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Jai Singla द्वारा लिखितस्टाफ संपादकPratik Bhuyan द्वारा समीक्षितस्टाफ संपादक

Binance की $6.3 अरब की हैकिंग के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ, FBI ने हैकर समूह को ठहराया जिम्मेदार

ताजा खबरेंप्रकाशित2 नव॰ 2026

FBI ने Binance से हुई $6.3 अरब की क्रिप्टो चोरी के पीछे उत्तर कोरिया के हैकर समूह TraderTraitor का हाथ बताया है।

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance पर हुई करीब $6.3 अरब की साइबर चोरी के मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने बड़ा खुलासा किया है। FBI ने इस हमले के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि इसके पीछे देश से जुड़ा हैकर समूह TraderTraitor था। 29 अक्टूबर 2026 के आसपास हुई इस घटना को क्रिप्टो उद्योग की अब तक की सबसे बड़ी चोरी में से एक माना जा रहा है।

FBI ने 31 अक्टूबर को जारी साइबर सुरक्षा अलर्ट में बताया कि हैकर चोरी की गई डिजिटल संपत्तियों को मुख्य रूप से Ethereum में बदल रहे हैं। एजेंसी को आशंका है कि आगे इन संपत्तियों को विकेंद्रीकृत वित्त मंचों और तुरंत क्रिप्टो बदलने वाली सेवाओं के जरिए कई चरणों में भेजा जा सकता है, ताकि उनकी असली पहचान छिपाई जा सके।

इस मामले में FBI ने अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और Internal Revenue Service की आपराधिक जांच इकाई के साथ मिलकर काम किया है। एजेंसी ने निजी कंपनियों और क्रिप्टो क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं से संदिग्ध लेनदेन रोकने में सहयोग मांगा है।

TraderTraitor पर क्यों है FBI का शक?

FBI ने अपने अलर्ट में TraderTraitor को उत्तर कोरिया की दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों से जुड़ा बताया है। यह समूह पहले भी क्रिप्टोकरेंसी चोरी की कई बड़ी घटनाओं में सामने आ चुका है। अमेरिकी अधिकारियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूह डिजिटल संपत्तियों की चोरी को धन जुटाने के एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं।

इससे पहले 2025 में क्रिप्टो एक्सचेंज Bybit पर हुए बड़े साइबर हमले के लिए भी उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों पर आरोप लगा था। उस घटना में करीब $1.5 अरब की डिजिटल संपत्ति चोरी हुई थी। Binance मामले में भी शुरुआती जांच के दौरान निजी ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनियों ने TraderTraitor की संभावित भूमिका की ओर इशारा किया था।

अब FBI की आधिकारिक घोषणा ने इस संदेह को और मजबूत किया है। हालांकि, किसी साइबर हमले के पीछे किसी देश या समूह की भूमिका तय करना तकनीकी जांच का विषय होता है। FBI ने अपने अलर्ट में संदिग्ध डिजिटल वॉलेट पतों की सूची भी जारी की है, ताकि क्रिप्टो कंपनियां उनसे जुड़े लेनदेन की पहचान कर सकें।

चोरी की रकम को Ethereum में बदल रहे हैं हैकर

FBI के अनुसार, जांच में पता चला है कि हमलावर चोरी की गई संपत्तियों को मुख्य रूप से Ethereum में बदल रहे हैं। यह तरीका इसलिए अपनाया जा सकता है, क्योंकि अलग-अलग डिजिटल मुद्राओं के बीच संपत्ति बदलने से लेनदेन की कड़ी को समझना और धन के अंतिम ठिकाने का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।

एजेंसी को आशंका है कि हैकर आगे विकेंद्रीकृत वित्त यानी DeFi मंचों और तुरंत क्रिप्टो बदलने वाली सेवाओं का इस्तेमाल करेंगे। इन सेवाओं के जरिए एक डिजिटल मुद्रा को दूसरी मुद्रा में बदला जा सकता है। इससे चोरी की रकम को कई वॉलेट और नेटवर्क के बीच भेजकर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की जा सकती है।

इसी खतरे को देखते हुए FBI ने THORNode ऑपरेटरों, RPC नोड संचालकों, क्रिप्टो एक्सचेंजों, ब्लॉकचेन विश्लेषण कंपनियों और दूसरी डिजिटल संपत्ति सेवाओं से अपील की है कि वे जारी किए गए वॉलेट पतों से जुड़े लेनदेन को रोकें। एजेंसी का उद्देश्य चोरी की रकम को आगे भेजे जाने और उसे वैध दिखाने की कोशिशों पर लगाम लगाना है।

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Binance ने 90% नुकसान की भरपाई का दावा किया

हैकिंग की घटना के बाद Binance ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया था कि चोरी से हुए वित्तीय नुकसान का बोझ उन पर नहीं डाला जाएगा। कंपनी के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी Richard Teng ने कहा कि एक्सचेंज अपने संसाधनों से प्रभावित संपत्तियों की भरपाई करेगा।

Binance ने 31 अक्टूबर को बताया कि वह चोरी हुई डिजिटल संपत्तियों में से करीब 90% की भरपाई कर चुका है। इसके लिए कंपनी ने अपने कोष से नए टोकन खरीदे हैं। शेष 10% में ऐसे टोकन शामिल हैं जिनका बाजार में कारोबार कम होता है। ऐसे टोकन को बड़ी मात्रा में खरीदना आसान नहीं होता, इसलिए उनकी भरपाई में अधिक समय लग सकता है।

कंपनी ने सुरक्षा जांच के दौरान कुछ निकासी सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका था। इसके बाद 1 नवंबर को चरणबद्ध तरीके से कुछ डिजिटल संपत्तियों की निकासी दोबारा शुरू की गई। कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहकों के बैलेंस को सुरक्षित रखने के लिए उसके पास पर्याप्त संसाधन हैं।

क्रिप्टो उद्योग की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

Binance पर हुआ यह हमला एक बार फिर दिखाता है कि बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज भी साइबर हमलों से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना का असर केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, क्योंकि चोरी की गई संपत्तियों को दूसरे ब्लॉकचेन नेटवर्क और सेवाओं के जरिए भेजे जाने की आशंका है।

उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर समूहों पर पहले भी अरबों डॉलर की क्रिप्टो चोरी के आरोप लग चुके हैं। ऐसे मामलों में चोरी की रकम का पता लगाना और उसे वापस हासिल करना काफी मुश्किल होता है। यही वजह है कि FBI ने इस बार निजी क्षेत्र की कंपनियों से सीधे सहयोग मांगा है।

फिलहाल जांच एजेंसियों की प्राथमिकता चोरी की गई संपत्तियों की आवाजाही रोकना और उनसे जुड़े वॉलेट की निगरानी करना है। वहीं, Binance के सामने ग्राहकों का भरोसा बहाल करने और अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां कितनी चोरी की गई संपत्ति को फ्रीज कर पाती हैं और क्या हैकरों को आगे रकम स्थानांतरित करने से रोका जा सकता है।

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