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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखित ⁠, Staff Writer.Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षित ⁠, Staff Editor.

2026 तक बिटकॉइन $180,000 तक पहुँच सकता है: रिपल सीईओ ब्रैड गार्लिंगहाउस

ताजा खबरेंप्रकाशितDec 6, 2025

Ripple CEO Brad Garlinghouse ने कहा है कि 2026 के अंत तक Bitcoin की कीमत $180,000 तक पहुँच सकती है।

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पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार ने तेज़ उछालों से लेकर गहरी गिरावट तक कई उतार-चढ़ाव अनुभव किए हैं। इसके बावजूद, Ripple के CEO Brad Garlinghouse जैसे अनुभवी उद्योग नेताओं द्वारा बिटकॉइन (BTC) की कीमत लगभग $180,000 तक पहुंचने की भविष्यवाणी ने वैश्विक निवेशकों और विश्लेषकों का ध्यान एक बार फिर आकर्षित किया है।

उनका यह अनुमान केवल आशावाद पर आधारित नहीं है, बल्कि कई ठोस कारकों, जैसे बढ़ता संस्थागत निवेश, नियामक स्पष्टता की ओर बढ़ते कदम और क्रिप्टो परिसंपत्तियों की वास्तविक उपयोगिता, से प्रेरित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिकी और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में विनियामक ढाँचे स्पष्ट होते हैं, तो बड़े वित्तीय संस्थान क्रिप्टो में दीर्घकालिक निवेश बढ़ा सकते हैं, जिससे बिटकॉइन के लिए स्थिरता और मूल्य वृद्धि दोनों की संभावना मजबूत होगी।

हालांकि, इस अनुमान के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे उच्च बाज़ार अस्थिरता, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ और क्रिप्टो से जुड़े जोखिम जो निवेशकों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं। भारत जैसे देशों के लिए यह अनुमान विशेष महत्व रखता है, जहाँ क्रिप्टो अभी भी नियामक धुंधलके में है। ऐसे वैश्विक रुझान भारतीय निवेशकों को अवसरों के साथ-साथ सावधानी का संकेत भी देते हैं, ताकि वे समझदारी से निर्णय ले सकें।

क्यों है $180,000 का लक्ष्य?

Garlinghouse ने अमेरिका में आने वाले संभावित नियम, खासकर जिस कानून को अक्सर CLARITY Act कहा जाता है, को इस तेजी के लिए मुख्य कारण बताया। उनका कहना है कि जैसे ही क्रिप्टो को लेकर कानूनी अस्पष्टता ख़त्म होगी, पारंपरिक वित्तीय संस्थान बड़े पैमाने पर बाज़ार में प्रवेश करेंगे। बड़ी कंपनियाँ जैसे BlackRock, Vanguard और Fidelity Investments धीरे-धीरे क्रिप्टो में निवेश शुरू कर रही हैं, जिससे बाजार में स्थिरता व दीर्घकालीन निवेश की प्रवृत्ति देखने को मिल सकती है।

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रिपल सीईओ ब्रैड गार्लिंगहाउस ने यह भी कहा है कि बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी की उपयोगिता, जैसे टोकनाइज़ेशन, पेमेंट, Web3 इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ रही है। इससे क्रिप्टो सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि वैश्विक फाइनेंशियल सिस्टम का हिस्सा बन सकती है।

किन चुनौतियों पर ध्यान देना जरूरी है

हालाँकि यह दीर्घकालीन अनुमान आकर्षक है, लेकिन कुछ अस्थिरताएँ अभी भी मौजूद है। अभी बिटकॉइन की कीमत अक्टूबर में अपने रिकॉर्ड ऊंचाई ($126,000) से लगभग 25–30% नीचे है और कुछ हफ्तों पहले $88,500 तक गिरावट भी देखी गई थी।

चाहे यूएस में नियामक स्पष्टता के संकेत मिल रहे हों, लेकिन पूरी मंज़ूरी और उदार दृष्टिकोण अभी सुनिश्चित नहीं है। अगर नियामक बदलते हैं या वैश्विक आर्थिक स्थिति अस्थिर रहती है, तो निवेशकों की धारणा फिर बदल सकती है।

$180,000 पहुँचने के लिए बिटकॉइन को लगभग दोगुनी वृद्धि करनी होगी। यह तब संभव है जब न केवल नियम favorable हों, बल्कि वैश्विक निवेश व उपयोगिता दोनों मजबूत हों।

भारत और अन्य देशों के लिए क्या मायने हो सकते हैं?

भारत जैसे विकासशील देशों में, जहाँ क्रिप्टोकरेंसी अभी विनियामक अस्पष्टता में है, Garlinghouse के दावे एक प्रकार की प्रेरणा दे सकते हैं। अगर भविष्य में वैश्विक मार्किट मजबूत होती है, तो भारतीय निवेशकों के लिए क्रिप्टो निवेश फिर से आकर्षक हो सकता है।

भारत में क्रिप्टो एक्सचेंजों को स्थानीय और वैश्विक निवेशकों से पूँजी मिल सकती है। साथ ही, रेगुलेशन पर सकारात्मक बदलाव आए तो यह इंडस्ट्री दीर्घकाल में और स्थिर हो सकती है। लेकिन, भारत में अभी भी नियामक दृष्टिकोण, टैक्स की स्थिति, और क्रिप्टो से जुड़े कानूनी जोख़िम को समझना महत्वपूर्ण होगा।

निष्कर्ष

Brad Garlinghouse की $180,000 तक की भविष्यवाणी संकेत देती है कि क्रिप्टो बाज़ार सिर्फ अनुमान का नहीं, बल्कि स्थिर, दीर्घकालीन निवेश की दिशा में जा रही है। अगर अमेरिकी और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में नियम स्पष्ट हुए, संस्थागत धन प्रवाहित हुआ और क्रिप्टो की उपयोगिता बढ़ी, तो यह बिटकॉइन के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

फिर भी, निवेशकों को अभी सावधानी रखनी चाहिए। अस्थिरता, कानूनी अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक कारक परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। अंततः, क्रिप्टो में निवेश करना सिर्फ विश्वास या उम्मीदों पर नहीं, बल्कि समझ, रणनीति और जोखिम प्रबंधन पर निर्भर करता है।

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