Cointelegraph
DOGE$0.08054 5.05%
TRX$0.3185 2.13%
LINK$7.25 4.87%
ZEC$368.48 11.12%
ADA$0.1543 6.36%
XRP$1.08 5.09%
ETH$1,547 8.26%
BTC$60,589 3.14%
XMR$299.97 12.43%
BNB$573.75 3.26%
XLM$0.1952 2.18%
SOL$61.74 7.35%
HYPE$58.73 4.87%
Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखितstaff writerPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितstaff editor

भारत बनेगा AI महाशक्ति, Yotta का 2 अरब डॉलर निवेश

ताजा खबरेंप्रकाशितFeb 19, 2026

भारत की Yotta डेटा सर्विसेज ने 2 अरब डॉलर ($2 Bn) निवेश कर अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता संगणना केंद्र बनाने की घोषणा की है।

india-ai-superpower-yotta-nvidia-investment

भारत तेजी से AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में देश की प्रमुख डेटा केंद्र कंपनी Yotta डेटा सर्विसेज ने लगभग $2 Bn (करीब 16,600 करोड़ रुपये) का निवेश कर एक विशाल AI संगणना केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। यह केंद्र एशिया के सबसे बड़े AI अधोसंरचना केंद्रों में से एक होगा और भारत की तकनीकी क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

यह केंद्र अगस्त 2026 तक कार्य शुरू कर सकता है

इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक संगणक चिप्स की लगभग 20,000 से अधिक इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी, जो उच्च स्तर की गणना क्षमता प्रदान करेंगी। यह सुविधा उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित विशाल डेटा केंद्र परिसर में विकसित की जा रही है, जबकि अतिरिक्त क्षमता मुंबई से भी जुड़ी होगी। यह केंद्र अगस्त 2026 तक कार्य शुरू कर सकता है।

यह AI केंद्र शोध संस्थानों, नवाचार कंपनियों, सरकारी एजेंसियों और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों को अत्याधुनिक गणना सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे देश में AI आधारित अनुप्रयोगों, भाषा मॉडल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा होंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत के AI मिशन को मजबूत करेगा और विदेशी संगणना संसाधनों पर निर्भरता कम करेगा। इसके साथ ही देश के भीतर ही बड़े स्तर पर डेटा प्रसंस्करण संभव हो सकेगा, जिससे सुरक्षा और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ेगी।

भारत में डेटा केंद्र उद्योग का तेजी से विस्तार

Yotta समूह का यह कदम उस समय आया है जब भारत AI अधोसंरचना के निर्माण पर बड़े पैमाने पर ध्यान दे रहा है। हाल ही में विभिन्न कंपनियों ने भारत में AI और डेटा केंद्रों में अरबों डॉलर निवेश की घोषणा की है, जिससे देश वैश्विक तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

भारत में डेटा केंद्र उद्योग भी तेजी से विस्तार कर रहा है। देश में डिजिटल सेवाओं, मोबाइल उपयोग और इंटरनेट आधारित अनुप्रयोगों की बढ़ती मांग के कारण डेटा केंद्रों की क्षमता तेजी से बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र कई गुना विस्तार करने की संभावना रखता है।

क्या आप जानते हैं: AI में चीन की बढ़त, बदल सकता है डिजिटल मुद्रा का भविष्य

इस परियोजना से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होने की उम्मीद है। साथ ही भारत में तकनीकी अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल उद्योग को नई गति मिलेगी। यह परियोजना भारत को वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में अमेरिका और चीन जैसे देशों के साथ मजबूती से खड़ा करने में मदद करेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं है, बल्कि भारत की डिजिटल संप्रभुता और आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश में नई तकनीकी कंपनियों के लिए अवसर बढ़ेंगे और वैश्विक कंपनियां भी भारत में निवेश करने के लिए प्रेरित होंगी।

निष्कर्ष

Yotta डेटा सर्विसेज का $2 Bn का यह निवेश भारत के तकनीकी इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह परियोजना न केवल देश की AI क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक डिजिटल महाशक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगी। आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

ऐसी ही और ख़बरों और क्रिप्टो विश्लेषण के लिए हमें X पर फ़ॉलो करें, ताकि कोई भी अपडेट आपसे न छूटे!

Cointelegraph स्वतंत्र और पारदर्शी पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है। यह समाचार लेख Cointelegraph की संपादकीय नीति के अनुरूप तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य सटीक तथा समय पर जानकारी प्रदान करना है। पाठकों को जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें https://cointelegraph.in/editorial-policy

इस विषय पर अधिक