
इतिहास के संकेतों में BTC सस्ता सौदा, क्या मौजूदा गिरावट बन सकती है खरीदारी का मौका?
Bitcoin अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 54% नीचे है। इतिहास और 200-दिन के औसत के संकेत बताते हैं कि मौजूदा गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए मौका हो सकती है, लेकिन जोखिम भी बरकरार है।

Bitcoin की कीमत में भारी गिरावट के बाद अब कुछ बाजार विश्लेषक इसे लंबे समय के निवेशकों के लिए आकर्षक मौका मान रहे हैं। उनका तर्क है कि Bitcoin के पिछले चार वर्षीय बाजार चक्रों में बड़ी गिरावट के बाद अक्सर मजबूत वापसी देखी गई है। मौजूदा कीमत भी पिछले रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी फिर से बड़ी तेजी की तैयारी कर रही है।
Yahoo Finance की रिपोर्ट के अनुसार, Bitcoin अपने पिछले सर्वकालिक उच्च स्तर से लगभग 54% नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि, बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ब्याज दरों, निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और संस्थागत निवेश के रुख से इसकी आगे की दिशा तय हो सकती है।
पिछले बाजार चक्रों से मिल रहा संकेत
Bitcoin का इतिहास बताता है कि इसकी कीमत में बड़ी गिरावट के बाद अक्सर तेज सुधार आया है। वर्ष 2017 की तेजी के बाद 2018 में Bitcoin करीब 84% गिरा था। इसके बाद 2020 और 2021 में इसमें जोरदार तेजी देखी गई। इसी तरह, 2022 में क्रिप्टो बाजार के संकट के दौरान Bitcoin की कीमत लगभग 77% तक टूट गई थी। इसके बाद 2023 से इसमें फिर सुधार शुरू हुआ और 2025 में कीमत ने नया रिकॉर्ड बनाया।
विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा गिरावट को केवल नुकसान के रूप में देखने के बजाय बाजार चक्र के एक हिस्से के तौर पर भी समझा जा सकता है। पिछले चक्रों में Bitcoin ने तब बेहतर प्रदर्शन किया जब बाजार में डर का माहौल था और छोटे निवेशक बाजार से बाहर निकल रहे थे।
हालांकि, इतिहास किसी भी कीमत की वापसी की गारंटी नहीं देता। पिछली तेजी के पीछे संस्थागत निवेश, क्रिप्टो को लेकर बढ़ती स्वीकार्यता और बाजार में उपलब्ध अतिरिक्त नकदी जैसे कई कारण थे। इसलिए इस बार भी समान परिस्थितियां बनना जरूरी होगा।
200-दिन के औसत से नीचे कीमत
Bitcoin के मौजूदा मूल्यांकन को समझने के लिए बाजार में 200-दिन के चल औसत का भी इस्तेमाल किया जाता है। यह संकेतक पिछले 200 कारोबारी दिनों की औसत कीमत को दर्शाता है और इससे लंबी अवधि की दिशा का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।
Bitcoin का 200-दिन के औसत से नीचे जाना अक्सर बाजार में कमजोरी का संकेत माना जाता है। लेकिन अतीत में ऐसे कई मौके आए हैं जब इस स्तर के नीचे गिरने के बाद Bitcoin ने लंबी अवधि में मजबूत वापसी की। Yahoo Finance की एक अन्य रिपोर्ट में भी बताया गया है कि Bitcoin का 200-दिन के औसत से नीचे जाना 2023 के बाद पहली बार देखने को मिला था। इसके बाद बाजार में सुधार की संभावना पर चर्चा तेज हुई।
फिर भी, इस संकेतक को अकेले देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। यदि कीमत लंबे समय तक इस औसत से नीचे रहती है, तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि बाजार में कमजोरी अभी खत्म नहीं हुई है।
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गिरावट के पीछे कई आर्थिक कारण
Bitcoin की कीमत में गिरावट केवल क्रिप्टो बाजार से जुड़ी समस्या नहीं है। अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ती आय, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और निवेशकों का जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाना भी इसकी कीमत पर असर डाल रहा है।
जब अमेरिकी बॉन्ड बेहतर रिटर्न देने लगते हैं, तो निवेशक Bitcoin जैसे जोखिम वाले साधनों से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों में लगा सकते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले भी बाजार की दिशा तय करते हैं। यदि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो क्रिप्टो में निवेश की मांग कमजोर रह सकती है।
हाल के दिनों में Bitcoin ने लगभग $79,000 के आसपास कारोबार किया है। बाजार की नजर अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की अगली बैठक पर है। महंगाई में कमी आने पर ब्याज दरों में राहत की उम्मीद बढ़ सकती है, जिससे Bitcoin को समर्थन मिल सकता है।
क्या निवेशकों को अभी खरीदारी करनी चाहिए?
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि जब बाजार में डर और निराशा बढ़ती है, तब लंबे समय के निवेशकों को बेहतर मूल्य मिल सकता है। Bitcoin की सीमित आपूर्ति, बढ़ती संस्थागत स्वीकार्यता और निवेश को आसान बनाने वाले साधनों के कारण इसके समर्थक इसे भविष्य की डिजिटल संपत्ति मानते हैं।
लेकिन दूसरी ओर, Bitcoin में 50% या उससे अधिक की गिरावट असामान्य नहीं है। किसी निवेशक को यह समझना जरूरी है कि कीमत में और गिरावट आ सकती है। यदि निवेशक कम समय में मुनाफा कमाने की उम्मीद से पैसा लगाता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Bitcoin में निवेश करने वालों को अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से छोटी रकम लगानी चाहिए। एक साथ पूरी पूंजी लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकता है। साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी को सुरक्षित बैंक जमा या निश्चित रिटर्न वाले निवेश की तरह नहीं देखना चाहिए।
फिलहाल इतिहास Bitcoin के पक्ष में कुछ संकेत जरूर देता है। लेकिन इसकी अगली बड़ी तेजी इस बात पर निर्भर करेगी कि बाजार में नकदी कितनी आती है, संस्थागत निवेशक कितना भरोसा दिखाते हैं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां किस दिशा में जाती हैं। मौजूदा गिरावट अवसर हो सकती है, लेकिन इसे जोखिम से मुक्त सौदा मानना सही नहीं होगा।
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