
भारत का क्रिप्टो बाजार बदला, Gen-Z और छोटे शहरों से बढ़ी नई निवेशकों की एंट्री
भारत के क्रिप्टो बाजार में Gen-Z और छोटे शहरों के निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। ZebPay और CoinSwitch के आंकड़े बताते हैं कि नई क्रिप्टो भागीदारी का बड़ा हिस्सा युवा और गैर-महानगरीय भारत से आ रहा है।

भारत के क्रिप्टो बाजार में निवेशकों का आधार तेजी से बदल रहा है। अब डिजिटल संपत्तियों में रुचि सिर्फ बड़े शहरों और अनुभवी निवेशकों तक सीमित नहीं है। 2026 के पहले छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि युवा निवेशक और Tier-2 तथा Tier-3 शहरों के लोग क्रिप्टो बाजार में नई भागीदारी बढ़ा रहे हैं।
BW Disrupt की रिपोर्ट के मुताबिक, ZebPay पर जनवरी से जून 2026 के बीच 1.2 लाख से अधिक नए उपयोगकर्ता जुड़े। इनमें करीब 50% की उम्र 18 से 24 साल के बीच थी। वहीं नए पंजीकरण में Tier-2 और Tier-3 शहरों की हिस्सेदारी करीब 62% रही। इससे संकेत मिलता है कि भारत में क्रिप्टो निवेश का दायरा महानगरों से बाहर भी तेजी से फैल रहा है।
Gen-Z बन रही नई क्रिप्टो निवेशक पीढ़ी
ZebPay के आंकड़ों में सबसे खास बात युवा निवेशकों की भागीदारी है। 18 से 24 साल की उम्र वाले लोगों ने नए पंजीकरण में लगभग आधी हिस्सेदारी दर्ज की। Gen-Z निवेशकों का खरीदारी वाला कारोबार उनकी बिक्री की तुलना में करीब 10 गुना ज्यादा रहा।
इससे पता चलता है कि इस उम्र वर्ग के निवेशक केवल खाता खोलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाजार में सक्रिय रूप से पैसा भी लगा रहे हैं। हालांकि, ये आंकड़े ZebPay के उपयोगकर्ताओं पर आधारित हैं और पूरे भारतीय क्रिप्टो बाजार की तस्वीर नहीं माने जा सकते।
युवा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है। CoinSwitch के Q2 2026 आंकड़ों के मुताबिक, 18 से 25 साल के निवेशकों ने नए निवेशकों में 54.4% हिस्सेदारी दर्ज की। 26 से 35 साल का वर्ग 25.4% के साथ दूसरे स्थान पर रहा। यानी दोनों आयु वर्ग मिलकर नए निवेशकों का करीब 80% हिस्सा बनाते हैं।
छोटे शहरों से आ रही बड़ी हिस्सेदारी
क्रिप्टो बाजार के विस्तार में सिर्फ उम्र नहीं, बल्कि भौगोलिक बदलाव भी महत्वपूर्ण है। ZebPay के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में नए पंजीकरण का करीब 62% हिस्सा Tier-2 और Tier-3 शहरों से आया। Tier-2 शहरों की हिस्सेदारी करीब 41% और Tier-3 शहरों की करीब 21% रही। बड़े शहरों और Tier-1 बाजारों से लगभग 38% नए पंजीकरण आए।
CoinSwitch के आंकड़े भी इसी दिशा में संकेत देते हैं। अप्रैल से जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश कुल निवेश में 12.9% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा राज्य रहा। महाराष्ट्र 12.4%, कर्नाटक 8.1% और दिल्ली 7.4% के साथ उसके बाद रहे। यानी क्रिप्टो निवेश अब सिर्फ मुंबई, दिल्ली या बेंगलुरु जैसे वित्तीय केंद्रों तक सीमित नहीं है।
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इंटरनेट और मोबाइल आधारित वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ छोटे शहरों के निवेशकों के लिए भी डिजिटल संपत्तियों तक पहुंच आसान हुई है।
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युवा निवेशक सिर्फ तेजी के पीछे नहीं भाग रहे
युवा निवेशकों को अक्सर क्रिप्टो के ज्यादा जोखिम वाले हिस्से से जोड़ा जाता है, लेकिन हालिया आंकड़े इससे कुछ अलग तस्वीर दिखाते हैं। WazirX के Gen Z आंकड़ों के अनुसार, उसके करीब 44.4% Gen-Z निवेशकों ने क्रिप्टो से ही अपनी निवेश यात्रा शुरू की। वहीं करीब 80% Gen-Z उपयोगकर्ता भारत के शीर्ष 10 शहरों के बाहर से आते हैं।
पोर्टफोलियो में भी कुछ संतुलन दिखाई देता है। WazirX के मुताबिक Gen-Z निवेशक अपने निवेश का करीब 25% स्थापित बड़ी क्रिप्टो संपत्तियों में, 16% Meme Coins में और 59% उपयोगिता आधारित श्रेणियों जैसे DeFi, Layer-2 और भुगतान से जुड़े टोकन में रखते हैं।
हालांकि, CoinSwitch के आंकड़े बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ पोर्टफोलियो में विविधता भी बढ़ती है। 18 से 25 साल के 59.2% निवेशकों के पास एक ही क्रिप्टो थी, जबकि 36 से 45 साल के वर्ग में यह आंकड़ा 36.3% था।
भारत के क्रिप्टो बाजार की बदलती तस्वीर
इन आंकड़ों से भारत के क्रिप्टो बाजार में तीन बड़े बदलाव दिखाई देते हैं। पहला, नए निवेशकों में युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। दूसरा, छोटे शहरों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। तीसरा, निवेशकों का व्यवहार उम्र और अनुभव के साथ बदलता दिखाई देता है।
हालांकि, इन सभी आंकड़ों को पूरे भारतीय बाजार का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता, क्योंकि वे अलग-अलग क्रिप्टो मंचों के उपयोगकर्ताओं के व्यवहार पर आधारित हैं। फिर भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म से सामने आ रहे समान रुझान यह संकेत देते हैं कि भारत में डिजिटल संपत्तियों की पहुंच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
आने वाले समय में नियामकीय बदलाव, कर व्यवस्था, बाजार की अस्थिरता और निवेशकों की वित्तीय समझ इस वृद्धि की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल इतना साफ है कि भारत का क्रिप्टो निवेशक अब सिर्फ महानगरों में रहने वाला युवा ट्रेडर नहीं है। छोटे शहरों और नई पीढ़ी की बढ़ती भागीदारी बाजार की अगली तस्वीर तैयार कर रही है।
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