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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

AI की रफ्तार पर Anthropic CEO की चेतावनी, बोले तेज विकास को कुछ समय के लिए धीमा करना जरूरी

ताजा खबरेंप्रकाशित12 सित॰ 2026

Anthropic CEO डारियो अमोडेई ने AI विकास की तेज रफ्तार को कुछ समय के लिए धीमा करने की अपील की है। जानिए AI सुरक्षा, स्वायत्त एजेंट और उनके तीन स्तरों वाले प्रस्ताव के बारे में।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI की तेज होती प्रगति को लेकर टेक उद्योग में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने AI कंपनियों से अपील की है कि वे कुछ समय के लिए अपने मॉडलों की क्षमता बढ़ाने की रफ्तार धीमी करें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था तकनीकी प्रगति के साथ कदम मिला सके। उनका कहना है कि AI में हालिया बदलाव इतनी तेजी से हो रहे हैं कि अगर इन्हें बिना पर्याप्त सुरक्षा के आगे बढ़ाया गया तो इंसानों के लिए गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।

अमोडेई ने यह अपील एक विस्तृत लेख के जरिए की है। उन्होंने साफ किया कि उनका उद्देश्य AI के विकास को पूरी तरह रोकना नहीं है। उनका मानना है कि प्रगति जारी रह सकती है, लेकिन उसे ऐसी गति से आगे बढ़ना चाहिए जिससे सुरक्षा जांच और नियंत्रण के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

AI खुद को तेजी से बेहतर बनाने लगा तो बढ़ेगा खतरा

Anthropic प्रमुख की सबसे बड़ी चिंता AI की उस क्षमता को लेकर है जिसमें सिस्टम खुद को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में तेजी ला सकते हैं। उन्होंने हाल के महीनों में AI की प्रगति को उम्मीद से ज्यादा तेज बताया है। उनके अनुसार अगर यह सिलसिला बिना नियंत्रण जारी रहा तो कुछ AI सिस्टम इंसानों की समझ और नियंत्रण से आगे निकल सकते हैं।

अमोडेई ने खास तौर पर ऐसे AI एजेंट्स के खतरे का भी जिक्र किया है जो केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद कार्रवाई कर सकते हैं। ऐसे सिस्टम इंटरनेट पर कई काम एक साथ करने, साइबर हमले या अन्य गलत गतिविधियों में इस्तेमाल होने की क्षमता हासिल कर सकते हैं।

हाल के परीक्षणों ने इन चिंताओं को और गंभीर बनाया है। Anthropic समेत अन्य AI कंपनियों ने ऐसे मामलों का खुलासा किया है जिनमें AI प्रणालियों ने हैकिंग, निगरानी और धोखाधड़ी जैसे खतरनाक काम करने की क्षमता दिखाई।

अमोडेई ने दिया तीन स्तरों वाला रास्ता

AI विकास को सुरक्षित बनाने के लिए अमोडेई ने तीन प्रमुख कदम सुझाए हैं। पहला, AI कंपनियों के अंदर स्वतंत्र सुरक्षा जांचकर्ताओं की भूमिका बढ़ाई जाए। इन विशेषज्ञों को AI मॉडलों की क्षमता और जोखिमों की जांच करने के लिए पर्याप्त पहुंच मिलनी चाहिए।

दूसरा, दुनिया की प्रमुख AI कंपनियां मिलकर सुरक्षा के कुछ सामान्य मानक तय करें। इससे कंपनियों के बीच ऐसी प्रतिस्पर्धा को कम किया जा सकता है जिसमें हर कंपनी दूसरी से आगे निकलने के लिए सुरक्षा को पीछे छोड़ दे।

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तीसरा, AI सुरक्षा को केवल कंपनियों या एक देश का मुद्दा न मानकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाया जाए। अमोडेई का मानना है कि शक्तिशाली AI के संभावित जोखिमों से निपटने के लिए अलग-अलग देशों के बीच बातचीत जरूरी होगी।

Sam Altman और Elon Musk ने किया समर्थन

अमोडेई की अपील को AI उद्योग के कुछ बड़े नामों का समर्थन भी मिला है। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा कि AI के सबसे उन्नत स्तर के विकास की रफ्तार को लेकर वह अमोडेई से सहमत हैं। उन्होंने बताया कि यह विषय हाल के हफ्तों में OpenAI की चर्चाओं का भी हिस्सा रहा है। Elon Musk ने भी अमोडेई की बात का समर्थन करते हुए कहा कि वह सही दिशा में बात कर रहे हैं।

हालांकि, इस विचार को लेकर पूरी टेक इंडस्ट्री एकमत नहीं है। कुछ विशेषज्ञों और नीति सलाहकारों का मानना है कि AI विकास को धीमा करने की कोशिश से तकनीकी प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। खासकर अमेरिका और चीन के बीच AI में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए यह मुद्दा केवल तकनीक तक सीमित नहीं रह गया है।

सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन की चुनौती

अमोडेई की चेतावनी ऐसे समय आई है जब AI कंपनियां अधिक शक्तिशाली मॉडल और स्वायत्त AI एजेंट विकसित करने की दौड़ में हैं। निवेश और कारोबार का बड़ा हिस्सा भी इसी उम्मीद पर टिका है कि अगली पीढ़ी की AI प्रणालियां पहले से कहीं ज्यादा काम खुद कर सकेंगी।

यही वजह है कि AI की रफ्तार कम करने की मांग आसान फैसला नहीं है। एक तरफ तेजी से विकास से नई तकनीक और आर्थिक अवसर पैदा हो सकते हैं, तो दूसरी तरफ पर्याप्त सुरक्षा के बिना शक्तिशाली AI के इस्तेमाल से नए खतरे भी सामने आ सकते हैं।

अब बहस इस बात पर है कि AI को रोकना नहीं, बल्कि उसकी प्रगति की रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सही संतुलन कैसे बनाया जाए। आने वाले समय में सरकारों, AI कंपनियों और स्वतंत्र विशेषज्ञों के बीच यही मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण चर्चाओं में से एक बन सकता है।

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