गई है कि क्रिप्टो निवेश करते समय केवल बाजार जोखिम ही नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। थोड़ी सी लापरवाही लाखों डॉलर के नुकसान का कारण बन सकती है।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X और LinkedIn पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://cointelegraph.in/editorial-policy

इस विषय पर अधिक