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Rajeev Ranjan Roy द्वारा लिखित ⁠, Staff Writer.Pratik Bhuyan द्वारा समीक्षित ⁠, Staff Editor.

DeFi उद्योग को बड़ी राहत: अमेरिकी न्याय विभाग ने डेवलपर्स पर मनी ट्रांसमिटिंग चार्जेज़ में नरमी दिखाई

ताजा खबरेंप्रकाशितAug 23, 2025

अमेरिकी न्याय विभाग का यह रुख डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस और ओपन-सोर्स डेवलपमेंट समुदाय के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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मुख्य बिंदु

  • सिर्फ कोड लिखना अपराध नहीं, बिना गलत मंशा के नवाचार को मिलेगी स्वतंत्रता।
  • क्रिप्टो और ओपन-सोर्स समुदाय लंबे समय से इस चिंता में था कि कहीं उन्हें 18 USC 1960b1c कानून के अंतर्गत “अनलाइसेंस्ड मनी ट्रांसमिटिंग बिज़नेस” चलाने का आरोपी न ठहरा दिया जाए।
  • यह न केवल नवाचार को प्रोत्साहन देगा बल्कि डेवलपर्स को कानूनी अनिश्चितताओं से भी राहत दिलाएगा।

डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) उद्योग को उस समय बड़ी राहत मिली जब अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने स्पष्ट किया कि केवल कोड लिखना या तकनीकी नवाचार करना अपराध नहीं माना जाएगा। डोजे के एक्टिंग असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल मैथ्यू गैलियोटी ने अमेरिकन इनोवेशन प्रोजेक्ट (AIP) में अपने संबोधन के दौरान कहा कि "सिर्फ कोड लिखना, जब तक उसमें गलत मंशा न हो, अपराध नहीं है।"

गैलियोटी ने यह भी कहा कि मूल्य को सुरक्षित करने, स्थानांतरित करने और संपत्ति निर्माण के नए तरीके खोजने की प्रक्रिया, यदि गलत नीयत से न हो, तो अपराध की श्रेणी में नहीं आएगी।

कानूनी आशंकाओं से मुक्त हुए ओपन-सोर्स डेवलपर्स

क्रिप्टो और ओपन-सोर्स समुदाय लंबे समय से इस चिंता में था कि कहीं उन्हें 18 USC 1960b1c कानून के अंतर्गत “अनलाइसेंस्ड मनी ट्रांसमिटिंग बिज़नेस” चलाने का आरोपी न ठहरा दिया जाए। लेकिन गैलियोटी के बयान से अब यह स्पष्ट हो गया है कि बिना गलत इरादे के कोड योगदान देने वालों को इस कानून के तहत जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा।

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कॉइनबेस के चीफ लीगल ऑफिसर पॉल ग्रेवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि DOJ का यह रुख डेवलपर्स के लिए बड़ी जीत है।

उन्होंने विशेष तौर पर उल्लेख किया कि अगर सॉफ़्टवेयर वास्तव में विकेंद्रीकृत है और केवल पीयर-टू-पीयर ट्रांजैक्शन को स्वचालित करता है, तथा किसी तीसरे पक्ष का उपयोगकर्ताओं की संपत्तियों पर नियंत्रण नहीं है, तो डेवलपर्स पर कोई नया चार्ज नहीं लगाया जाएगा।

उद्योग जगत की खुशी

पैराडाइम की चीफ लीगल ऑफिसर केटी बाइबर ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका में डेवलपर्स लंबे समय से अनिश्चितता के माहौल में जी रहे थे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि “शिपिंग कोड अपराध नहीं है।”

उन्होंने गैलियोटी के बयान का हवाला देते हुए जोर दिया कि यदि कोई डेवलपर बिना गलत इरादे के तटस्थ टूल्स विकसित करता है, तो उसे दूसरों द्वारा किए गए दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।

नियामकीय पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सरकार डिजिटल एसेट्स से जुड़े अवैध वित्तीय लेन-देन से निपटने के उपायों पर विचार कर रही है। हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी ने GENIUS Act पारित होने के बाद जनता से इस विषय पर सुझाव भी मांगे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संतुलित दृष्टिकोण डेवलपर्स को नवाचार की स्वतंत्रता देगा, वहीं नियामक संस्थाओं को अवैध वित्तीय गतिविधियों पर नज़र रखने का अवसर भी प्रदान करेगा।

निष्कर्ष

अमेरिकी न्याय विभाग का यह रुख डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस और ओपन-सोर्स डेवलपमेंट समुदाय के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल नवाचार को प्रोत्साहन देगा बल्कि डेवलपर्स को कानूनी अनिश्चितताओं से भी राहत दिलाएगा। आने वाले समय में अमेरिका का यह दृष्टिकोण वैश्विक क्रिप्टो और ब्लॉकचेन नियमन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।

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