
AI में आसान कमाई खत्म? अनुभवी निवेशक बोले, अब Bitcoin बन सकता है अगला बड़ा दांव
अनुभवी मैक्रो निवेशक जोर्डी विसर का मानना है कि AI में आसान कमाई का दौर खत्म हो चुका है और अब Bitcoin अगले बड़े निवेश अवसर के रूप में उभर सकता है। जानिए उनके तर्क।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से जुड़ी कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। Nvidia, Microsoft और कई अन्य तकनीकी कंपनियों के शेयरों में तेज बढ़त ने AI को निवेश की दुनिया का सबसे चर्चित विषय बना दिया। लेकिन अब अनुभवी मैक्रो निवेशक जोर्डी विसर का मानना है कि AI से जुड़ी आसान कमाई का दौर काफी हद तक खत्म हो चुका है और अब Bitcoin निवेशकों के लिए अगला बड़ा अवसर बन सकता है।
विसर का कहना है कि AI क्षेत्र में कई प्रमुख कंपनियों का मूल्यांकन अब काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में भविष्य में पहले जैसी तेज बढ़त की संभावना सीमित हो सकती है। दूसरी ओर उनका मानना है कि Bitcoin अभी भी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान करता है।
AI शेयरों में क्यों बढ़ी सतर्कता?
जोर्डी विसर के अनुसार, AI क्रांति अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि यह तकनीक आने वाले वर्षों में भी दुनिया को बदलती रहेगी। हालांकि उनका मानना है कि निवेश के नजरिए से स्थिति पहले जैसी नहीं रही।
पिछले कुछ वर्षों में AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी तेजी आई है। इस दौरान कई कंपनियों का बाजार मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। ऐसे में अब निवेशकों की उम्मीदें भी काफी बढ़ चुकी हैं। यदि भविष्य के नतीजे इन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते, तो शेयरों में उतार चढ़ाव बढ़ सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी तेजी वाले क्षेत्र में शुरुआती निवेशकों को सबसे अधिक लाभ मिलता है। जैसे जैसे मूल्यांकन बढ़ता है, नए निवेशकों के लिए जोखिम भी बढ़ने लगता है।
Bitcoin को लेकर क्यों बढ़ा भरोसा?
विसर का मानना है कि Bitcoin अभी भी ऐसे चरण में है जहां संस्थागत निवेश लगातार बढ़ सकता है। उनका कहना है कि डिजिटल परिसंपत्तियों को लेकर बड़े वित्तीय संस्थानों की सोच पहले की तुलना में काफी सकारात्मक हुई है।
पिछले कुछ वर्षों में स्पॉट Bitcoin ETF, बड़ी कंपनियों की खरीदारी और कई देशों में नियामकीय स्पष्टता ने Bitcoin को मुख्यधारा के निवेश विकल्प के रूप में मजबूत किया है। इससे इसकी स्वीकार्यता भी बढ़ी है।
उनका तर्क है कि यदि AI वैश्विक अर्थव्यवस्था को अधिक उत्पादक बनाता है, तो उससे पैदा होने वाली नई पूंजी का कुछ हिस्सा Bitcoin जैसी सीमित आपूर्ति वाली परिसंपत्तियों में भी जा सकता है। इसी वजह से वह Bitcoin को अगले बड़े निवेश अवसर के रूप में देखते हैं।
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क्या AI और क्रिप्टो एक दूसरे के पूरक हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि AI और क्रिप्टो को एक दूसरे का प्रतिस्पर्धी मानना पूरी तरह सही नहीं होगा। दोनों क्षेत्रों का उपयोग अलग अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
AI का मुख्य उद्देश्य स्वचालन, डेटा विश्लेषण और उत्पादकता बढ़ाना है। वहीं Bitcoin और अन्य डिजिटल परिसंपत्तियां मूल्य संग्रह, डिजिटल भुगतान और वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था से जुड़ी हैं।
हाल के महीनों में कई निवेशकों ने AI और ब्लॉकचेन को साथ लेकर निवेश रणनीति बनानी शुरू की है। कुछ परियोजनाएं कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ब्लॉकचेन दोनों तकनीकों का उपयोग करके नए समाधान भी विकसित कर रही हैं।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक क्षेत्र की तेजी हमेशा लंबे समय तक एक जैसी नहीं रहती। AI कंपनियों में तेजी आने का मतलब यह नहीं कि उनमें निवेश का अवसर पूरी तरह समाप्त हो गया है। इसी तरह Bitcoin में संभावनाएं होने का मतलब यह भी नहीं कि जोखिम खत्म हो गया है।
विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों को केवल किसी एक लोकप्रिय विषय के पीछे भागने के बजाय अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखना चाहिए। मूल्यांकन, जोखिम और दीर्घकालिक संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश करना अधिक उचित माना जाता है।
फिलहाल जोर्डी विसर की टिप्पणी ने बाजार में नई चर्चा शुरू कर दी है। उनका मानना है कि AI की कहानी आगे भी जारी रहेगी, लेकिन निवेश के लिहाज से अगला बड़ा अवसर शायद Bitcoin में हो सकता है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि संस्थागत निवेशक इस बदलती धारणा के साथ किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
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