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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

Ripple को बैंकिंग में बड़ी कामयाबी, Cross River के साथ जुड़ा RLUSD

ताजा खबरेंप्रकाशित17 अक्टू॰ 2026

Ripple की RLUSD स्टेबलकॉइन Cross River के बैंकिंग मंच से जुड़ गई है। इससे कंपनियों को डिजिटल और पारंपरिक भुगतान एक ही व्यवस्था से करने की सुविधा मिलेगी, लेकिन XRP की कीमत पर असर अलग कारकों पर निर्भर करेगा।

क्रिप्टो कंपनी Ripple ने पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था में अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अमेरिकी बैंक Cross River ने Ripple की डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन RLUSD को अपने मुख्य बैंकिंग मंच से जोड़ने की घोषणा की है। इस साझेदारी के जरिए वित्तीय तकनीक से जुड़ी कंपनियां एक ही व्यवस्था के माध्यम से डिजिटल मुद्रा में भुगतान, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और तत्काल भुगतान सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगी।

Yahoo Finance की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, यह एकीकरण 15 अक्टूबर को घोषित किया गया था। इसका उद्देश्य कंपनियों को अलग-अलग भुगतान सेवाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं पर निर्भर रहने के बजाय एक ही मंच से लेनदेन करने की सुविधा देना है। हालांकि, इस साझेदारी से Ripple के कारोबार को फायदा मिल सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि XRP टोकन की कीमत भी उसी अनुपात में बढ़ेगी।

एक ही मंच से डॉलर और RLUSD में भुगतान

Cross River के मुताबिक, उसकी बैंकिंग व्यवस्था में RLUSD को जोड़ने से वित्तीय तकनीक से जुड़ी कंपनियां अमेरिकी डॉलर और डिजिटल स्टेबलकॉइन के बीच लेनदेन कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें एक ही API कनेक्शन का इस्तेमाल करना होगा। API ऐसा तकनीकी माध्यम है, जिसके जरिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर और सेवाएं आपस में जुड़कर काम करती हैं।

इस सुविधा के तहत RLUSD के जरिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान और कारोबार से जुड़े धन का हस्तांतरण दिन-रात किया जा सकेगा। कंपनियों को पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं, जैसे ACH, वायर ट्रांसफर और तत्काल भुगतान की सुविधाएं भी इसी व्यवस्था में मिलेंगी।

Cross River के फिनटेक बैंकिंग प्रमुख Adam Goller के अनुसार, कंपनियों को दुनिया भर में पैसा भेजने के लिए कई अलग-अलग सेवा प्रदाताओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बैंक का मानना है कि इस एकीकरण से भुगतान की प्रक्रिया आसान हो सकती है।

हालांकि, यह सेवा फिलहाल अमेरिका के कुछ चुनिंदा राज्यों में ही उपलब्ध है।

RLUSD की बढ़ती मांग से Ripple को फायदा

RLUSD Ripple की डॉलर से जुड़ी डिजिटल मुद्रा है। इसका उद्देश्य एक टोकन का मूल्य लगभग $1 के बराबर बनाए रखना है। इसके लिए इसके पीछे रिजर्व संपत्तियां रखी जाती हैं। यह XRP से अलग है, क्योंकि XRP एक स्वतंत्र क्रिप्टो टोकन है, जबकि RLUSD का मूल्य अमेरिकी डॉलर से जुड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, RLUSD का कुल बाजार मूल्य $2.5 बिलियन से अधिक हो चुका है। इसमें से $1 बिलियन से ज्यादा टोकन XRP Ledger यानी XRPL पर जारी किए गए हैं। यह ब्लॉकचेन नेटवर्क डिजिटल संपत्तियों के लेनदेन और हस्तांतरण के लिए इस्तेमाल होता है।

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Ripple के लिए इस साझेदारी का महत्व यह है कि उसकी स्टेबलकॉइन अब बैंकिंग सेवाओं के साथ अधिक सीधे तरीके से जुड़ सकेगी। इससे उन कंपनियों के लिए इसे अपनाना आसान हो सकता है, जो पहले से Cross River की भुगतान व्यवस्था का इस्तेमाल करती हैं।

क्या इस साझेदारी से XRP की कीमत बढ़ेगी?

Ripple की बैंकिंग साझेदारी के बीच XRP की संभावित कीमत को लेकर भी चर्चा तेज है। Wealth coach Jacob Metzger ने अनुमान लगाया है कि XRP 2030 तक अपने कमजोर परिदृश्य में $100 और तेजी वाले परिदृश्य में $1,000 या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। उन्होंने 13 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच X पर अपने अनुमान साझा किए थे।

हालांकि, ये कीमत लक्ष्य बेहद आक्रामक अनुमान हैं और इनके समर्थन में कोई निश्चित आधार नहीं है। XRP की मौजूदा कीमत से इन स्तरों तक पहुंचने के लिए बाजार मूल्य में बहुत बड़ी बढ़ोतरी की जरूरत होगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RLUSD और XRP की भूमिका अलग-अलग है। RLUSD का इस्तेमाल भुगतान और धन हस्तांतरण के लिए किया जा सकता है, जबकि XRP का उपयोग XRPL पर लेनदेन शुल्क चुकाने और नेटवर्क के कुछ अन्य कामों में होता है। इसलिए RLUSD का कारोबार बढ़ने से XRP की मांग अपने आप उसी अनुपात में नहीं बढ़ती।

Ripple का लक्ष्य पारंपरिक वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच बढ़ाना

Cross River के साथ साझेदारी Ripple की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी हाल के महीनों में बैंकिंग, निवेश और डिजिटल संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़े कारोबारों के साथ सहयोग बढ़ा रही है। अक्टूबर में उसने निवेश मंच DriveWealth के साथ भी समझौते की घोषणा की थी, जिसके तहत डिजिटल संपत्तियों के जरिए निवेश से जुड़े भुगतान और निपटान की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

इन साझेदारियों से संकेत मिलता है कि Ripple अपनी तकनीक को केवल क्रिप्टो कारोबार तक सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी पारंपरिक वित्तीय सेवाओं में डिजिटल संपत्तियों को शामिल करने का प्रयास कर रही है।

फिलहाल Cross River के साथ हुआ समझौता Ripple के लिए एक अहम व्यावसायिक उपलब्धि है। लेकिन इसका दीर्घकालीन प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कितनी कंपनियां RLUSD को अपनाती हैं और इसका वास्तविक भुगतान कारोबार कितना बढ़ता है। निवेशकों के लिए Ripple की व्यावसायिक प्रगति और XRP टोकन की कीमत को अलग-अलग समझना जरूरी है।

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