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Pratik Bhuyan
लेखक: Pratik Bhuyanस्टाफ संपादक
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Volo DeFi पर $3.5 Mn का हमला, वॉल्ट बंद कर फंड बचाने की कोशिश

Volo DeFi पर $3.5 Mn का साइबर हमला हुआ। वॉल्ट बंद कर दिए गए हैं और फंड रिकवरी की कोशिश जारी है। जानिए पूरा मामला।

Volo DeFi पर $3.5 Mn का हमला, वॉल्ट बंद कर फंड बचाने की कोशिश
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DeFi सेक्टर में एक और साइबर हमला सामने आया है। Sui नेटवर्क पर काम करने वाले Volo प्रोटोकॉल के वॉल्ट सिस्टम को निशाना बनाते हुए हमलावर ने करीब $3.5 Mn की डिजिटल संपत्ति निकाल ली। घटना के बाद टीम ने तुरंत सभी वॉल्ट को रोक दिया और जांच शुरू कर दी है।

प्रोटोकॉल ने कहा है कि यह हमला सीमित दायरे में हुआ है और बाकी फंड सुरक्षित हैं। फिर भी इस घटना ने एक बार फिर DeFi प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ हमला और क्या-क्या चोरी हुआ

Volo के अनुसार, हमलावर ने उसके कुछ खास वॉल्ट को निशाना बनाया, जहां अलग-अलग डिजिटल संपत्तियां रखी जाती हैं। इनमें Wrapped Bitcoin, USDC और सोने से जुड़ा टोकन शामिल था।

हमले के बाद करीब $3.5 Mn की रकम वॉल्ट से निकल गई। टीम ने बताया कि यह कमजोरी पूरे प्लेटफॉर्म में नहीं थी, बल्कि केवल कुछ वॉल्ट तक सीमित थी।

हालांकि, तकनीकी खामी क्या थी, यह अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्रोटोकॉल ने कहा है कि पूरी जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।

तुरंत उठाए गए कदम, वॉल्ट किए गए बंद

हमले का पता चलते ही Volo ने सभी वॉल्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इसका मकसद बाकी फंड को सुरक्षित रखना था। साथ ही Sui नेटवर्क की टीम और सुरक्षा विशेषज्ञों को भी सूचित किया गया।

कंपनी ने यह भी बताया कि करीब $28 Mn की बाकी जमा राशि सुरक्षित है और उस पर इस हमले का असर नहीं पड़ा है।

कुछ हिस्से की रकम को फ्रीज करने में भी टीम को सफलता मिली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब $500,000 तक की राशि को रोक लिया गया है, जबकि बाकी रकम अभी भी हमलावर के नियंत्रण में है।

फंड रिकवरी और भरोसा वापस लाने की चुनौती

Volo अब चोरी की रकम का पता लगाने और उसे वापस लाने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए ब्लॉकचेन जांच करने वाली एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

टीम ने यह भी कहा है कि नुकसान का बोझ उपयोगकर्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। यानी अगर रिकवरी पूरी नहीं होती है, तब भी निवेशकों को नुकसान से बचाने की योजना बनाई जाएगी।

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हालांकि, बाजार में सबसे बड़ी चुनौती भरोसा वापस लाने की है। DeFi में निवेशक सीधे स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट पर भरोसा करते हैं, और ऐसी घटनाएं उनके विश्वास को कमजोर करती हैं।

लगातार बढ़ रहे DeFi हमले

यह घटना ऐसे समय आई है जब DeFi सेक्टर पहले से ही कई बड़े हमलों से जूझ रहा है। हाल के हफ्तों में कई प्लेटफॉर्म पर करोड़ों डॉलर की चोरी हो चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे DeFi प्लेटफॉर्म पर पैसा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हमलावर भी नए तरीके खोज रहे हैं। खासकर वॉल्ट और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी कमजोरियां अब बड़े हमलों का कारण बन रही हैं।

तेजी से बढ़ते इस सेक्टर में सुरक्षा अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। एक छोटी तकनीकी गलती भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।

आगे क्या होगा

Volo ने कहा है कि वह पूरी जांच के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा, जिसमें हमले का कारण और सुधार के कदम बताए जाएंगे। तब तक वॉल्ट बंद रहेंगे और उपयोगकर्ता फंड निकाल नहीं पाएंगे।

निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि रिकवरी कितनी सफल होती है और प्रोटोकॉल भरोसा वापस कैसे बनाता है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि DeFi में मुनाफे के साथ जोखिम भी उतना ही बड़ा है।

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